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तिघरा मराछी बांध में रिसाव से मचा हड़कंप, 52 गांवों के लोग दहशत में
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तिघरा मराछी बांध में रिसाव से मचा हड़कंप, 52 गांवों के लोग दहशत में
रुद्रपुर/एकौना। जिले के सबसे लंबे बांध तिघरा मराछी में राप्ती नदी का रिसाव शुरू हो गया है। नीबा गांव के समीप आबादी के बीच रिसाव से दोआबा के 52 गांवों में दहशत है। गांव और सिंचाई विभाग के लोग बंधे से सट कर हो रहे रिसाव को पाटने में जुट गए हैं, पर पूरे दिन पानी का रिसाव बंद नहीं हुआ। यहां बंधा कटा तो डेढ़ की लाख की आबादी का डूबना तय है।
रविवार की सुबह भी गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही। क्षेत्र की दोनों नदियां लाल निशान के ऊपर बह रही हैं। दोआबा के 52 गांव को राप्ती नदी से बचाव करने के लिए करीब 13 किलोमीटर लंबा तिघरा मराछी बांध बना है। सुबह आठ बजे माझा नरायन और नीबा गांव में बंधे से सट कर रिसाव होने लगा। बुलबुले के बाद तेज गति से पानी निकलता देख गांव के लोग भयभीत हो गए। बंधे में रिसाव की खबर फैलते ही मौके पर भारी संख्या मेें लोग जुट गए। गांव के लोग बोरी में मिट्टी और गिट्टी डाल कर रिसाव बंद करने लगे। सिंचाई विभाग के अवर अभियंताओं की टीम भी बचाव कार्य में जुट गई। बंधे के निकट रिसाव से अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। देर शाम तक रिसाव बंद नहीं हो पाया था। भेड़ी गांव के समीप भी राप्ती नदी खतरनाक ढंग से कटान कर रही है। गोर्रा नदी नरायनपुर, बहोरा दलपतपुर, सिलहटा और गायघाट गांव की तरफ तेजी कटान कर रही है। बारिश के पानी से किसानों की फसल डूब गई है। एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय ने कहा कि सिंचाई विभाग को बंधों की रखवाली करने का सख्त निर्देश दिए गए हैं। सिंचाई विभाग बचाव कार्य में जुटी है।
सपा नेताओं ने कटान स्थलों का जायजा लिया
रुद्रपुर। गोर्रा और राप्ती नदी के कटान स्थलों का सपा नेताओं का प्रतिनिधि मंडल ने रविवार को जायजा लिया। उन्होंने शासन प्रशासन पर निरोधात्मक कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया। गायघाट, केवटलिया, नकईल, तलशपुरवा कटान स्थलों का जायजा लेने के बाद सपा नेता प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार और अधिकारी रुद्रपुर में तबाही के इंतजार में बैठे है। नदियों के रौद्र रूप को देख 116 गांव के लोग भय में जी रहे हैं और सरकार विकास का ढिंढोरा पीट रही है। यदि रुद्रपुर में बंधा कटा तो बाढ़ प्रभावित लोग तहसील में शरण लेंगे। इस अवसर पर सिकंदर यादव, रामकेवल यादव, विजय यादव, रामवृक्ष राजभर, अजय विश्वकर्मा, प्रदीप सिंह, नथुनी यादव, रमेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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रुद्रपुर/एकौना। जिले के सबसे लंबे बांध तिघरा मराछी में राप्ती नदी का रिसाव शुरू हो गया है। नीबा गांव के समीप आबादी के बीच रिसाव से दोआबा के 52 गांवों में दहशत है। गांव और सिंचाई विभाग के लोग बंधे से सट कर हो रहे रिसाव को पाटने में जुट गए हैं, पर पूरे दिन पानी का रिसाव बंद नहीं हुआ। यहां बंधा कटा तो डेढ़ की लाख की आबादी का डूबना तय है।
रविवार की सुबह भी गोर्रा और राप्ती नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रही। क्षेत्र की दोनों नदियां लाल निशान के ऊपर बह रही हैं। दोआबा के 52 गांव को राप्ती नदी से बचाव करने के लिए करीब 13 किलोमीटर लंबा तिघरा मराछी बांध बना है। सुबह आठ बजे माझा नरायन और नीबा गांव में बंधे से सट कर रिसाव होने लगा। बुलबुले के बाद तेज गति से पानी निकलता देख गांव के लोग भयभीत हो गए। बंधे में रिसाव की खबर फैलते ही मौके पर भारी संख्या मेें लोग जुट गए। गांव के लोग बोरी में मिट्टी और गिट्टी डाल कर रिसाव बंद करने लगे। सिंचाई विभाग के अवर अभियंताओं की टीम भी बचाव कार्य में जुट गई। बंधे के निकट रिसाव से अधिकारियों में भी हड़कंप मच गया। देर शाम तक रिसाव बंद नहीं हो पाया था। भेड़ी गांव के समीप भी राप्ती नदी खतरनाक ढंग से कटान कर रही है। गोर्रा नदी नरायनपुर, बहोरा दलपतपुर, सिलहटा और गायघाट गांव की तरफ तेजी कटान कर रही है। बारिश के पानी से किसानों की फसल डूब गई है। एसडीएम संजीव कुमार उपाध्याय ने कहा कि सिंचाई विभाग को बंधों की रखवाली करने का सख्त निर्देश दिए गए हैं। सिंचाई विभाग बचाव कार्य में जुटी है।
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सपा नेताओं ने कटान स्थलों का जायजा लिया
रुद्रपुर। गोर्रा और राप्ती नदी के कटान स्थलों का सपा नेताओं का प्रतिनिधि मंडल ने रविवार को जायजा लिया। उन्होंने शासन प्रशासन पर निरोधात्मक कार्यों में लापरवाही का आरोप लगाया। गायघाट, केवटलिया, नकईल, तलशपुरवा कटान स्थलों का जायजा लेने के बाद सपा नेता प्रदीप यादव ने कहा कि सरकार और अधिकारी रुद्रपुर में तबाही के इंतजार में बैठे है। नदियों के रौद्र रूप को देख 116 गांव के लोग भय में जी रहे हैं और सरकार विकास का ढिंढोरा पीट रही है। यदि रुद्रपुर में बंधा कटा तो बाढ़ प्रभावित लोग तहसील में शरण लेंगे। इस अवसर पर सिकंदर यादव, रामकेवल यादव, विजय यादव, रामवृक्ष राजभर, अजय विश्वकर्मा, प्रदीप सिंह, नथुनी यादव, रमेश मिश्रा आदि मौजूद रहे।
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