फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   kuran knowing person ias afzalः madani

कुरआन को दिल में सजोने वाला अफजल:मदनी

Wed, 10 May 2017 12:06 AM IST
deoria
deoria Updated Wed, 10 May 2017 12:06 AM IST
विज्ञापन
kuran knowing person ias afzalः madani
ध्‍ामऱ्र्म - फोटो : amarujala
 बघौचघाट। 
विज्ञापन

जमीअत उलेमा-ए-हिंद के सदर मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि कुरआन हिदायत का सीधा रास्ता दिखाता है। कयामत के दिन गुनहगार का बचाव करेगा। मगफिरत के बाद जन्नत नसीब हो जाएगी। ऐसे मां-बाप खुशनसीब हैं जिन्होंने बच्चों को हाफिज-ए-कुरआन बनाया है।

मदरसा जामियतुल इस्लाम वल कुरआन मेंहाहरंगपुर में 161 हुफ्फाज-ए-कुरआन के दस्तार बांधा, जिसमें बिहार, पश्चिम बंगाल के अलावा असोम के छात्र शामिल हुए। उन्होंने कहा कि कुरआन की अजमत और फजीलत यह है कि रमजान में हुफ्फाज-ए-कुरआन अधिक हो जाते हैं और मस्जिदें कम पड़ जाती हैं। दुनिया की ऐसा इकलौती किताब है जो जिंदगी जीने का तरीका बताती है। अल्लाह का इनाम है कि दुनिया में सबसे अधिक कुरआन लोगों के दिलों में है। मौलाना अरशद ने कहा कि इंसान की मौत के बाद तीन सवाल होंगे। इसमें मोहम्मद साहब की कब्र को दिखाया जाएगा। जो कुरआन को पढ़ने वाला होगा, वह उनके कब्र को देखकर पहचान जाएगा। आगाज कारी फिरोज अहमद के तिलावत से हुआ। इसके पूर्व मौलाना महफुजुर्रहमान ने कुरआन को रोजमर्रा की जीवन में अमल में लाने की जरूरत पर जोर दिया। मुफ्ती हमजा ने कहा कि जब नमाज पढ़ें तो ऐसा लगे कि आखिरी नमाज है। मौलाना रहमतुल्लाह ने कहा, कुरआन का ताल्लुक लोगों की भलाई से है। अध्यक्षता मौलाना असअद कासमी, संचालन मुफ्ती बदरूज्जमा ने किया। मोहतमिम मौलाना नियाज अहमद कासमी ने शुक्रिया अदा किया। इस दौरान मौलाना उबैदुल्लाह कासमी, मौलाना अब्दुल बारी, जफर खान, मुफ्ती जहीरूल हक, मुफ्ती अखलद, मौलाना मंजूर, हसनैन खान, नसीमुद्दीन, शादाब अख्तर, इमरान अंसारी, अबरार अहमद, जकाउल्लाह, जुल्फिकार, फिराज, डॉ. जाकिर हुसैन आदि मौजूद रहे।                   
विज्ञापन


नफरत के खात्मे के लिए खैरख्वाह बनें मुसलमान                   
बघौचघाट। मौलाना सैयद अरशद मदनी ने कहा कि मुसलमान देशवासियों का खैरख्वाह बनें। उनके दुख-दर्द को बांटें। यह दीन का तीसरा हिस्सा है। पड़ोसियों से अच्छा सुलूक करें। जो आपसे गलत करता है उसका फैसला कयामत के लिए छोड़ दें। राह का पत्थर हटाना भी इबादत है। भारत ऐसा इकलौता देश है जहां सभी धर्मों के लोग मिल-जुल कर रहते हैं। दुश्मनी को समाप्त करने के लिए मुहब्बत को बढ़ावा दें। उन्होंने कहा कि दुनिया नफरत के बीज बो रही है, मुसलमान उसमें मेल और मोहब्बत का पानी डालें।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed