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Deoria News: चढ़ावा देंगे तो जल्द बनेगा जन्म, मृत्यु प्रमाणपत्र, नहीं तो अटक जाएगा

Mon, 29 May 2023 11:55 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Mon, 29 May 2023 11:55 PM IST
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If offered, birth, death certificate will be made soon, otherwise it will get stuck
जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पहुंची महिला, संवाद
लोगों को नगर पालिका और खंड विकास अधिकारी कार्यालय का काटना पड़ रहा चक्कर, बीस रुपये में जारी होने वाले प्रमाणपत्र के लिए खर्च करने पड़ रहे दो से तीन सौ रुपये
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र बिना सुविधा शुल्क के बनवा पाना मुश्किल है। नगर पालिका हो या खंड विकास अधिकारी कार्यालय हर जगह जरूरतमंदों को दौड़ लगानी पड़ रही है। बीस रुपये में जारी होने वाले प्रमाणपत्र पर दो से तीन सौ रुपये तक खर्च करना पड़ रहा है। नगर पालिका से 21 दिनों में जारी होने वाले प्रमाणपत्र में लोगों को महीनों चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। एक व्यक्ति ने तो कुछ दिन पहले रुपये देते हुए वीडियो भी बनाकर वायरल कर दिया था। इसे लेकर डीएम ने भी जांच कर सख्त कार्रवाई का निर्देश दिया था।
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जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र की जरूरत हर किसी को अक्सर पड़ती है। दोनों प्रमाणपत्रों को लेकर फर्जीवाड़ा से लगायत चढ़ावा तक का खेल चल रहा है। नगर निकाय क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों का नगर पालिका और नगर पंचायत, ग्रामीण इलाकों में निवास करने वाले लोगों को खंड विकास अधिकारी कार्यालय से प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। इसके लिए शहरी क्षेत्रों के लोगों को ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके बाद सफाई नायक और सभासद की रिपोर्ट के आधार पर 21 दिन के भीतर प्रमाणपत्र जारी करना होता है। जबकि खंड विकास अधिकारी कार्यालय से तत्काल प्रमाण देने की सुविधा है। पर सच तो यह है कि लोगों को प्रमाणपत्र पाने के लिए कई बार कार्यालयों का चक्कर काटना पड़ रहा है। अगर सुविधा शुल्क दे दिए तो एक सप्ताह के भीतर ही निकायों से प्रमाणपत्र जारी कर दिया जाता है। ऐसा न करने में उन्हें कागजों में कई तरह की कमियां बता कर आवेदन अटका दिया जाता है। यही हाल खंड विकास अधिकारी कार्यालय का है। सबसे अधिक परेशानी उन लोगों को झेलनी पड़ रही है, जिनकी मौत दशकों पहले हो चुकी है। उनका प्रमाणपत्र जारी कराने के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ रही है।
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नगर पलिका में शामिल 23 गांवों के रिकाॅर्ड के लिए हो रही परेशानी
नगर पालिका क्षेत्र में शामिल 23 गांव के लोगों को प्रमाणपत्र बनवाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। सबसे अधिक परेशानी यह है कि मृत्यु प्रमाणपत्र की दशा में उनका रिकॉर्ड खंड विकास अधिकारी कार्यालय से मंगाना पड़ रहा है। इसके चलते जरूरतमंद दोनों कार्यालय का चक्कर काट रहे हैं।
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200 फर्जी प्रमाणपत्र जारी होने का अंदेशा
नगर पालिका परिषद से जारी होने वाले प्रमाणपत्रों को बनाने वाला गिरोह सक्रिय है। शहर के आसपास इलाके में स्थित कुछ सहज जन सेवा केंद्र संचालक जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र फर्जी पलभर में जारी कर दे रहे हैं। अगर क्यूआर कोड स्कैन चेक नहीं किया तो पकड़ पाना आसान नहीं है। पालिका के सूत्रों के अनुसार शनिवार को एक मामला प्रकाश में आने के बाद पता चला है कि एक सहज जन सेवा केंद्र ने करीब दो सौ लोगों के फर्जी प्रमाणपत्र बनाए हैं। इसी तरह एक साल पहले पथरदेवा में भी मामला प्रकाश आया था कि एक सहज जन सेवा केंद्र संचालक फर्जी प्रमाणपत्र बनाने का काम करता था।
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डीएम ने कसे पेंच तो जिंदा हो गए मोदा नारायण बैतालुपर विकास खंड के पहाड़पुर निवासी मोदा नारायण ने जिलाधिकारी से नौ मई को गुहार लगाई थी कि कुछ लोगों ने साजिश के तहत परिवार रजिस्टर में मृत घोषित कर दिया है। इस पर जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को जांच सौंपी। जांच के दौरान मोदा नारायण जिंदा मिले। इस पर डीएम के आदेश पर उनको परिवार रजिस्टर में जिंदा दर्ज कर दिया गया है।
कोट
बेटे के जन्म के आठ माह बाद प्रमाणपत्र के लिए आवेदन की थी। सभी कागज देने के बाद जब कार्यालय में जमा की तो सौ रुपये लिए गए। दूसरे दिन फोन आया कि प्रमाणपत्र जारी कर दिया गया है।

मधु देवी
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कोट
माता और पिता के निधन के बाद प्रमाणपत्र जारी कराने के लिए आवेदन किया हूं, लेकिन अभी तक लंबित है। सभी कागजी कार्रवाई पूरी कर चुका हूं। कई बार नगर पालिका जाकर जानकारी ली तो पता चला कि अभी नहीं बना है।
सुभाष प्रसाद
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कोट
जन्म और मृत्यु प्रमाणपत्र के लिए 21 दिन के भीतर कोई आवेदन करता है तो उससे शुल्क नहीं लिया जाता है। इसके बाद एक साल तक पांच रुपये और एक साल के बाद दस रुपये लगता है। साथ में शपथपत्र देना होता है। अगर कोई अधिक रुपये मांगे तो न दें। कुछ सहज जनसेवा केंद्रों से फर्जी प्रमाणपत्र बनाया जा रहा है। इनके खिलाफ मुकदमे की कार्रवाई कराई जा रही है।
रोहित सिंह, ईओ
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