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Deoria News: मेडिकल कॉलेज में प्रसव के बाद जच्चा बच्चा की मौत, परिवार वालों का हंगामा
Mon, 12 Oct 2026 12:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 12 Oct 2026 12:17 AM IST
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देवरिया/सुरौली। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में शनिवार की रात प्रसव के बाद जच्चा-बच्चा की मौत हो गई। घटना से नाराज परिवार वालों ने डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने समझा-बुझाकर उन्हें शांत कराया। घटना के बाद परिवार में मातम छा गया।
कोतवाली क्षेत्र के मलकौली निवासी राहुल गुप्ता की शादी 22 नवंबर 2025 को गुड़िया से हुई थी। यह उनका पहला बच्चा था। परिवार वालों के अनुसार, शनिवार की सुबह करीब 10 बजे गर्भवती गुड़िया को मेडिकल कॉलेज लाया गया। डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा दी गई, फिर परिवार वाले उन्हें घर ले गए।
शाम करीब पांच बजे दर्द बढ़ने पर दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टरों ने उन्हें दो घंटे टहलाने की सलाह दी।
परिवार वालों के मुताबिक, रात करीब 11:30 बजे गुड़िया ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद उन्हें लेबर रूम में जाने नहीं दिया गया। कुछ देर बाद गुड़िया की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें ऑक्सीजन देने के साथ दवाएं दी गईं।
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आरोप है कि हालत गंभीर होने पर अस्पताल कर्मचारियों ने उन्हें कहीं और ले जाने को कहा। एंबुलेंस तक पहुंचने पर चालक ने महिला की मौत होने की बात कहकर ले जाने से मना कर दिया।
इसके बाद परिवार वालों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और कर्मचारियों ने समय रहते स्थिति की सही जानकारी नहीं दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया।
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कोतवाली क्षेत्र के मलकौली निवासी राहुल गुप्ता की शादी 22 नवंबर 2025 को गुड़िया से हुई थी। यह उनका पहला बच्चा था। परिवार वालों के अनुसार, शनिवार की सुबह करीब 10 बजे गर्भवती गुड़िया को मेडिकल कॉलेज लाया गया। डॉक्टर को दिखाने के बाद दवा दी गई, फिर परिवार वाले उन्हें घर ले गए।
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शाम करीब पांच बजे दर्द बढ़ने पर दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टरों ने उन्हें दो घंटे टहलाने की सलाह दी।
परिवार वालों के मुताबिक, रात करीब 11:30 बजे गुड़िया ने बेटे को जन्म दिया। इसके बाद उन्हें लेबर रूम में जाने नहीं दिया गया। कुछ देर बाद गुड़िया की तबीयत बिगड़ने लगी और उन्हें ऑक्सीजन देने के साथ दवाएं दी गईं।
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आरोप है कि हालत गंभीर होने पर अस्पताल कर्मचारियों ने उन्हें कहीं और ले जाने को कहा। एंबुलेंस तक पहुंचने पर चालक ने महिला की मौत होने की बात कहकर ले जाने से मना कर दिया।
इसके बाद परिवार वालों ने अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों और कर्मचारियों ने समय रहते स्थिति की सही जानकारी नहीं दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया।