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हत्या के मामले में एक को उम्रकैद की सजा
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हत्या के मामले में एक को उम्रकैद की सजा
देवरिया। लार थाना क्षेत्र के कौसड़ गांव में दस वर्ष पूर्व हुई हत्या एवं प्राणघातक हमले के मामले में सोमवार को अपर जिला जज इंद्रा सिंह की अदालत ने तीन लोगों को दोषी करार दिया। एक को आजीवन कारावास और दो को हत्या के प्रयास में दस-दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष सिंह के अनुसार, लार थाना क्षेत्र के कौसड़ गांव निवासी रामप्रवेश सिंह एवं रमवंत सिंह के बीच जमीन का विवाद था। सात अक्तूबर 2011 को सुबह संजय सिंह, रमवंत सिंह, जयप्रकाश सिंह, रामललित सिंह, सतवंत सिंह, यशवंत सिंह, विजेंद्र सिंह, अमित सिंह एवं रामनारायण सिंह गोलबंद होकर असलहे से फायरिंग करने लगे। रमवंत सिंह ने रामप्रवेश सिंह को गोली मार दी थी। रामप्रवेश की मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोपियों ने दरवाजा तोड़कर विशाल उर्फ अंकित को घर से निकालकर गोली मार दी, जिसमें वह घायल हो गए। मृतक रामप्रवेश सिंह के पुत्र अंगेश सिंह ने लार थाने में केस दर्ज कराया। अपर जिला जज इंद्रा सिंह ने साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद रमवंत सिंह को हत्या एवं आरोपी संजय सिंह, अमित सिंह को प्राणघातक हमले में दोषी करार दिया। आरोपी रमवंत सिंह को उम्रकैद एवं 25 हजार का अर्थदंड एवं आरोपी संजय सिंह, अमित सिंह को दस वर्ष कैद की सजा और पांच-पांच हजार अर्थदंड लगाया। आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी हो गए।
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देवरिया। लार थाना क्षेत्र के कौसड़ गांव में दस वर्ष पूर्व हुई हत्या एवं प्राणघातक हमले के मामले में सोमवार को अपर जिला जज इंद्रा सिंह की अदालत ने तीन लोगों को दोषी करार दिया। एक को आजीवन कारावास और दो को हत्या के प्रयास में दस-दस वर्ष कैद की सजा सुनाई है।
सहायक शासकीय अधिवक्ता आशुतोष सिंह के अनुसार, लार थाना क्षेत्र के कौसड़ गांव निवासी रामप्रवेश सिंह एवं रमवंत सिंह के बीच जमीन का विवाद था। सात अक्तूबर 2011 को सुबह संजय सिंह, रमवंत सिंह, जयप्रकाश सिंह, रामललित सिंह, सतवंत सिंह, यशवंत सिंह, विजेंद्र सिंह, अमित सिंह एवं रामनारायण सिंह गोलबंद होकर असलहे से फायरिंग करने लगे। रमवंत सिंह ने रामप्रवेश सिंह को गोली मार दी थी। रामप्रवेश की मौके पर ही मौत हो गई थी। आरोपियों ने दरवाजा तोड़कर विशाल उर्फ अंकित को घर से निकालकर गोली मार दी, जिसमें वह घायल हो गए। मृतक रामप्रवेश सिंह के पुत्र अंगेश सिंह ने लार थाने में केस दर्ज कराया। अपर जिला जज इंद्रा सिंह ने साक्ष्यों एवं दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं की दलीलों को सुनने के बाद रमवंत सिंह को हत्या एवं आरोपी संजय सिंह, अमित सिंह को प्राणघातक हमले में दोषी करार दिया। आरोपी रमवंत सिंह को उम्रकैद एवं 25 हजार का अर्थदंड एवं आरोपी संजय सिंह, अमित सिंह को दस वर्ष कैद की सजा और पांच-पांच हजार अर्थदंड लगाया। आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। अन्य आरोपी साक्ष्य के अभाव में बरी हो गए।
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