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किसानों की आय वृद्धि के लिए नई तकनीक जरूरी : डाॅ. तुषार बेहेरा
Sat, 27 Apr 2024 02:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 27 Apr 2024 02:28 AM IST
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फोट़ो-
कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना भाटपार रानी में कृषि वैज्ञानिक सलाहकार समिति में उपस्थित कृषि वैज्ञानिक
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी की ओर से संचालित कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना भाटपाररानी की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई।
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉक्टर तुषार कांति बेहेरा ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किए जाने वाले कार्यों की सराहना करते कहा कि केंद्र द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई नई तकनीक जरूरी है। प्रधान वैज्ञानिक डा नीरज सिंह ने कहा कि गांव का सर्वे कर प्राथमिकता के आधार पर गांव में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करके सफल तकनीकों को पूरे गांव में फैलाया जाए।
जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने कहा कि गन्ना की ट्रेंच एवम रिंग पिट विधि से बुआई की जाए। अतिथियों का स्वागत करते हुए केंद्र के अध्यक्ष डॉ मान्धाता सिंह ने केंद्र का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। डॉ. रजनीश श्रीवास्तव एवम डाॅ. कमलेश मीना ने अपने विषय के प्रगति प्रतिवेदन तथा वर्ष 2024 की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
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बैठक में डाॅ. सतीश चांद गौड़, सूरज शुक्ला डीडीएम नाबार्ड ने भी अपने सुझाव दिए। इस दौरान सीसा हब गोरखपुर के वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान, एफपीओ के निदेशक, एनजीओ के निदेशक के साथ महिला कृषक आदि मौजूद रहे।
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कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना भाटपार रानी में कृषि वैज्ञानिक सलाहकार समिति में उपस्थित कृषि वैज्ञानिक
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी। भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान वाराणसी की ओर से संचालित कृषि विज्ञान केंद्र मल्हना भाटपाररानी की वैज्ञानिक सलाहकार समिति की बैठक आयोजित हुई।
भारतीय सब्जी अनुसंधान संस्थान के निदेशक डॉक्टर तुषार कांति बेहेरा ने कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा किए जाने वाले कार्यों की सराहना करते कहा कि केंद्र द्वारा किसानों की आय बढ़ाने के लिए नई नई तकनीक जरूरी है। प्रधान वैज्ञानिक डा नीरज सिंह ने कहा कि गांव का सर्वे कर प्राथमिकता के आधार पर गांव में प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करके सफल तकनीकों को पूरे गांव में फैलाया जाए।
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जिला कृषि अधिकारी मृत्युंजय सिंह ने कहा कि गन्ना की ट्रेंच एवम रिंग पिट विधि से बुआई की जाए। अतिथियों का स्वागत करते हुए केंद्र के अध्यक्ष डॉ मान्धाता सिंह ने केंद्र का प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। डॉ. रजनीश श्रीवास्तव एवम डाॅ. कमलेश मीना ने अपने विषय के प्रगति प्रतिवेदन तथा वर्ष 2024 की कार्ययोजना प्रस्तुत की।
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बैठक में डाॅ. सतीश चांद गौड़, सूरज शुक्ला डीडीएम नाबार्ड ने भी अपने सुझाव दिए। इस दौरान सीसा हब गोरखपुर के वैज्ञानिक, प्रगतिशील किसान, एफपीओ के निदेशक, एनजीओ के निदेशक के साथ महिला कृषक आदि मौजूद रहे।