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डेंगू के प्रति जागरूकता जरूरी : सीडीओ
Fri, 17 May 2024 02:42 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 17 May 2024 02:42 AM IST
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कलक्ट्रेट सभागार में डेंगू दिवस पर गोष्ठी का हुआ आयोजन
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने डेंगू के प्रति सचेत किया। इसमें बीमारी को लेकर लोगों को जागरूक करने और प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।
सीडीओ प्रत्युष पांडेय ने कहा कि डेंगू एक खतरनाक बीमारी है। यदि व्यक्ति जागरूक रहे तो इस भयानक बीमारी से बच सकता है। कहा कि ऐसा नहीं है कि डेंगू लाइलाज बीमारी है। डेंगू का उपचार है। यदि व्यक्ति समय से जांच कराकर उपचार लेता है तो उसके जीवन को आसानी से बचाया जा सकता है।
सीडीओ ने कहा कि महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में 20 बेड, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड मच्छरदानी सहित आरक्षित किए जाएंगे, जरूरत पड़ने पर बेड बढ़ाएं जाएंगे। वार्ड में मरीजों के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि ब्लॉक क्षेत्रों में जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाए।
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सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि डेंगू के लक्षणों के बावजूद समय से जांच न होने की स्थिति में जब इसका बुखार छठवें से आठवें दिन में पहुंचता है तो खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन ऐसे मरीज भी समय से अस्पताल आएं तो भर्ती कर ठीक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर डेंगू की जांच किट निशुल्क उपलब्ध है।
साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू को लेकर अर्बन देवरिया के आठ वार्ड सहित भाटपाररानी, भटनी और सलेमपुर ब्लॉक के एक-एक गांवों को पिछले साल अधिक केस होने के कारण संवेदनशील श्रेणी में रखा है। जहां लोगों को डेंगू से बचाव की जानकारी देने के साथ साफ-सफाई, लार्वा सर्वे, सोर्स रिडक्शन, एंटीलार्वा छिड़काव स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अन्य विभाग के सहयोग से किया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि आमतौर पर बारिश का मौसम शुरू होने के बाद जुलाई से लेकर नवंबर तक डेंगू का पीक सीजन होता है, हालांकि, साफ पानी का स्टोरेज किसी भी महीने और कहीं भी होने पर वहां डेंगू के मच्छर का लार्वा पनपने की आशंका होती है। कहा कि मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में प्रतिदिन 10 से 12 यूनिट प्लेटलेट्स तैयार हो रहा है। डेंगू संक्रमण के दौरान ब्लड बैंक में 20 से 25 यूनिट प्लेटलेट्स तैयार किया जाता है।
इस दौरान एसीएमओ वेक्टर बार्न डीजीज डॉ. संजय गुप्ता, एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, डीपीआर सर्वेश कुमार पांडेय, डीपीओ कृष्णकांत राय, बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, डीएमओ सीपी मिश्रा, डिप्टी सीएमओ डॉ. आरपी यादव, ईओ अंकिता शुक्ला, एफआई रितेश शाही, यूनिसेफ के डीएमसी अरशद जमाल सहित सीफार और पाथ के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सभी मिल कर करें प्रयास
जिला मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर बृहस्पतिवार को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि छत एवं घर के आसपास अनुपयोगी सामग्री इकट्ठा न होने दें। हफ्ते में एक बार टीन, डिब्बा, बाल्टी का पानी खाली कर दें और दोबारा उपयोग के लिए उनको सुखाएं। हर सप्ताह कूलर का पानी खाली कर दें और सूखा कर ही पानी भरें। पानी के बर्तन और टंकी आदि को ढंग कर रखें। हैंडपंप के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। घर के आसपास के गड्ढों को मिट्टी से ढक दें। साफ जमा पानी में मिट्टी का तेल या इंजन का जला तेल डालें। दिन में भी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। इस साल राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम है-कनेक्ट विद कम्युनिटी, कंट्रोल डेंगू । यह थीम इस तथ्य का समर्थन करती है कि सभी के प्रयासों से ही डेंगू से बचाव, नियंत्रण और इसके प्रसार को रोका जा सकता है।
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देवरिया। राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में जागरूकता गोष्ठी का आयोजन किया गया। स्वास्थ्य अधिकारियों ने डेंगू के प्रति सचेत किया। इसमें बीमारी को लेकर लोगों को जागरूक करने और प्रचार-प्रसार के निर्देश दिए गए।
सीडीओ प्रत्युष पांडेय ने कहा कि डेंगू एक खतरनाक बीमारी है। यदि व्यक्ति जागरूक रहे तो इस भयानक बीमारी से बच सकता है। कहा कि ऐसा नहीं है कि डेंगू लाइलाज बीमारी है। डेंगू का उपचार है। यदि व्यक्ति समय से जांच कराकर उपचार लेता है तो उसके जीवन को आसानी से बचाया जा सकता है।
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सीडीओ ने कहा कि महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज में 20 बेड, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर पांच-पांच बेड मच्छरदानी सहित आरक्षित किए जाएंगे, जरूरत पड़ने पर बेड बढ़ाएं जाएंगे। वार्ड में मरीजों के लिए पर्याप्त दवा उपलब्ध रहेगी। उन्होंने कहा कि ब्लॉक क्षेत्रों में जागरूकता संबंधी गतिविधियों का आयोजन किया जाए।
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सीएमओ डॉ. राजेश झा ने कहा कि डेंगू के लक्षणों के बावजूद समय से जांच न होने की स्थिति में जब इसका बुखार छठवें से आठवें दिन में पहुंचता है तो खतरा भी ज्यादा बढ़ जाता है। लेकिन ऐसे मरीज भी समय से अस्पताल आएं तो भर्ती कर ठीक हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि सभी प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर पर डेंगू की जांच किट निशुल्क उपलब्ध है।
साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू को लेकर अर्बन देवरिया के आठ वार्ड सहित भाटपाररानी, भटनी और सलेमपुर ब्लॉक के एक-एक गांवों को पिछले साल अधिक केस होने के कारण संवेदनशील श्रेणी में रखा है। जहां लोगों को डेंगू से बचाव की जानकारी देने के साथ साफ-सफाई, लार्वा सर्वे, सोर्स रिडक्शन, एंटीलार्वा छिड़काव स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा अन्य विभाग के सहयोग से किया जाएगा।
सीएमओ ने बताया कि आमतौर पर बारिश का मौसम शुरू होने के बाद जुलाई से लेकर नवंबर तक डेंगू का पीक सीजन होता है, हालांकि, साफ पानी का स्टोरेज किसी भी महीने और कहीं भी होने पर वहां डेंगू के मच्छर का लार्वा पनपने की आशंका होती है। कहा कि मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक में प्रतिदिन 10 से 12 यूनिट प्लेटलेट्स तैयार हो रहा है। डेंगू संक्रमण के दौरान ब्लड बैंक में 20 से 25 यूनिट प्लेटलेट्स तैयार किया जाता है।
इस दौरान एसीएमओ वेक्टर बार्न डीजीज डॉ. संजय गुप्ता, एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र कुमार चौधरी, डीपीआर सर्वेश कुमार पांडेय, डीपीओ कृष्णकांत राय, बीएसए शालिनी श्रीवास्तव, डीएमओ सीपी मिश्रा, डिप्टी सीएमओ डॉ. आरपी यादव, ईओ अंकिता शुक्ला, एफआई रितेश शाही, यूनिसेफ के डीएमसी अरशद जमाल सहित सीफार और पाथ के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
सभी मिल कर करें प्रयास
जिला मलेरिया अधिकारी सीपी मिश्रा ने बताया कि राष्ट्रीय डेंगू दिवस पर बृहस्पतिवार को सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। उन्होंने कहा कि छत एवं घर के आसपास अनुपयोगी सामग्री इकट्ठा न होने दें। हफ्ते में एक बार टीन, डिब्बा, बाल्टी का पानी खाली कर दें और दोबारा उपयोग के लिए उनको सुखाएं। हर सप्ताह कूलर का पानी खाली कर दें और सूखा कर ही पानी भरें। पानी के बर्तन और टंकी आदि को ढंग कर रखें। हैंडपंप के आसपास पानी इकट्ठा न होने दें। घर के आसपास के गड्ढों को मिट्टी से ढक दें। साफ जमा पानी में मिट्टी का तेल या इंजन का जला तेल डालें। दिन में भी पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें। इस साल राष्ट्रीय डेंगू दिवस की थीम है-कनेक्ट विद कम्युनिटी, कंट्रोल डेंगू । यह थीम इस तथ्य का समर्थन करती है कि सभी के प्रयासों से ही डेंगू से बचाव, नियंत्रण और इसके प्रसार को रोका जा सकता है।