{"_id":"626049a20586227285682bb0","slug":"instructions-to-stop-the-salary-of-non-appearing-workers-deoria-news-gkp434060545","type":"story","status":"publish","title_hn":"गैर हाजिर कर्मियों के वेतन रोकने के निर्देश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गैर हाजिर कर्मियों के वेतन रोकने के निर्देश
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गैर हाजिर कर्मियों के वेतन रोकने के निर्देश
देवरिया। मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार ने बुधवार को विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। सीडीओ के निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के उपस्थिति की पोल खुल गई। कोई बिना सीएल मंजूर कराए अनुपस्थित था तो कोई कार्यालय नहीं पहुंचा था।
सुबह साढ़े दस बजे मुख्य विकास अधिकारी विकास भवन के कार्यालयों की हकीकत जानने के लिए निकले थे। जिला विकास कार्यालय में कार्यालय सहायक मरगूब आलम, सुनीता श्रीवास्तव, नीतू सिंह, अर्दली मैनेजर यादव नहीं मिले। पत्रवाहक वंश बहादुर शर्मा 16 अप्रैल से अनुपस्थित पाए गए। इसके बाद सीडीओ मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां उपस्थिति पंजिका को देखा तो कार्यालय सहायक पुनीत कुमार, लोकेश कुमार सिंह और पत्रवाहक अनुपमा सिंह का सीएल सक्षम अधिकारी से स्वीकृत नहीं था और वे मौजूद नहीं थे। ग्रामीण अभियंत्रण कार्यालय में मानचित्रकार अनुपस्थित थे।
दिनेश कुमार, अभिमन्यु पांडेय, दीनानाथ गुप्ता, अजय कुमार सिंह का सीएल स्वीकृत नहीं था। जबकि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ओमप्रकाश पांडेय अनुपस्थित थे। बताया गया कि वह 18 से 22 अप्रैल तक अवकाश पर हैं, लेकिन प्रार्थना नहीं मिला। कार्यालय परियोजना अधिकारी नेडा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारिका, जिला युवा कल्याण अधिकारी कार्यालय के क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी नीरज कुमार मिश्रा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतोष कुमार यादव अनुपस्थित थे। उपश्रमायुक्त श्रम रोजगार कार्यालय के एपीओ रितुदीप सिंह अनुपस्थित पाए गए। सीडीओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। जबकि सीएल स्वीकृत न होने के मामले में सक्षम अधिकारी से स्वीकृति के बाद ही वेतन जारी करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन
विज्ञापन
देवरिया। मुख्य विकास अधिकारी रवींद्र कुमार ने बुधवार को विकास भवन स्थित विभिन्न कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया। सीडीओ के निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों के उपस्थिति की पोल खुल गई। कोई बिना सीएल मंजूर कराए अनुपस्थित था तो कोई कार्यालय नहीं पहुंचा था।
सुबह साढ़े दस बजे मुख्य विकास अधिकारी विकास भवन के कार्यालयों की हकीकत जानने के लिए निकले थे। जिला विकास कार्यालय में कार्यालय सहायक मरगूब आलम, सुनीता श्रीवास्तव, नीतू सिंह, अर्दली मैनेजर यादव नहीं मिले। पत्रवाहक वंश बहादुर शर्मा 16 अप्रैल से अनुपस्थित पाए गए। इसके बाद सीडीओ मुख्य पशु चिकित्साधिकारी कार्यालय पहुंचे। वहां उपस्थिति पंजिका को देखा तो कार्यालय सहायक पुनीत कुमार, लोकेश कुमार सिंह और पत्रवाहक अनुपमा सिंह का सीएल सक्षम अधिकारी से स्वीकृत नहीं था और वे मौजूद नहीं थे। ग्रामीण अभियंत्रण कार्यालय में मानचित्रकार अनुपस्थित थे।
विज्ञापन
दिनेश कुमार, अभिमन्यु पांडेय, दीनानाथ गुप्ता, अजय कुमार सिंह का सीएल स्वीकृत नहीं था। जबकि चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ओमप्रकाश पांडेय अनुपस्थित थे। बताया गया कि वह 18 से 22 अप्रैल तक अवकाश पर हैं, लेकिन प्रार्थना नहीं मिला। कार्यालय परियोजना अधिकारी नेडा में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी द्वारिका, जिला युवा कल्याण अधिकारी कार्यालय के क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी नीरज कुमार मिश्रा, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी संतोष कुमार यादव अनुपस्थित थे। उपश्रमायुक्त श्रम रोजगार कार्यालय के एपीओ रितुदीप सिंह अनुपस्थित पाए गए। सीडीओ ने अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। साथ ही तीन दिन के अंदर स्पष्टीकरण मांगा है। जबकि सीएल स्वीकृत न होने के मामले में सक्षम अधिकारी से स्वीकृति के बाद ही वेतन जारी करने का निर्देश दिया है।
विज्ञापन