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Deoria News: आपात स्थिति में 17 गर्भवती का कर्मियों ने कराया एंबुलेंस में प्रसव

Fri, 16 Feb 2024 01:46 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 16 Feb 2024 01:46 AM IST
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n, 17 pregnant women were delivered in an
-महिला के लिए वरदान बन रही 102 नंबर एंबुलेंस
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-अप्रैल 2023 से अब तक 17, 811 गर्भवती को पहुंचाया अस्पताल
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जननी सुरक्षा योजना के तहत 102 एंबुलेंस जिले की गर्भवती के लिए वरदान साबित हो रही है। इस सुविधा से ग्रामीण क्षेत्र की गर्भवती को अस्पताल लाने और घर पहुंचाने में मदद मिल रही है। साथ ही एंबुलेंस से अस्पताल जाते समय प्रसव पीड़ा बढ़ने और हालत बिगड़ने पर एंबुलेंस कर्मियों ने ही सुरक्षित प्रसव कराया। वह मातृ शिशु मृत्यु दर में कमी लाने में मददगार बन रहे हैं।
अप्रैल 2023 से अब तक 17811 गर्भवती को अस्पताल ले जाने और घर छोड़ने की सुविधा दी गई है। इस दौरान 17 गर्भवती का सुरक्षित प्रसव एंबुलेंस में ही कराया गया। भागलपुर ब्लॉक के एकौना गांव निवासी रघुवीर की पत्नी नीतू देवी (27) ने अस्पताल जाते समय एंबुलेंस में बच्ची को जन्म दिया। रघुवीर ने बताया कि सोमवार की सुबह नीतू को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, तो गांव की आशा कार्यकर्ता पुष्पा देवी को बुलाने के साथ 102 नंबर एंबुलेंस को भी सूचना दी। दस मिनट बाद एंबुलेंस घर पहुंची।
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एंबुलेंस कर्मी आशा कार्यकर्ता के साथ नीतू को लेकर अस्पताल जा रहे थे। रास्ते में ही एकौना मोड़ ईंट भट्ठे के पास नीतू को प्रसव पीड़ा तेज हुई और उसकी हालत बिगड़ने लगी। यह देख एंबुलेंस चालक रंजीत ने ईएमटी अवनीश कुमार के कहने पर गाड़ी रोकी। ईएमटी और आशा ने सूझबूझ के साथ महिला का प्रसव एंबुलेंस में कराया। महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया। इसके बाद एंबुलेंस दोनों को लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र परसिया चंदौर पहुंची और भर्ती कराया। रघुवीर ने बताया कि जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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एंबुलेंस की सुविधा से न केवल दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों को लाभ पहुंचा है, बल्कि एंबुलेंस के जरिये स्वास्थ्य केंद्र पहुंचकर भर्ती होने में भी सुविधा रहती है। इतना ही नहीं रास्ते में कोई आपात स्थिति होने पर प्रशिक्षित स्टॉफ काफी हद तक स्थिति को संभाल भी लेते हैं। अक्सर ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाली महिलाओं को प्रसव के समय अस्पताल पहुंचने में परेशानी होती है। इसके लिए एंबुलेंस चालकों को सुरक्षित और ट्रैफिक से मुक्त रास्तों के जरिये जल्द से जल्द नजदीक के प्रसव केंद्र पर पहुंचाने को कहा गया है। प्रसव के बाद महिला को जांच के लिए 45 दिन तक और बच्चे को टीकाकरण और स्वास्थ्य जांच के लिए दो वर्ष तक 102 एंबुलेंस की सुविधा दी जाती है।
-डॉ. राजेश झा, सीएमओ
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