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Deoria News: जांच के लिए लंबी कतार, करना पड़ रहा इंतजार
Sun, 23 Feb 2025 01:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sun, 23 Feb 2025 01:06 AM IST
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज में खून और पेशाब की जांच कराने में मरीजाें को मशक्कत करनी पड़ती है। जांच के लिए लंबी लाइन लग रही है।
बिलिंग से लेकर सैंपल देने के लिए एक से डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ता है। इसकी वजह से मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वहीं गर्भवती को भी बिलिंग के लिए दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे परेशानी होती है। डॉक्टर को दिखाने के बाद आधा से अधिक समय पैथालाजी जांच के लिए सैंपल देने में लग जा रहा है। महिला अस्पताल अस्पताल में बिलिंग काउंटर होने से मरीजों को सहूलियत होगी।
मेडिकल काॅलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। शहर से लेकर ग्रामीणांचल और बिहार के सीमावर्ती गांवाें के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। रोजाना करीब ढाई हजार से अधिक नए मरीज इलाज कराने आते हैं। ओपीडी में डॉक्टर जरूरत पड़ने पर मरीजों को ब्लड व पेशाब की जांच कराने के लिए लिखते हैं। अस्पताल में हार्मोनल को छोड़कर अधिकांश पैथालाजी जांच की निशुल्क सुविधा है। रोजाना करीब पांच सौ से अधिक मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता है। इसमें एक मरीज की कम से कम चार जांच होती है, लेकिन जांच कराने के लिए मरीजाें को मशक्कत करनी पड़ती है। तीन जगह कतार में खड़े होने से बाद सैंपल निकल पाता है। सभी मरीजों को पहले जीरो बिलिंग करानी पड़ती है। इसके लिए मात्र दो काउंटर है, जिसमें एक महिला व एक पुरुष का होता है। यहां मरीजों की लंबी कतार लगती है। उन्हें देर तक बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इसके बाद पैथालाजी के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लाइन लगानी पड़ती है।
यहां शीशी मिलने के बाद सैंपल देने के लिए फिर कतार में खड़ा होकर इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में तीन जगह लाइन लगाने के बाद मरीज सैंपल दे पाते हैं। भटनी के रामध्यान, रुद्रपुर की संगीता देवी, रामपुर कारखाना के जितेंद्र कुमार ने बताया कि कई जगह लाइन में खड़ा होना पड़ता है। आधा से अधिक समय सैंपल देने में लग जाता है, जिससे दिक्कत होती है।
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बिलिंग से लेकर सैंपल देने के लिए एक से डेढ़ घंटे इंतजार करना पड़ता है। इसकी वजह से मरीजों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। वहीं गर्भवती को भी बिलिंग के लिए दूरी तय करनी पड़ती है, जिससे परेशानी होती है। डॉक्टर को दिखाने के बाद आधा से अधिक समय पैथालाजी जांच के लिए सैंपल देने में लग जा रहा है। महिला अस्पताल अस्पताल में बिलिंग काउंटर होने से मरीजों को सहूलियत होगी।
मेडिकल काॅलेज में मरीजों की भीड़ बढ़ी है। शहर से लेकर ग्रामीणांचल और बिहार के सीमावर्ती गांवाें के मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। रोजाना करीब ढाई हजार से अधिक नए मरीज इलाज कराने आते हैं। ओपीडी में डॉक्टर जरूरत पड़ने पर मरीजों को ब्लड व पेशाब की जांच कराने के लिए लिखते हैं। अस्पताल में हार्मोनल को छोड़कर अधिकांश पैथालाजी जांच की निशुल्क सुविधा है। रोजाना करीब पांच सौ से अधिक मरीजों का रजिस्ट्रेशन होता है। इसमें एक मरीज की कम से कम चार जांच होती है, लेकिन जांच कराने के लिए मरीजाें को मशक्कत करनी पड़ती है। तीन जगह कतार में खड़े होने से बाद सैंपल निकल पाता है। सभी मरीजों को पहले जीरो बिलिंग करानी पड़ती है। इसके लिए मात्र दो काउंटर है, जिसमें एक महिला व एक पुरुष का होता है। यहां मरीजों की लंबी कतार लगती है। उन्हें देर तक बारी की प्रतीक्षा करनी पड़ती है। इसके बाद पैथालाजी के रजिस्ट्रेशन काउंटर पर लाइन लगानी पड़ती है।
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यहां शीशी मिलने के बाद सैंपल देने के लिए फिर कतार में खड़ा होकर इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में तीन जगह लाइन लगाने के बाद मरीज सैंपल दे पाते हैं। भटनी के रामध्यान, रुद्रपुर की संगीता देवी, रामपुर कारखाना के जितेंद्र कुमार ने बताया कि कई जगह लाइन में खड़ा होना पड़ता है। आधा से अधिक समय सैंपल देने में लग जाता है, जिससे दिक्कत होती है।
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