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Deoria News: धोखाधड़ी कर भूमि-मकान पर कब्जा, तीन पर केस
Sat, 22 Mar 2025 01:26 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 22 Mar 2025 01:26 AM IST
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देवरिया। शहर के पेड़ा गली मोहल्ला में कूटरचना और धोखाधड़ी कर भूमि और मकान कब्जा करने के मामले में कोतवाली पुलिस ने पति-पत्नी सहित तीन के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने यह कार्रवाई न्यायालय के आदेश पर की।
शहर के वार्ड नंबर 17 पेड़ा गली मोहल्ला निवासी संतोष कुमार रूंगटा पुत्र महावीर प्रसाद रूंगटा ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। आरोप लगाया कि उनके तीन भाई नवल किशोर रूंगटा, संतोष कुमार रूंगटा, आनंद कुमार रूंगटा के बीच पारिवारिक समझौता 24 जून 1989 को हुआ था। उसी आधार पर बंटवारा हुआ, जिसमें महावीर प्रसाद रूंगटा ने स्वयं की अर्जित चल व अचल संपति का एक रजिस्टर्ड वसीयतनामा 14 अक्तूबर 1999 को किया था।
उसमें माता व पिता की मौत के बाद पेड़ा गली वाली मकान में संतोष रूंगटा व उनके भाई नवलकिशोर रूंगटा को आधा-आधा हिस्सा मिला। वह व्यापार व दवा इलाज के लिए जयपुर में रहते हैं। समय-समय पर देवरिया अपने आवास पर आते रहते थे। इसका लाभ उठाते हुए उनके भाई ने संपति हड़पने के लिए माता, पिता का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से वसीयतनामा तैयार करवा लिया। इसी आधार पर नगर पालिका परिषद से गृहकर व जलकर की सूची से नाम कटवा दिया। वर्ष 2022-23 तक गृहकर व जलकर वह जमा करते रहे। नवल किशोर रूंगटा, गोपाल रूंगटा व मनोरमा देवी ने साजिश के तहत नगर पालिका परिषद व निबंधन कार्यालय में अपने मददगारों के सहयोग से फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके हक व हिस्से की संपति हड़पना चाहते हैं। इसका विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
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शहर के वार्ड नंबर 17 पेड़ा गली मोहल्ला निवासी संतोष कुमार रूंगटा पुत्र महावीर प्रसाद रूंगटा ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र दिया। आरोप लगाया कि उनके तीन भाई नवल किशोर रूंगटा, संतोष कुमार रूंगटा, आनंद कुमार रूंगटा के बीच पारिवारिक समझौता 24 जून 1989 को हुआ था। उसी आधार पर बंटवारा हुआ, जिसमें महावीर प्रसाद रूंगटा ने स्वयं की अर्जित चल व अचल संपति का एक रजिस्टर्ड वसीयतनामा 14 अक्तूबर 1999 को किया था।
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उसमें माता व पिता की मौत के बाद पेड़ा गली वाली मकान में संतोष रूंगटा व उनके भाई नवलकिशोर रूंगटा को आधा-आधा हिस्सा मिला। वह व्यापार व दवा इलाज के लिए जयपुर में रहते हैं। समय-समय पर देवरिया अपने आवास पर आते रहते थे। इसका लाभ उठाते हुए उनके भाई ने संपति हड़पने के लिए माता, पिता का फर्जी हस्ताक्षर बनाकर कूटरचित दस्तावेज तैयार कर धोखाधड़ी से वसीयतनामा तैयार करवा लिया। इसी आधार पर नगर पालिका परिषद से गृहकर व जलकर की सूची से नाम कटवा दिया। वर्ष 2022-23 तक गृहकर व जलकर वह जमा करते रहे। नवल किशोर रूंगटा, गोपाल रूंगटा व मनोरमा देवी ने साजिश के तहत नगर पालिका परिषद व निबंधन कार्यालय में अपने मददगारों के सहयोग से फर्जी एवं कूटरचित दस्तावेज तैयार कर उनके हक व हिस्से की संपति हड़पना चाहते हैं। इसका विरोध करने पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।
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