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Deoria News: कस्तूरबा बालिका विद्यालयों के पुरुष कर्मचारियों को मिली अंतरिम राहत, हुआ नवीनीकरण
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25 अप्रैल को आए आदेश के बाद 10 से 15 साल से कार्य कर रहे कर्मचारी हो गए थे परेशान, ली थी कोर्ट की शरण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद में संचालित 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पुरुष कर्मचारी इस सत्र में पुन: कार्य करेंगे। न्यायालय से अंतरिम आदेश पाने के बाद विभाग ने इनका नवीनीकरण कर दिया है। इससे जहां इन कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है वहीं इन विद्यालयों की वार्डेन ने भी इस कदम को अच्छा बताया है।
शासन की ओर से 25 अप्रैल को आए एक आदेश ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में तैनात पुरुष कर्मचारियों के जीवन में हलचल मचा दिया था। इसके अंतर्गत यह कहा गया था कि अब इन विद्यालयों में केवल महिला कर्मचारी ही तैनात रहेंगी, चाहे वह शिक्षक हो चपरासी या चौकीदार। नए आदेश के बाद से ही जनपद के कुल 39 पुरुष कर्मचारी इससे प्रभावित हुए थे। इसमें नौ पार्ट टाइम शिक्षक व आठ एकाउंटेंट व 11 चपरासी व 11 चौकीदार शामिल थे और इससे वह सड़क पर आने को मजबूर हो गए थे। कुछ कर्मचारियों ने तो अन्य रोजगार भी तलाशना शुरू कर दिया था। इसी बीच आदेश के विरोध में कुछ कर्मचारियों ने न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया। नए शासनादेश पर कोर्ट ने स्थगन आदेश दे दिया। आदेश के बाद भी इन कर्मचारियों का नवीनीकरण नहीं जा रहा था। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा। इस प्रक्रिया में ही एक माह बीत गया। अब जाकर 12 जुलाई को इन सभी कर्मचारियों का इस सत्र के लिए पुन:नवीनीकरण किया गया है।
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कस्तूरबा में तैनात पुरुष कर्मचारियों का पुन: नवीनीकरण करने के संबंध में उच्चाधिकारियों से मागदर्शन मांगा गया था। वहां से हरी झंडी मिलने पर इनका नवीनीकरण कर दिया गया है।
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टीएन पांडेय, डीसी बालिका शिक्षा
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जनपद में संचालित 13 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में पुरुष कर्मचारी इस सत्र में पुन: कार्य करेंगे। न्यायालय से अंतरिम आदेश पाने के बाद विभाग ने इनका नवीनीकरण कर दिया है। इससे जहां इन कर्मचारियों ने राहत की सांस ली है वहीं इन विद्यालयों की वार्डेन ने भी इस कदम को अच्छा बताया है।
शासन की ओर से 25 अप्रैल को आए एक आदेश ने कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालयों में तैनात पुरुष कर्मचारियों के जीवन में हलचल मचा दिया था। इसके अंतर्गत यह कहा गया था कि अब इन विद्यालयों में केवल महिला कर्मचारी ही तैनात रहेंगी, चाहे वह शिक्षक हो चपरासी या चौकीदार। नए आदेश के बाद से ही जनपद के कुल 39 पुरुष कर्मचारी इससे प्रभावित हुए थे। इसमें नौ पार्ट टाइम शिक्षक व आठ एकाउंटेंट व 11 चपरासी व 11 चौकीदार शामिल थे और इससे वह सड़क पर आने को मजबूर हो गए थे। कुछ कर्मचारियों ने तो अन्य रोजगार भी तलाशना शुरू कर दिया था। इसी बीच आदेश के विरोध में कुछ कर्मचारियों ने न्यायालय का भी दरवाजा खटखटाया। नए शासनादेश पर कोर्ट ने स्थगन आदेश दे दिया। आदेश के बाद भी इन कर्मचारियों का नवीनीकरण नहीं जा रहा था। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों ने उच्चाधिकारियों से मार्गदर्शन मांगा। इस प्रक्रिया में ही एक माह बीत गया। अब जाकर 12 जुलाई को इन सभी कर्मचारियों का इस सत्र के लिए पुन:नवीनीकरण किया गया है।
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कस्तूरबा में तैनात पुरुष कर्मचारियों का पुन: नवीनीकरण करने के संबंध में उच्चाधिकारियों से मागदर्शन मांगा गया था। वहां से हरी झंडी मिलने पर इनका नवीनीकरण कर दिया गया है।
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टीएन पांडेय, डीसी बालिका शिक्षा