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आठ दिन बाद गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मिला लापता मजदूर
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आठ दिन बाद गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मिला लापता मजदूर
खुखुंदू। क्षेत्र के अहिरौली गांव से आठ दिन पूर्व लापता मजदूर बृहस्पतिवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मिला है। गांव वाले मजदूर को उसके पिता को सौंप दिए। पिता बेटे को लेकर बैकुंठपुर साइट पर चला गया। बिहार प्रांत के नालंदा जिला के थाना तेलडा अंतर्गत ग्राम धर्मदिगहां, नइमा निवासी संजीवन कुमार (18) तीन सप्ताह पूर्व क्षेत्र के अहिरौली गांव में आया था। उसके साथ गांव के अन्य कई साथी और पिता विनय चौहान भी मजदूरी करने आए।
हालांकि पिता दूसरे साइड पर बैकुंठपुर काम करने चले गए। अहिरौली गांव में पेयजल व्यवस्था के लिए जल निगम द्वारा बोरिंग का कार्य चल रहा है। बीते 14 जून को गांव से संजीवन कुमार मजदूर अचानक गायब हो गया। अन्य साथियों ने मजदूर साथी की आस-पास खोजबीन की। जब उसका पता नहीं चला तो उसके पिता को सूचना दी गई। वह भी आनन-फानन में अहिरौली गांव पहुंचा। उसने बेटे की तलाश शुरू की। सबसे पहले उसने गांव से आए अन्य मजदूरों से जो क्षेत्र के अलग-अलग साइट पर काम कर रहे थे फोन से बात कर जानकारी ली। मगर हर जगह से निराशा ही हाथ लगी। अहिरौली गांव वाले भी मजदूर की तलाश में जुट गए। उधर पिता ने बेटे की तलाश के लिए पुलिस से गुहार लगाई।
उधर, गांव के युवाओं ने मजदूर को खोज निकाला। गांव के विशाल यादव, संदीप कुमार, नीतीश कुमार, अर्जुन, चंदन समेत आठ युवाओं की टीम बुधवार को मजदूर की खोजबीन करते गोरखपुर पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन पर संजीवन मिल गया। संजीवन का कहना है कि मन नहीं लगने से गांव जाने के लिए भटनी चला गया, वहां से गांव जाने के लिए ट्रेन पकड़ी। भटककर गोरखपुर आ गया। पिता संजीवन को लेकर अपने साइट पर चले गए। उसने बताया कि शुक्रवार को गांव लेकर चला जाऊंगा।
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खुखुंदू। क्षेत्र के अहिरौली गांव से आठ दिन पूर्व लापता मजदूर बृहस्पतिवार को गोरखपुर रेलवे स्टेशन पर मिला है। गांव वाले मजदूर को उसके पिता को सौंप दिए। पिता बेटे को लेकर बैकुंठपुर साइट पर चला गया। बिहार प्रांत के नालंदा जिला के थाना तेलडा अंतर्गत ग्राम धर्मदिगहां, नइमा निवासी संजीवन कुमार (18) तीन सप्ताह पूर्व क्षेत्र के अहिरौली गांव में आया था। उसके साथ गांव के अन्य कई साथी और पिता विनय चौहान भी मजदूरी करने आए।
हालांकि पिता दूसरे साइड पर बैकुंठपुर काम करने चले गए। अहिरौली गांव में पेयजल व्यवस्था के लिए जल निगम द्वारा बोरिंग का कार्य चल रहा है। बीते 14 जून को गांव से संजीवन कुमार मजदूर अचानक गायब हो गया। अन्य साथियों ने मजदूर साथी की आस-पास खोजबीन की। जब उसका पता नहीं चला तो उसके पिता को सूचना दी गई। वह भी आनन-फानन में अहिरौली गांव पहुंचा। उसने बेटे की तलाश शुरू की। सबसे पहले उसने गांव से आए अन्य मजदूरों से जो क्षेत्र के अलग-अलग साइट पर काम कर रहे थे फोन से बात कर जानकारी ली। मगर हर जगह से निराशा ही हाथ लगी। अहिरौली गांव वाले भी मजदूर की तलाश में जुट गए। उधर पिता ने बेटे की तलाश के लिए पुलिस से गुहार लगाई।
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उधर, गांव के युवाओं ने मजदूर को खोज निकाला। गांव के विशाल यादव, संदीप कुमार, नीतीश कुमार, अर्जुन, चंदन समेत आठ युवाओं की टीम बुधवार को मजदूर की खोजबीन करते गोरखपुर पहुंचे थे। रेलवे स्टेशन पर संजीवन मिल गया। संजीवन का कहना है कि मन नहीं लगने से गांव जाने के लिए भटनी चला गया, वहां से गांव जाने के लिए ट्रेन पकड़ी। भटककर गोरखपुर आ गया। पिता संजीवन को लेकर अपने साइट पर चले गए। उसने बताया कि शुक्रवार को गांव लेकर चला जाऊंगा।
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