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पांच दिनों में लापरवाह शिक्षकों को देना होगा स्पष्टीकरण
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क्रमश: पांच दिनों में लापरवाह शिक्षकों को देना होगा स्पष्टीकरण
देवरिया। 17 अक्तूबर को परिषदीय विद्यालयों के औचक निरीक्षण में कई स्कूलों में ताला बंद कर एवं बिना सूचना के लापता रहने वाले प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को क्रमश: पांच दिनों में अपना स्पष्टीकरण देना होगा। हैरत की बात तो यह है कि कई जगह पूरा स्टॉफ ही अनुपस्थित मिला था।
लापरवाह शिक्षकों से स्पष्टीकरण के अंतर्गत पिछले 10 दिन में उनकी ओर से किए गए कार्यों से संबंधित शिक्षक डायरी, मिशन प्रेरणा एप, ऑपरेशन कायाकल्प, एमडीएम सहित अन्य विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए क्या प्रयास किए गए, इस संबंध में पूरा विवरण मांगा गया है। निर्धारित समय पर संपूर्ण अभिलेखों के साथ उपस्थित नहीं होने पर इनके खिलाफ विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बीएसए संतोष कुमार राय ने मंगलवार को बताया कि 17 अक्तूबर को बीईओ व विभिन्न जिला समन्वयकों की टीम बनाकर देवरिया सदर विकास खंड के करीब 140 परिषदीय स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया था। इसमें कई विद्यालयों में स्कूल समय में ताला बंद रहने, बिना सूचना के कई प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों, अनुदेशकों व शिक्षामित्रों के गायब रहने की पुष्टि हुई, जबकि कोविड-19 के समय में छात्र-छात्राओं के विद्यालय न आने की स्थिति में उन्हें ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने, विद्यालय अवधि के अतिरिक्त घर-घर जाकर उनको दिए गए गृहकार्य का मूल्यांकन करने के लिए कई बार निर्देश दिया जा चुका है। शासन की ओर से बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि बिना सूचना के जिले के शिक्षकों के स्कूलों से लापता रहने एवं विद्यालय बंद पाए जाने से छात्रों के मौलिक अधिकार के हनन की पुष्टि होती है।
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अनुपस्थित मिले शिक्षकों को क्रमवार 29 व 31 अक्तूबर एवं 2, 3 व 4 नवंबर को अपना स्पष्टीकरण देना होगा। बीएसए ने बताया कि लापता मिले शिक्षक को इससे संबंधित वाजिब कारण एवं शासन की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के संबंध में उन्होंने पिछले 10 दिन में क्या किया, इस संबंध में पूरे विवरण के साथ अपना पक्ष रखना होगा। ऐसा नहीं किए जाने पर नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
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देवरिया। 17 अक्तूबर को परिषदीय विद्यालयों के औचक निरीक्षण में कई स्कूलों में ताला बंद कर एवं बिना सूचना के लापता रहने वाले प्रधानाध्यापकों व शिक्षकों को क्रमश: पांच दिनों में अपना स्पष्टीकरण देना होगा। हैरत की बात तो यह है कि कई जगह पूरा स्टॉफ ही अनुपस्थित मिला था।
लापरवाह शिक्षकों से स्पष्टीकरण के अंतर्गत पिछले 10 दिन में उनकी ओर से किए गए कार्यों से संबंधित शिक्षक डायरी, मिशन प्रेरणा एप, ऑपरेशन कायाकल्प, एमडीएम सहित अन्य विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए क्या प्रयास किए गए, इस संबंध में पूरा विवरण मांगा गया है। निर्धारित समय पर संपूर्ण अभिलेखों के साथ उपस्थित नहीं होने पर इनके खिलाफ विभागीय स्तर पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
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बीएसए संतोष कुमार राय ने मंगलवार को बताया कि 17 अक्तूबर को बीईओ व विभिन्न जिला समन्वयकों की टीम बनाकर देवरिया सदर विकास खंड के करीब 140 परिषदीय स्कूलों का औचक निरीक्षण किया गया था। इसमें कई विद्यालयों में स्कूल समय में ताला बंद रहने, बिना सूचना के कई प्रधानाध्यापकों व सहायक अध्यापकों, अनुदेशकों व शिक्षामित्रों के गायब रहने की पुष्टि हुई, जबकि कोविड-19 के समय में छात्र-छात्राओं के विद्यालय न आने की स्थिति में उन्हें ऑनलाइन शिक्षा उपलब्ध कराने, विद्यालय अवधि के अतिरिक्त घर-घर जाकर उनको दिए गए गृहकार्य का मूल्यांकन करने के लिए कई बार निर्देश दिया जा चुका है। शासन की ओर से बेसिक शिक्षा में सुधार के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, हालांकि बिना सूचना के जिले के शिक्षकों के स्कूलों से लापता रहने एवं विद्यालय बंद पाए जाने से छात्रों के मौलिक अधिकार के हनन की पुष्टि होती है।
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अनुपस्थित मिले शिक्षकों को क्रमवार 29 व 31 अक्तूबर एवं 2, 3 व 4 नवंबर को अपना स्पष्टीकरण देना होगा। बीएसए ने बताया कि लापता मिले शिक्षक को इससे संबंधित वाजिब कारण एवं शासन की ओर से चलाई जा रही योजनाओं के संबंध में उन्होंने पिछले 10 दिन में क्या किया, इस संबंध में पूरे विवरण के साथ अपना पक्ष रखना होगा। ऐसा नहीं किए जाने पर नियमानुसार उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।