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अवैध प्लाटिंग पर कसेगी लगाम, लेखपाल होंगे उत्तरदायी

Thu, 08 Sep 2022 11:57 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 08 Sep 2022 11:57 PM IST
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invalid plotting will be stopped
जिलाधिकारी की अध्यक्षता में नियंत्रक प्राधिकारी विनियोजित क्षेत्र की बोर्ड बैठक का हुआ आयोजन।? - फोटो : DEORIA
अवैध प्लाटिंग पर कसेगी लगाम, लेखपाल होंगे उत्तरदायी
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अवैध प्लाटिंग के विरुद्ध चलेगा अभियान
सौ वर्गमीटर से कम भूखंड वाले भूमि पर आवास के लिए नहीं कराना होगा नक्शा पास
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। डीएम जितेंद्र प्रताप सिंह ने बृहस्पतिवार को नियंत्रक प्राधिकारी विनियमित क्षेत्र बोर्ड की बैठक कर कलेक्ट्रेट सभागार में अवैध प्लॉटिंग करने वालों के खिलाफ अभियान चलाने के निर्देश दिए। डीएम ने सख्त लहजे में कहा कि विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत बिना किसी स्वीकृति के प्लॉट बेचने वालों के विरुद्ध अभियान चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि विनियमित क्षेत्र की सीमा के अंतर्गत कुछ कॉलोनाइजर्स/भूमि विकासकर्ताओं द्वारा बिना कोई योजना स्वीकृत कराए मानकविहीन भूखंडों का छोटे-छोटे टुकड़ों में विक्रय किया जा रहा है।
इनके द्वारा की जा रही अवैध प्लॉटिंग में नाली-सड़क जैसी बुनियादी नागरिक सुविधाओं के मानकों को पूरा नहीं करने की शिकायतें मिल रही हैं। इसकी वजह से इन अवैध प्लॉटों को खरीदने वाले लोगों को लंबे समय तक बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अवैध प्लाटिंग के लिए लेखपालों का उत्तरदायित्व तय किया जाएगा। साथ ही विगत तीन वर्षों में इस तरह की अवैध प्लॉटिंग पर अंकुश लगाने के लिए की गई कार्रवाइयों का ब्योरा भी मांगा।
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डीएम ने कहा कि विनियमित क्षेत्र के अंतर्गत 300 वर्ग मीटर व उससे अधिक क्षेत्रफल के भूखंडों पर निर्मित होने वाले निजी भवनों पर रूफटॉप रेनवाटर हार्वेस्टिंग प्रणाली अनिवार्य है। उन्होंने 300 वर्ग मीटर व इससे अधिक क्षेत्रफल वाले समस्त निजी भवनों के स्वामियों से रेन वाटर हार्वेस्टिंग के लिए प्रणाली स्थापित करने को कहा। साथ ही एसडीएम सदर को उपर्युक्त सीमा के अंतर्गत आने वाले भवनों की सूची भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
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जिलाधिकारी ने विनियमित क्षेत्र में विकास शुल्क की दर पुनरीक्षित करने के लिए एक समिति का गठन करने का निर्देश दिया। समिति में एसडीएम सदर, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता, नगर नियोजक एवं वित्तीय मामलों के जानकार शमिल होंगे। यह समिति समस्त हितधारकों से संवाद कर दो माह के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। वर्तमान में विनियमित क्षेत्र के अंतर्ग:त आवासीय भवन निर्माण के लिए दो रुपये प्रति वर्ग फीट एवं गैर आवासीय निर्माण के लिए चार रूपये प्रति वर्ग फीट की दर से विकास शुल्क लिया जाता है।

जिलाधिकारी ने 100 वर्ग मीटर से कम भूखंड पर बनने वाले आवासों को नक्शा स्वीकृत कराने से छूट देने के संबंध में प्रस्ताव आगामी बैठक में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने सुसंगत शासनादेशों के तहत 100 वर्गमीटर से कम क्षेत्रफल पर बनने वाले आवासों का नक्शा पास कराने से छूट प्रदान की गई है। इस दौरान नगर पालिका की अध्यक्ष अलका सिंह, जिला पंचायत के अध्यक्ष गिरीश चंद तिवारी, एसडीएम सदर सौरभ सिंह, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी आरके सिंह सहित विभिन्न अधिकारी मौजूद रहे।
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