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Deoria News: खसरा-खतौनी में दर्ज नहीं हुए नाम, विस्तारित क्षेत्र में कैसे हों विकास के काम
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बीते साल नगर पालिका में शामिल हुए हैं 23 गांव, यहां की भू-संपत्तियों पर दर्ज है ग्राम सभाओं के नाम
खसरा-खतौनी में नाम न होने के चलते नगर पालिका शासन को नहीं भेज पा रही प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका को सीमा विस्तार के बाद अलग-अलग गांवों में सौ एकड़ से अधिक भू-संपत्ति हाथ लगी है। इन जमीनों पर नगर पालिका नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने, तालाब, पोखरों का सौंदर्यीकरण व नए पार्क बनाने की तैयारी में जुटी थी, मगर इस कार्ययोजना पर ब्रेक लग गया है। कारण कि विस्तारित इलाकों की सार्वजनिक भू-संपत्तियों पर पालिका का नाम दर्ज नहीं है। निर्माण कार्यों के लिए शासन से बजट की मांग तभी हो पाएगी जब खसरा-खतौनी में नाम दर्ज होगा।
नगर पालिका का सीमा विस्तार 15 सितंबर 2022 को हुुआ। दो माह के भीतर विस्तारित इलाके की संपत्तियों पर नगर पालिका का नाम दर्ज हो जाना चाहिए था। चुुनाव नजदीक आने के चलते जनप्रतिनिधि व अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। चुनाव बीतने के बाद नगर पालिका ग्रामसभाओं से मिले भवन व भू-संपत्तियों को उपयोगी बनाने में जुटी है। इससे टैक्सी स्टैंड, वाहन पार्किंग के इंतजाम में सहूलियत मिलेगी। साथ ही खलिहान, चारागाह व आबादी की भूमि पर पार्क, ओपन जिम, खेल के मैदान आदि नागरिक सुविधाओं को विकसित किया जा सकेगा।
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पंचायत भवनों में खुलने हैं जोन ऑफिस व विवाह भवन
नगर पालिका में शामिल हुए सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक पंचायत भवन बने हैं। इनका उपयोग नगर पालिका विवाह भवन व जोन ऑफिस के रूप में करेगी। यहां जलकल के उपकरण व कूड़ा वाहन रखे जाएंगे। ताकि नगर निगम की तर्ज पर शहरवासियों को सुविधाएं मुहैया कराई जा सके। इसी प्रकार बड़े परिसर वाले पंचायत भवन बनाया जाएगा। इनकी बुकिंग से नगर पालिका के राजस्व में इजाफा होगा।
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ओपन जिम और पार्क बनाने की तैयारी
विस्तारित इलाकों में कई जगह चारागाह, आबादी व खलिहान की भूमि उपलब्ध है। यहां नगर पालिका ओपन जिम, खेल के मैदान व पार्क बनाने की योजना पर काम कर रही है। शासकीय बजट व कर-करेतर से हुुई आय से नगर पालिका यह काम कराएगी।
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पीपीपी मॉडल से बनेंगे व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स
जो गांव नगर पालिका में शामिल हुए हैं, इनमें ज्यादातर का शहरीकरण पहले से हो चुका है। यहां आबादी, खलिहान की भूमि पर नगर पालिका पीपीपी (प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप) के जरिए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाएगी। इससे जो राजस्व प्राप्त होगा उसे नगर के विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा।
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जलाशयोंं का होगा जीर्णोद्धार
नगर के विस्तारित इलाकों में करीब 15 से 20 जलाशय हैं। इनमें कइयों का अस्तित्व सिर्फ कागजों मेंं है। नगर पालिका इन जलाशयों के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना बना रही है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाना है।
-- -- -- -- -- - कोट:
नगर के विस्तारित इलाकों में खलिहान, पंचायत भवन, चारागाह, आबादी की भूमि, ट्यूबेल, जलाशय आदि संपत्तियां मौजूद हैं। इनके उपयोग व जीर्णोद्धार का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। भवन व भू-संपत्तियों पर खसरा-खतौनी मेंं नाम दर्ज न होने होने के चलते शासन से बजट प्राप्त करने में कठिनाई होगी। इसके लिए उप जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। - अलका सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद देवरिया
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खसरा-खतौनी में नाम न होने के चलते नगर पालिका शासन को नहीं भेज पा रही प्रस्ताव
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका को सीमा विस्तार के बाद अलग-अलग गांवों में सौ एकड़ से अधिक भू-संपत्ति हाथ लगी है। इन जमीनों पर नगर पालिका नागरिक सुविधाओं का विस्तार करने, तालाब, पोखरों का सौंदर्यीकरण व नए पार्क बनाने की तैयारी में जुटी थी, मगर इस कार्ययोजना पर ब्रेक लग गया है। कारण कि विस्तारित इलाकों की सार्वजनिक भू-संपत्तियों पर पालिका का नाम दर्ज नहीं है। निर्माण कार्यों के लिए शासन से बजट की मांग तभी हो पाएगी जब खसरा-खतौनी में नाम दर्ज होगा।
नगर पालिका का सीमा विस्तार 15 सितंबर 2022 को हुुआ। दो माह के भीतर विस्तारित इलाके की संपत्तियों पर नगर पालिका का नाम दर्ज हो जाना चाहिए था। चुुनाव नजदीक आने के चलते जनप्रतिनिधि व अधिकारियों ने इस पर ध्यान नहीं दिया। चुनाव बीतने के बाद नगर पालिका ग्रामसभाओं से मिले भवन व भू-संपत्तियों को उपयोगी बनाने में जुटी है। इससे टैक्सी स्टैंड, वाहन पार्किंग के इंतजाम में सहूलियत मिलेगी। साथ ही खलिहान, चारागाह व आबादी की भूमि पर पार्क, ओपन जिम, खेल के मैदान आदि नागरिक सुविधाओं को विकसित किया जा सकेगा।
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पंचायत भवनों में खुलने हैं जोन ऑफिस व विवाह भवन
नगर पालिका में शामिल हुए सभी ग्राम पंचायतों में एक-एक पंचायत भवन बने हैं। इनका उपयोग नगर पालिका विवाह भवन व जोन ऑफिस के रूप में करेगी। यहां जलकल के उपकरण व कूड़ा वाहन रखे जाएंगे। ताकि नगर निगम की तर्ज पर शहरवासियों को सुविधाएं मुहैया कराई जा सके। इसी प्रकार बड़े परिसर वाले पंचायत भवन बनाया जाएगा। इनकी बुकिंग से नगर पालिका के राजस्व में इजाफा होगा।
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ओपन जिम और पार्क बनाने की तैयारी
विस्तारित इलाकों में कई जगह चारागाह, आबादी व खलिहान की भूमि उपलब्ध है। यहां नगर पालिका ओपन जिम, खेल के मैदान व पार्क बनाने की योजना पर काम कर रही है। शासकीय बजट व कर-करेतर से हुुई आय से नगर पालिका यह काम कराएगी।
पीपीपी मॉडल से बनेंगे व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स
जो गांव नगर पालिका में शामिल हुए हैं, इनमें ज्यादातर का शहरीकरण पहले से हो चुका है। यहां आबादी, खलिहान की भूमि पर नगर पालिका पीपीपी (प्राइवेट पब्लिक पार्टनरशिप) के जरिए व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स बनाएगी। इससे जो राजस्व प्राप्त होगा उसे नगर के विकास कार्यों में खर्च किया जाएगा।
जलाशयोंं का होगा जीर्णोद्धार
नगर के विस्तारित इलाकों में करीब 15 से 20 जलाशय हैं। इनमें कइयों का अस्तित्व सिर्फ कागजों मेंं है। नगर पालिका इन जलाशयों के जीर्णोद्धार की कार्ययोजना बना रही है। इसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाना है।
नगर के विस्तारित इलाकों में खलिहान, पंचायत भवन, चारागाह, आबादी की भूमि, ट्यूबेल, जलाशय आदि संपत्तियां मौजूद हैं। इनके उपयोग व जीर्णोद्धार का प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है। भवन व भू-संपत्तियों पर खसरा-खतौनी मेंं नाम दर्ज न होने होने के चलते शासन से बजट प्राप्त करने में कठिनाई होगी। इसके लिए उप जिलाधिकारी को पत्र लिखा गया है। - अलका सिंह, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद देवरिया