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नदी का जलस्तर बढ़ा, देवसिया के सामने कटान शुरू
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ेवसियां और छित्तूपुर गांवों के बीच बने स्पर बंधे के पास कटान करती सरयू नदी
- फोटो : SALEMPUR
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नदी का जलस्तर बढ़ा, देवसिया के सामने कटान शुरू
तटवर्ती गांव वालों की चिंता बढ़ी, भागलपुर में कटानरोधी प्रोजेक्ट खारिज होने से ग्रामीणों में आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। बाढ़ की सुरक्षा के लिए नाकाफी इंतजाम कहीं तटवर्ती गांव वालों पर भारी न पड़ जाए। गांवों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इसके लिए बाढ़ विभाग जिम्मेदार है। मानसून की दस्तक ने तटवर्ती लोगों की नींद उड़ा दी है, नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही कटान भी तेज हो गई है। इसको लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है।
ब्लॉक के देवसिया, छित्तूपुर, भागलपुर, गांवों के बगल से सरयू नदी प्रवाहित होती है। जब नदी का पानी बढ़ता है, तो इन गांवों के सामने कटान तेज हो जाती है। कुछ साल पहले लखनऊ से आई टीम ने तटवर्ती गांवों का सर्वे किया था। नदी के मुहाने पर होने की बात स्वीकारी और कटान से बचाने के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार किया था। इसकी लागत लगभग पंद्रह करोड़ रुपये थी। इसमें देवसिया और छित्तूपुर के सामने दस करोड़ और भागलपुर के सामने पांच करोड़ रुपये की लागत से कटानरोधी कार्य करना था। दस करोड़ रुपये की लागत से देवसिया और छित्तूपुर गांव के सामने कटानरोधी स्पर बंधे बन कर तैयार हो गए। उसके बाद भी देवसिया गांव के सामने कटान ैनहीं रुकी। वहीं, भागलपुर कस्बे के सटे रामजानकी मंदिर के पास कटान हो रही थी। विभाग द्वारा पांच करोड़ की लागत से बोल्डर कटर, बोल्डर लांचिंग, जालीनुमा बोल्डर कस्बे के किनारे लगाना था। विभाग ने धन स्वीकृत के लिए कुछ साल पहले ही शासन को भेजा था। लेकिन अभी तक इस कार्य के लिए धन की स्वीकृति नहीं हो सकी। विभाग ने यह प्रोजेक्ट ही खारिज कर दिया। कस्बे के ओमप्रकाश पांडेय, नित्यानंद मिश्रा, शंभू जायसवाल, बृजभूषण यादव, रोशन यादव, उपेंद्र यादव, मणि यादव आदि ग्रामीणों ने इस पर रोष व्यक्त किया है।
क्या कहते हैं लोग
कुछ साल पहले जनप्रतिनिधियों और बाढ़ विभाग के अधिकारियों से कस्बे के सटे हो रही कटान के संबंध में शिकायत की गई थी। विभाग की तरफ से धन के लिए शासन से मांग की गई थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट खारिज होना समझ से परे है।
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- ओम प्रकाश पांडेय, भागलपुर
बाढ़ विभाग द्वारा कटान से बचाने के लिए कटानरोधी कार्य कराए गए हैं, लेकिन कुछ और स्पर बंधों की जरूरत है। विभाग को चाहिए कि एक दो और स्पर बंधे का निर्माण कराए, क्योंकि गांव एकदम नदी के मुहाने पर है।
- अमरेंद्र सिंह मिंटू, प्रधान प्रतिनिधि देवसिया
दो, तीन दिन से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और कटान भी हो रही है। बाढ़ विभाग की उदासीनता से लोग आक्रोशित हैं। भागलपुर में होने वाले कार्य का प्रारूप खारिज होना शासन और प्रशासन के लोगों की उदासीनता है। विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द कटानरोधी कार्य शुरू करा दे।
- सुनील पांडेय, प्रधान इशारू
जब बाढ़ आती है तो विभाग जागता है। कराए गए कटानरोधी कार्य के सटे नदी की कटान हो रही है। इससे तटवर्ती गांव के लोग सहमे हुए हैं। अब कहीं बाढ़ आने पर कटान तेजी न पकड़ ले। इससे क्षेत्रवासियों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ेगा।
- राकेश सिंह, समाजसेवी देवसिया
कोट-
भागलपुर कस्बे वाला प्रोजेक्ट खारिज हो गया है, जहां-जहां इस समय कटान हो रही है, मानसून के बाद वहां भी कटानरोधी कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- एनपी सिंह, अवर अभियंता, बाढ़ विभाग
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तटवर्ती गांव वालों की चिंता बढ़ी, भागलपुर में कटानरोधी प्रोजेक्ट खारिज होने से ग्रामीणों में आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
भागलपुर। बाढ़ की सुरक्षा के लिए नाकाफी इंतजाम कहीं तटवर्ती गांव वालों पर भारी न पड़ जाए। गांवों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इसके लिए बाढ़ विभाग जिम्मेदार है। मानसून की दस्तक ने तटवर्ती लोगों की नींद उड़ा दी है, नदी के जलस्तर में वृद्धि के साथ ही कटान भी तेज हो गई है। इसको लेकर तटवर्ती गांवों के लोगों को बाढ़ की चिंता सताने लगी है।
ब्लॉक के देवसिया, छित्तूपुर, भागलपुर, गांवों के बगल से सरयू नदी प्रवाहित होती है। जब नदी का पानी बढ़ता है, तो इन गांवों के सामने कटान तेज हो जाती है। कुछ साल पहले लखनऊ से आई टीम ने तटवर्ती गांवों का सर्वे किया था। नदी के मुहाने पर होने की बात स्वीकारी और कटान से बचाने के लिए एक प्रोजेक्ट तैयार किया था। इसकी लागत लगभग पंद्रह करोड़ रुपये थी। इसमें देवसिया और छित्तूपुर के सामने दस करोड़ और भागलपुर के सामने पांच करोड़ रुपये की लागत से कटानरोधी कार्य करना था। दस करोड़ रुपये की लागत से देवसिया और छित्तूपुर गांव के सामने कटानरोधी स्पर बंधे बन कर तैयार हो गए। उसके बाद भी देवसिया गांव के सामने कटान ैनहीं रुकी। वहीं, भागलपुर कस्बे के सटे रामजानकी मंदिर के पास कटान हो रही थी। विभाग द्वारा पांच करोड़ की लागत से बोल्डर कटर, बोल्डर लांचिंग, जालीनुमा बोल्डर कस्बे के किनारे लगाना था। विभाग ने धन स्वीकृत के लिए कुछ साल पहले ही शासन को भेजा था। लेकिन अभी तक इस कार्य के लिए धन की स्वीकृति नहीं हो सकी। विभाग ने यह प्रोजेक्ट ही खारिज कर दिया। कस्बे के ओमप्रकाश पांडेय, नित्यानंद मिश्रा, शंभू जायसवाल, बृजभूषण यादव, रोशन यादव, उपेंद्र यादव, मणि यादव आदि ग्रामीणों ने इस पर रोष व्यक्त किया है।
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क्या कहते हैं लोग
कुछ साल पहले जनप्रतिनिधियों और बाढ़ विभाग के अधिकारियों से कस्बे के सटे हो रही कटान के संबंध में शिकायत की गई थी। विभाग की तरफ से धन के लिए शासन से मांग की गई थी, लेकिन यह प्रोजेक्ट खारिज होना समझ से परे है।
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- ओम प्रकाश पांडेय, भागलपुर
बाढ़ विभाग द्वारा कटान से बचाने के लिए कटानरोधी कार्य कराए गए हैं, लेकिन कुछ और स्पर बंधों की जरूरत है। विभाग को चाहिए कि एक दो और स्पर बंधे का निर्माण कराए, क्योंकि गांव एकदम नदी के मुहाने पर है।
- अमरेंद्र सिंह मिंटू, प्रधान प्रतिनिधि देवसिया
दो, तीन दिन से नदी का जलस्तर बढ़ रहा है और कटान भी हो रही है। बाढ़ विभाग की उदासीनता से लोग आक्रोशित हैं। भागलपुर में होने वाले कार्य का प्रारूप खारिज होना शासन और प्रशासन के लोगों की उदासीनता है। विभाग को चाहिए कि जल्द से जल्द कटानरोधी कार्य शुरू करा दे।
- सुनील पांडेय, प्रधान इशारू
जब बाढ़ आती है तो विभाग जागता है। कराए गए कटानरोधी कार्य के सटे नदी की कटान हो रही है। इससे तटवर्ती गांव के लोग सहमे हुए हैं। अब कहीं बाढ़ आने पर कटान तेजी न पकड़ ले। इससे क्षेत्रवासियों को बाढ़ का दंश झेलना पड़ेगा।
- राकेश सिंह, समाजसेवी देवसिया
कोट-
भागलपुर कस्बे वाला प्रोजेक्ट खारिज हो गया है, जहां-जहां इस समय कटान हो रही है, मानसून के बाद वहां भी कटानरोधी कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
- एनपी सिंह, अवर अभियंता, बाढ़ विभाग