{"_id":"663be3ef5ef673cb17025f76","slug":"murder-for-45-inch-land-deoria-news-c-208-1-deo1004-125141-2024-05-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: पंचों की सहमति को दरकिनार कर भतीजे ने कर दिया चाचा का कत्ल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: पंचों की सहमति को दरकिनार कर भतीजे ने कर दिया चाचा का कत्ल
Thu, 09 May 2024 02:13 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 09 May 2024 02:13 AM IST
विज्ञापन
मृतक मुमताज का सूनसान मकान।संवाद
फोटो समाचार......
पंचायत में 4.5 इंच जमीन छोड़कर दीवार चलाने की बनी थी सहमति
मुमताज की हत्या के दूसरे दिन गांव में पसरा सन्नाटा, हटाई गई पुलिस
गिरफ्तारी के लिए पुलिस दे रही दबिश, आरोपी घर छोड़कर फरार
संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। थाना क्षेत्र के ग्राम बंजरिया के पोखरभिण्डा टोले पर सोमवार को दो भाइयों के बीच जमीन विवाद को लेकर हुई पंचायत में दोनों पक्षों में सहमति बन गई थी। लेकिन, पंचों की सहमति को दरकिनार कर एक पक्ष के नदीम ने मंगलवार को चाचा का कत्ल कर दिया। पंचायत में मौजूद पंचों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत की सहमति मानकर दोनों पक्ष दीवार चलाए होते तो खूनी संघर्ष नहीं होता।
बंजरिया गांव के पोखरभिण्डा टोला के रहने वाले अहमद खान के छह बेटे हैं। उन्होंने अपने जीते जी सभी बेटों में जमीन का बंटवारा कर दिया है। खुद एक बीघा जमीन लेकर अलग रहते हैं। बड़े बेटा मुमताज (55) और इन्ताफ़ (52) का हिस्सा अगल-बगल है। दोनों के घर की नौ इंच की दीवार साझे में है। इन्त्ताफ को घर के पीछे अपने हिस्से में मकान बनाना था। मुमताज पीछे घर बनाने की स्थिति में अभी नहीं थे।
इस बात को लेकर गांव के पंचों ने सोमवार को पंचायत की थी। इसमें तय किया गया था कि इन्ताफ़ घर के पीछे की दीवार 4.5 इंच छोड़कर अपने हिस्से में चलाएंगे। जब मुमताज को पीछे घर बनाना होगा तो वह उसी दीवार से सटाकर 4.5 इंच की दीवार चला लेंगे। पंचों के मुताबिक, इस बात पर पंचायत में दोनों पक्षों में सहमति बन गई थी। दोनों पक्ष हंसी-खुशी राजी हो गए। किन्तु अगले दिन मंगलवार को न जाने क्यों इन्ताफ़ बड़े भाई मुमताज के हिस्से की 4.5 इंच जमीन को पकड़ कर दीवार चलाने लगे। इसी बात को लेकर दोनों तरफ से कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते बात बिगड़ गई और मारपीट हो गई।
विज्ञापन
इस दौरान इन्ताफ़ के बेटा नदीम ने चाचा मुमताज पर डंडे से वार कर दिया और इस दौरान सिर पर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। बुधवार को गांव के पंच इस बात पर अफसोस जताते हुए कह रहे थे कि यदि पंचायत की रजामंदी को मानकर इन्ताफ़ ने दीवार चलाई होती तो दो भाइयों के बीच खूनी संषर्घ नहीं हुआ होता।
कोट
सीओ संजय रेड्डी ने बताया कि आरोपियों की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं। पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही फरार सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।
मुमताज की हत्या के दूसरे दिन गांव में पसरा सन्नाटा
मुमताज की हत्या के दूसरे दिन बुधवार को गांव में सन्नाटा पसरा था। उनके घर शोक संवेदना जताने आने वालों को देखते ही अचानक सन्नाटे के बीच रोने की आवाज सुनाई देने लगती थी। दूसरी ओर घर के एक कमरे में मुमताज की घायल पत्नी रैला खातून (50) गुमसुम बैठी थीं।
मुमताज की पत्नी का पुलिस ने कराया मेडिकल
मंगलवार की सुबह जमीन विवाद में मृतक मुमताज की पत्नी रैला खातून (50) के सिर में भी गंभीर चोट आई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद देर शाम पुलिस ने एंबुलेंस से घायल रैला खातून को सीएचसी तरकुलवा भेजकर मेडिकल कराया। उनकी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर भी पुलिस मुकदमे में धारा तरमीम कर सकती है। इधर, बुधवार को गांव में एक भी पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं थी।
पुलिस दे रही दबिश, आरोपी घर छोड़कर फरार
मुमताज की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। घटना के बाद से ही आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। हालांकि, इस मामले की एक महिला आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। थानाध्यक्ष रणजीत सिंह के मुताबिक, मृतक मुमताज के बेटे अब्दुल बकर की तहरीर पर पुलिस ने इन्त्ताफ, नदीम, नवीन सरवन, नूरजहां और उमर की पत्नी के खिलाफ गैरइरादतन हत्या, मारपीट व बलवा की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी है। इसमें से एक महिला आरोपी उमर की पत्नी को घटना के तत्काल बाद ही महिला पुलिसकर्मियों ने घर के भीतर से दबोच लिया था। अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
बेटी के निकाह की हसरत रह गई अधूरी
मुमताज के नाम आठ कट्ठा कृषि भूमि है। परिवार में पत्नी रैला खातून, तीन बेटे क्रमशः अब्दुल बकर, शोएब, फैजल, एक बिटिया जखिरुन निशा और बड़े बेटे की पत्नी हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि मुमताज बेटी के हाथ पीले करने के लिए वर की तलाश में थे। वह अक्सर अपने परिवारीजनों और पड़ोसियों से इस बात का जिक्र किया करते थे। उनकी तमन्ना थी की एक बेटी है, उसका निकाह कोई अच्छा घर-वर देखकर करेंगे। मगर, कौन जानता था कि उनकी यह हसरत अधूरी रह जाएगी। उनकी घायल पत्नी रैला और परिवार के अन्य सदस्य बिटिया के हाथ पीले करने की उनकी चाहत को याद कर फफक रहे हैं।
विज्ञापन
पंचायत में 4.5 इंच जमीन छोड़कर दीवार चलाने की बनी थी सहमति
मुमताज की हत्या के दूसरे दिन गांव में पसरा सन्नाटा, हटाई गई पुलिस
गिरफ्तारी के लिए पुलिस दे रही दबिश, आरोपी घर छोड़कर फरार
संवाद न्यूज एजेंसी
तरकुलवा। थाना क्षेत्र के ग्राम बंजरिया के पोखरभिण्डा टोले पर सोमवार को दो भाइयों के बीच जमीन विवाद को लेकर हुई पंचायत में दोनों पक्षों में सहमति बन गई थी। लेकिन, पंचों की सहमति को दरकिनार कर एक पक्ष के नदीम ने मंगलवार को चाचा का कत्ल कर दिया। पंचायत में मौजूद पंचों और ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत की सहमति मानकर दोनों पक्ष दीवार चलाए होते तो खूनी संघर्ष नहीं होता।
बंजरिया गांव के पोखरभिण्डा टोला के रहने वाले अहमद खान के छह बेटे हैं। उन्होंने अपने जीते जी सभी बेटों में जमीन का बंटवारा कर दिया है। खुद एक बीघा जमीन लेकर अलग रहते हैं। बड़े बेटा मुमताज (55) और इन्ताफ़ (52) का हिस्सा अगल-बगल है। दोनों के घर की नौ इंच की दीवार साझे में है। इन्त्ताफ को घर के पीछे अपने हिस्से में मकान बनाना था। मुमताज पीछे घर बनाने की स्थिति में अभी नहीं थे।
विज्ञापन
इस बात को लेकर गांव के पंचों ने सोमवार को पंचायत की थी। इसमें तय किया गया था कि इन्ताफ़ घर के पीछे की दीवार 4.5 इंच छोड़कर अपने हिस्से में चलाएंगे। जब मुमताज को पीछे घर बनाना होगा तो वह उसी दीवार से सटाकर 4.5 इंच की दीवार चला लेंगे। पंचों के मुताबिक, इस बात पर पंचायत में दोनों पक्षों में सहमति बन गई थी। दोनों पक्ष हंसी-खुशी राजी हो गए। किन्तु अगले दिन मंगलवार को न जाने क्यों इन्ताफ़ बड़े भाई मुमताज के हिस्से की 4.5 इंच जमीन को पकड़ कर दीवार चलाने लगे। इसी बात को लेकर दोनों तरफ से कहासुनी होने लगी। देखते ही देखते बात बिगड़ गई और मारपीट हो गई।
विज्ञापन
इस दौरान इन्ताफ़ के बेटा नदीम ने चाचा मुमताज पर डंडे से वार कर दिया और इस दौरान सिर पर चोट लगने से उनकी मौत हो गई। बुधवार को गांव के पंच इस बात पर अफसोस जताते हुए कह रहे थे कि यदि पंचायत की रजामंदी को मानकर इन्ताफ़ ने दीवार चलाई होती तो दो भाइयों के बीच खूनी संषर्घ नहीं हुआ होता।
कोट
सीओ संजय रेड्डी ने बताया कि आरोपियों की तलाश में टीमें लगा दी गई हैं। पुलिस लगातार दबिश दे रही है। जल्द ही फरार सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाएगा।
मुमताज की हत्या के दूसरे दिन गांव में पसरा सन्नाटा
मुमताज की हत्या के दूसरे दिन बुधवार को गांव में सन्नाटा पसरा था। उनके घर शोक संवेदना जताने आने वालों को देखते ही अचानक सन्नाटे के बीच रोने की आवाज सुनाई देने लगती थी। दूसरी ओर घर के एक कमरे में मुमताज की घायल पत्नी रैला खातून (50) गुमसुम बैठी थीं।
मुमताज की पत्नी का पुलिस ने कराया मेडिकल
मंगलवार की सुबह जमीन विवाद में मृतक मुमताज की पत्नी रैला खातून (50) के सिर में भी गंभीर चोट आई है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने के बाद देर शाम पुलिस ने एंबुलेंस से घायल रैला खातून को सीएचसी तरकुलवा भेजकर मेडिकल कराया। उनकी मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर भी पुलिस मुकदमे में धारा तरमीम कर सकती है। इधर, बुधवार को गांव में एक भी पुलिसकर्मी की तैनाती नहीं थी।
पुलिस दे रही दबिश, आरोपी घर छोड़कर फरार
मुमताज की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। घटना के बाद से ही आरोपी घर छोड़कर फरार हैं। हालांकि, इस मामले की एक महिला आरोपी को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है। थानाध्यक्ष रणजीत सिंह के मुताबिक, मृतक मुमताज के बेटे अब्दुल बकर की तहरीर पर पुलिस ने इन्त्ताफ, नदीम, नवीन सरवन, नूरजहां और उमर की पत्नी के खिलाफ गैरइरादतन हत्या, मारपीट व बलवा की धाराओं में केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश में जुटी है। इसमें से एक महिला आरोपी उमर की पत्नी को घटना के तत्काल बाद ही महिला पुलिसकर्मियों ने घर के भीतर से दबोच लिया था। अन्य आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।
बेटी के निकाह की हसरत रह गई अधूरी
मुमताज के नाम आठ कट्ठा कृषि भूमि है। परिवार में पत्नी रैला खातून, तीन बेटे क्रमशः अब्दुल बकर, शोएब, फैजल, एक बिटिया जखिरुन निशा और बड़े बेटे की पत्नी हैं। आसपास के लोगों ने बताया कि मुमताज बेटी के हाथ पीले करने के लिए वर की तलाश में थे। वह अक्सर अपने परिवारीजनों और पड़ोसियों से इस बात का जिक्र किया करते थे। उनकी तमन्ना थी की एक बेटी है, उसका निकाह कोई अच्छा घर-वर देखकर करेंगे। मगर, कौन जानता था कि उनकी यह हसरत अधूरी रह जाएगी। उनकी घायल पत्नी रैला और परिवार के अन्य सदस्य बिटिया के हाथ पीले करने की उनकी चाहत को याद कर फफक रहे हैं।