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महुजा में बंद हुई शराब की दुकान
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Thu, 05 May 2016 11:40 PM IST
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महुजा गांव में देशी शराब दुकान की लगाया गया बोर्ड और रखी गई गुमटी
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पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी ने गुरुवार को दोपहर बिहार सीमा पर स्थित महुजा गांव का दौरा किया, जहां दो दिन पूर्व शराब की नई दुकान खोलने को लेकर दुकानदार और गांववालों के बीच मारपीट हो गई थी। उन्होंने दुकान स्थल को देखने के बाद पीड़ितों से मिलकर उनकी बातों को सुना। एसपी ने शराब कारोबारियों पर भी केस दर्ज करने का आदेश एसओ को दिया। उन्होंने कहा कि महुजा में शराब की दुकान बंद होगी। इसके बाद एसपी ने बिहार सीमा का दौरा करते हुए रामपुर बुजुर्ग होते प्रतापपुर तक गए और निरीक्षण के बाद लौट आए।
पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी महुजा पहुंचने के बाद सबसे पहले दुकान स्थल का निरीक्षण किया। उसके बाद गांव में गए, जहां गिरीशा देवी, बिन्दा, सुषमा, उषा, प्रेम लता, रीता फूला, राबड़ी, फूलपति, दुलारी, बच्ची, निर्मला आदि महिलाओं ने आपबीती सुनाई और पुलिस लाठी चार्ज की सच्चाई बयां की। एसपी ने गांववालों से कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है। शराब की दुकान नियत स्थान चनुकी में ही चलेगी। महुजा में कोई शराब की दुकान नहीं चलेगी।
उन्होने थानाध्यक्ष को महिलाओं की तरफ से भी प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। उसके बाद उन्हाेंने प्रतापपुर तक बिहार सीमा का निरीक्षण किया। अपने एक घंटे के भ्रमण के बाद वे वापस लौट गए। एसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। गांव के लोग अगर मार खाए है तो उनका भी केस दर्ज होगा। पूरे विवाद के पीछे कौन लोग है जो उनका भी पता लगाया जाएगा।
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पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी महुजा पहुंचने के बाद सबसे पहले दुकान स्थल का निरीक्षण किया। उसके बाद गांव में गए, जहां गिरीशा देवी, बिन्दा, सुषमा, उषा, प्रेम लता, रीता फूला, राबड़ी, फूलपति, दुलारी, बच्ची, निर्मला आदि महिलाओं ने आपबीती सुनाई और पुलिस लाठी चार्ज की सच्चाई बयां की। एसपी ने गांववालों से कहा कि कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत किसी को नहीं है। शराब की दुकान नियत स्थान चनुकी में ही चलेगी। महुजा में कोई शराब की दुकान नहीं चलेगी।
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उन्होने थानाध्यक्ष को महिलाओं की तरफ से भी प्राथमिकी दर्ज करने का आदेश दिया। उसके बाद उन्हाेंने प्रतापपुर तक बिहार सीमा का निरीक्षण किया। अपने एक घंटे के भ्रमण के बाद वे वापस लौट गए। एसपी प्रभाकर चौधरी ने बताया कि कानून हाथ में लेने का अधिकार किसी को नहीं है। गांव के लोग अगर मार खाए है तो उनका भी केस दर्ज होगा। पूरे विवाद के पीछे कौन लोग है जो उनका भी पता लगाया जाएगा।
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