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24 को डोली में होगी दुल्हन की विदाई
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अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। पकड़ी बाजार क्षेत्र के बरडीहा गांव में रविवार को खुद पालकी और बरातियों को 11 बैलगाड़ियों में लेकर पहुंचा दूल्हा सोमवार को बोलेरो से घर लौट गया। अब दुल्हन की विदाई 24 जून को होगी। उसकी विदाई के लिए गांव में डोली रखी गई है।
बरडीहा निवासवी रामायन पाल की दूसरी बेटी सरिता पाल की शादी देवरिया जिले के कुसहरी निवासी छोटे लाल पाल से तय थी। दूल्हे ने जब बैलगाड़ी से बरात लेकर आने की सूचना ससुराल वालों को दी तो उन्होंने पहले विरोध किया। समझाने पर बाद में मान गए। दुल्हन के चचेरे भाई राजकुमार ने बताया कि सरिता के भाई और पिता नहीं है। वह तीन बहनें है। एक की शादी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि रविवार को कुसहरी से बरात सज कर बरडिहागांव रात आठ बजे आई तो कौतूहल मच गया। लग्जरी गाड़ी की जगह बैलगाड़ी पर दूल्हा 11 बैलगाड़ियों के काफिले के साथ शादी रचाने आए थे। बैलगाड़ी पर डोली भी रखी है। उसने बताया कि सरिता की मां सुशीला देवी भी देखकर बरात काफी खुश हुई। बैलगाड़ी आने के बाद गाड़ीवानों को भूसा चोकर दिया गया। वह खाना खाने के बाद रात में ही वापस हो लिए। बरातियों को पूड़ी पुलाव, पनीर, आलू परवर, सलाद खाने में परोसा गया। दो बजे शादी संपन्न हुई। सुबह आठ बजे दूल्हा छोटेलाल पाल बोलेरो से अपने चला गया।
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देवरिया। पकड़ी बाजार क्षेत्र के बरडीहा गांव में रविवार को खुद पालकी और बरातियों को 11 बैलगाड़ियों में लेकर पहुंचा दूल्हा सोमवार को बोलेरो से घर लौट गया। अब दुल्हन की विदाई 24 जून को होगी। उसकी विदाई के लिए गांव में डोली रखी गई है।
बरडीहा निवासवी रामायन पाल की दूसरी बेटी सरिता पाल की शादी देवरिया जिले के कुसहरी निवासी छोटे लाल पाल से तय थी। दूल्हे ने जब बैलगाड़ी से बरात लेकर आने की सूचना ससुराल वालों को दी तो उन्होंने पहले विरोध किया। समझाने पर बाद में मान गए। दुल्हन के चचेरे भाई राजकुमार ने बताया कि सरिता के भाई और पिता नहीं है। वह तीन बहनें है। एक की शादी हो चुकी है। उन्होंने बताया कि रविवार को कुसहरी से बरात सज कर बरडिहागांव रात आठ बजे आई तो कौतूहल मच गया। लग्जरी गाड़ी की जगह बैलगाड़ी पर दूल्हा 11 बैलगाड़ियों के काफिले के साथ शादी रचाने आए थे। बैलगाड़ी पर डोली भी रखी है। उसने बताया कि सरिता की मां सुशीला देवी भी देखकर बरात काफी खुश हुई। बैलगाड़ी आने के बाद गाड़ीवानों को भूसा चोकर दिया गया। वह खाना खाने के बाद रात में ही वापस हो लिए। बरातियों को पूड़ी पुलाव, पनीर, आलू परवर, सलाद खाने में परोसा गया। दो बजे शादी संपन्न हुई। सुबह आठ बजे दूल्हा छोटेलाल पाल बोलेरो से अपने चला गया।
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