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अंधेरे में डूबा शहर, फिर भी 1.92 करोड़ सलाना बिजली बिल भरती है नगर पालिका

Wed, 28 Aug 2019 11:48 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 28 Aug 2019 11:48 PM IST
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light problem
बस स्टैंड के दक्षिणि गेट पर खराब पडा हाईमास्ट। - फोटो : DEORIA
फोटो-
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ढाई करोड़ खर्च के बाद भी प्रकाश व्यवस्था बेपटरी
फोरलेन पर लगी हैं कम पॉवर की एलईडी लाइट, पांच हजार स्ट्रीट और 40 हाईमास्ट की दरकार
बैकुंठनाथ शुक्ल
देवरिया। करीब ढाई करोड़ सालाना खर्च के बाद भी शहर की सड़कों पर पथ प्रकाश की व्यवस्था बेपटरी है। चौक-चौराहों पर लगे तमाम हाईमास्ट टिमटिमा रहे हैं तो कई स्ट्रीट लाइट महीनों से खराब पड़ी है। दिन ढलने पर गली, मोहल्लों में पैदल या साइकिल से चलना जोखिम उठाने के समान है। वार्डों की स्ट्रीट लाइट मुख्य मार्गों पर लगाकर नगर पालिका शहर की लाज बचा रही है। करीब तीन हजार से अधिक स्ट्रीट लाइट खराब हो चुकी हैं। चौक-चौराहों पर लगे हाईमास्ट शोपीस बने हुए हैं। यह हालत तब है जब नगर पालिका हर साल प्रकाश व्यवस्था के नाम पर ढाई करोड़ से अधिक धनराशि खर्च कर रही है। बावजूद इसके नगर में करीब पांच हजार प्वाइंट पर एलईडी लाइट नहीं हैं। 65 में से करीब 60 हाईमास्ट बल्ब खराब हो चुके हैं। नगर पालिका हर साल करीब एक करोड़ 92 लाख बिजली निगम को बिल भुगतान करती है।
इनसेट
फोरलेन पर लगने थे 200 वॉट के बल्ब, लगे 73 वॉट
पुरवां चौराहे से रुद्रपुर मोड़ तक फोरलेन किनारे नगर पालिका की ओर से जो स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं वह रोशनी के लिए पर्याप्त नहीं हैं। इनमें कुछ 60 वॉट के एलईडी बल्ब हैं तो कुछ 72 वॉट के जबकि यहां प्रकाश की व्यवस्था डिवाइडर के बीच खंभों के सहारे की जानी थी। प्रत्येक खंभे पर दो सौ वॉट के एलईडी बल्ब लगने चाहिए।
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इनसेट
मरम्मत के लिए बनीं पांच टीमें
शहर में खराब होने वाले प्रकाश बल्बों को बदलने व उनकी मरम्मत के लिए नगर पालिका में मकैनिकों की पांच टीमें बनाईं गई हैं। प्रत्येक टीम में तीन कर्मचारी रखे गए हैं। इनके वेतन पर करीब एक लाख रुपये महीना खर्च होता है। फिर भी तमाम मोहल्लों से आ रही शिकायतों का निस्तारण समय से नहीं हो पाता। कई मोहल्लों की लाइट छह माह से खराब पड़ी है। कोई देखने तक नहीं गया।
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इनसेट
जहां से वसूलते टैक्स वहां नहीं लगाते बल्ब
यूं तो फोरलेन पर नगर पालिका की सीमा रुद्रपुर मोड़ तक ही सीमित है, फिर भी नगर पालिका ने जेल गेट के सामने तक विज्ञापन का ठेका दे दिया है। तीन से चार यूनीपोल नगर बाहर लगाकर नगर पालिका आमदनी कर रही है, जबकि प्रकाश की व्यवस्था रुद्रपुर मोड़ तक ही की गई है।
इनसेट
प्रकाश व्यवस्था से वंचित हैं ये मोहल्ले
रामगुलाम टोला पूर्वी, सोमनाथ नगर, अंबेडकर नगर, चकियवां, साकेत नगर, रामनाथ देवरिया उत्तरी, दक्षिणी, भुजौली कालोनी, रामगुलाम टोला पश्चिमी, उमानगर, देवरिया खास आदि मोहल्लों में प्रकाश की व्यवस्था नदारद है।
इनसेट
रात में चोर उचक्कों में भय
गली मोहल्लों में अंधेरा रहने पर चोर, उचक्कों का खतरा रहता है। अंधेरे में सड़क पर बैठे सांड़ एकाएक लोगों पर हमला कर देते हैं। सड़क टूटी होने से साइकिल चालक व पैदल यात्रियों को अंदाजा नहीं मिलता और वे गड्ढों में गिरकर चोटिल हो जाते हैं। कई दफा झुंड में बैठे कुत्ते लोगों पर हमला बोल चुके हैं।

हाईलाइटर
यह है प्रकाश व्यवस्था
6858 प्रकाश प्वाइंट हैं शहर में।
1854 प्रकाश प्वाइंट पर लगे हैं एलईडी बल्ब।
65 हाईमास्ट बल्ब लगे हैं चौक-चौराहों पर।
40 के करीब हाईमास्ट बल्ब हैं खराब।
इनसेट
यहां लगाए जाते हैं इतने वॉट के बल्ब
100 वॉट फोरलेन पर।
70 वॉट टू लेन सड़क पर।
60, 48 व 45 वॉट के एलईडी बल्ब गली मोहल्लों में लगाए जाते हैं।
वर्जन
मैं जल्द ही नगर पालिका की फाइल मंगवाकर देखूंगा कि कितने बल्ब कब लगे हैं, किस ठेकेदार से कितने दिन का अनुबंध किया गया है। किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-राकेश पटेल, एडीएम प्रशासन।
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