{"_id":"5ede5a378ebc3e902c209812","slug":"health-minister-inpected-covid-19-hospitals-deoria-news-gkp3540090186","type":"story","status":"publish","title_hn":"मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं का जाना हाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं का जाना हाल
विज्ञापन
गौरीबाजार कोविड 19 एल वन अस्पताल का स्वास्थ्य मंत्री ने किया निरीक्षण
- फोटो : DEORIA
स्वास्थ्य मंत्री ने स्वास्थ्य सेवाओं का जाना हाल
आइसोलेशन वार्ड और कोविड-19 एलवन अस्पताल पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रदेश सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने सोमवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने नियमित सेवाओं को चालू करने के निर्देश दिए और कोविड-19 से संबंधित व्यवस्थाओं एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों का जायजा लिया। कहा कि हर एक मरीज के इलाज की समुचित व्यवस्था हो, बिना इलाज कोई भी मरीज अस्पताल से न लौटे, ऐसी व्यवस्था बनाई जाए। इसके पूर्व उन्होंने गौरीबाजार कोविड-19 अस्पताल एलवन का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी से बचाव के लिए लोगों को अपनी जीवन शैली बदलनी होगी। सरकार की ओर से अधिक से अधिक लोगों की कोविड-19 जांच कराने का प्रयास चल रहा है। मशीनें भी लैब में लगाई जा रहीं हैं। प्रदेश के 58 जिलों में बाहर से आए लोगों के रेंडम सैंपलिंग कराई गई। इन जिलों मेें कोई पॉजिटिव केस नहीं निकला, यह एक अच्छा संदेश है। प्रदेश के सभी जिलों में कोविड-19 जांच मशीन उपलब्ध करा दिया गया है। ताकि सर्जरी कराने वाले लोगों की तत्काल कोरोना जांच की जा सके। अधिक कोविड-19 जांच के लिए संसाधन विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अनेक कार्यक्रम निर्धारित व संचालित किए गए हैं। इसमें सफलता मिली है। 1.5 लाख बेड की व्यवस्था आकस्मिक तौर पर प्रदेश में रखी गई है। वेंटीलेटर, स्क्रिनिंग, सैंपलिंग की व्यवस्था की गई है। यही वजह है कि 20 हजार कोविड-19 की जांच हो रही है। लोग मास्क का नियमित प्रयोग करें। हाथ को धोए व साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। उन्होंने टीकाकरण कार्य को प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए। जेई/एईएस की बीमारी को नियंत्रित करने पर बल दिया। आईसोलेशन वार्ड, जेई/एईएस वार्ड, महिला सर्जिकल वार्ड में पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने कहा मरीज के साथ एक समय एक ही तीमारदार रहना चाहिए। इस दौरान डीएम अमित किशोर, एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र, एएसपी शिष्यपाल सिंह, सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय, सीएमएस डॉ. छोटेलाल, एसडीएम सदर दिनेश कुमार मिश्र, सीओ निष्ठा उपाध्याय, एसीएमओ डॉ. डीवी शाही, डॉ. सुरेन्द्र सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. संजय चंद, डीपीएम राजेश कुमार, पूनम गुप्ता, आदि मौजूद रहे।
विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग
देवरिया। जिला अस्पताल में तैनात जो चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं आते थे, वे आज स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण के दौरान दिखाई दिए। सीएमएस ने कॉर्डियोलॉजी समेत कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए मांग की। मंत्री ने बहुत जल्द चिकित्सक के रिक्त पदों को भरने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
इनसेट
बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल चलवाते हैं जिम्मेदार
देवरिया। समाजसेवी दिग्विजय चौबे ने स्वास्थ्य विभाग के कारनामों को उजागर करते हुए रामनाथ देवरिया में अवैध अस्पताल संचालन कराने का मामला उठाया। स्वास्थ्य मंत्री ने इसे गंभीरता से लिया और सीएमओ से वहीं पर पूछताछ शुरू कर दी। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह को बुलाया। उन्होंने बताया कि तीन बार अस्पताल सील किया जा चुका है। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। वहां मौजूद एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने अस्पताल संचालक पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की बात कही।
इनसेट
जिला अस्पताल में कोविड-19 लैब स्थापित करने की मांग
देवरिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पर पहुंचे। भाजपा के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर जिला अस्पताल में कोविड-19 लैब स्थापित करने की मांग की। जिलाध्यक्ष डॉ. अर्तयामी सिंह ने कहा कि कोरोना सैंपल कलेक्शन सेंटर तो जनपद में पर्याप्त हैं, लेकिन कोरोना जांच लैब नहीं होने से रिपोर्ट आने में समय लग रहा है। पवन कुमार मिश्र ने बरहज विधानसभा के ग्राम पिपरा चन्द्रभान में लंबित नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। वहां से स्वास्थ्य मंत्री राघवनगर स्थित कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही के आवास पर गए। जहां उनसे वार्ता के बाद कुशीनगर के लिए निकल गए। इस दौरान विधायक जन्मेजय सिंह, पूर्व विधायक रविन्द्र प्रताप मल्ल, जिला उपाध्यक्ष अरुण सिंह, संतोष त्रिगुणायक, गंगा कुशवाहा, प्रमोद शाही, अम्बिकेश पांडेय, सतेंद्र मणि, वीरेंद्र सिंह, नित्यानंद पाण्डेय, मनीष सहाय, सुधांशु मिश्रा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
आइसोलेशन वार्ड और कोविड-19 एलवन अस्पताल पहुंचे
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। प्रदेश सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने सोमवार को जिला अस्पताल का निरीक्षण किया। उन्होंने नियमित सेवाओं को चालू करने के निर्देश दिए और कोविड-19 से संबंधित व्यवस्थाओं एवं स्वास्थ्य विभाग की ओर से चलाए जा रहे कार्यक्रमों का जायजा लिया। कहा कि हर एक मरीज के इलाज की समुचित व्यवस्था हो, बिना इलाज कोई भी मरीज अस्पताल से न लौटे, ऐसी व्यवस्था बनाई जाए। इसके पूर्व उन्होंने गौरीबाजार कोविड-19 अस्पताल एलवन का निरीक्षण किया।
उन्होंने कहा कि वैश्विक महामारी से बचाव के लिए लोगों को अपनी जीवन शैली बदलनी होगी। सरकार की ओर से अधिक से अधिक लोगों की कोविड-19 जांच कराने का प्रयास चल रहा है। मशीनें भी लैब में लगाई जा रहीं हैं। प्रदेश के 58 जिलों में बाहर से आए लोगों के रेंडम सैंपलिंग कराई गई। इन जिलों मेें कोई पॉजिटिव केस नहीं निकला, यह एक अच्छा संदेश है। प्रदेश के सभी जिलों में कोविड-19 जांच मशीन उपलब्ध करा दिया गया है। ताकि सर्जरी कराने वाले लोगों की तत्काल कोरोना जांच की जा सके। अधिक कोविड-19 जांच के लिए संसाधन विकसित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अनेक कार्यक्रम निर्धारित व संचालित किए गए हैं। इसमें सफलता मिली है। 1.5 लाख बेड की व्यवस्था आकस्मिक तौर पर प्रदेश में रखी गई है। वेंटीलेटर, स्क्रिनिंग, सैंपलिंग की व्यवस्था की गई है। यही वजह है कि 20 हजार कोविड-19 की जांच हो रही है। लोग मास्क का नियमित प्रयोग करें। हाथ को धोए व साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। उन्होंने टीकाकरण कार्य को प्राथमिकता के साथ करने के निर्देश दिए। जेई/एईएस की बीमारी को नियंत्रित करने पर बल दिया। आईसोलेशन वार्ड, जेई/एईएस वार्ड, महिला सर्जिकल वार्ड में पहुंचकर जायजा लिया। उन्होंने कहा मरीज के साथ एक समय एक ही तीमारदार रहना चाहिए। इस दौरान डीएम अमित किशोर, एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र, एएसपी शिष्यपाल सिंह, सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय, सीएमएस डॉ. छोटेलाल, एसडीएम सदर दिनेश कुमार मिश्र, सीओ निष्ठा उपाध्याय, एसीएमओ डॉ. डीवी शाही, डॉ. सुरेन्द्र सिंह, डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. संजय चंद, डीपीएम राजेश कुमार, पूनम गुप्ता, आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की मांग
देवरिया। जिला अस्पताल में तैनात जो चिकित्सक ड्यूटी पर नहीं आते थे, वे आज स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण के दौरान दिखाई दिए। सीएमएस ने कॉर्डियोलॉजी समेत कई विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती के लिए मांग की। मंत्री ने बहुत जल्द चिकित्सक के रिक्त पदों को भरने का आश्वासन दिया।
विज्ञापन
इनसेट
बिना रजिस्ट्रेशन के अस्पताल चलवाते हैं जिम्मेदार
देवरिया। समाजसेवी दिग्विजय चौबे ने स्वास्थ्य विभाग के कारनामों को उजागर करते हुए रामनाथ देवरिया में अवैध अस्पताल संचालन कराने का मामला उठाया। स्वास्थ्य मंत्री ने इसे गंभीरता से लिया और सीएमओ से वहीं पर पूछताछ शुरू कर दी। सीएमओ ने एसीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह को बुलाया। उन्होंने बताया कि तीन बार अस्पताल सील किया जा चुका है। इस मामले में मुकदमा भी दर्ज कराया गया है। वहां मौजूद एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने अस्पताल संचालक पर गैंगेस्टर की कार्रवाई की बात कही।
इनसेट
जिला अस्पताल में कोविड-19 लैब स्थापित करने की मांग
देवरिया। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जय प्रताप सिंह ने जिला अस्पताल का निरीक्षण करने के बाद पीडब्ल्यूडी डाक बंगले पर पहुंचे। भाजपा के पदाधिकारियों ने मुलाकात कर जिला अस्पताल में कोविड-19 लैब स्थापित करने की मांग की। जिलाध्यक्ष डॉ. अर्तयामी सिंह ने कहा कि कोरोना सैंपल कलेक्शन सेंटर तो जनपद में पर्याप्त हैं, लेकिन कोरोना जांच लैब नहीं होने से रिपोर्ट आने में समय लग रहा है। पवन कुमार मिश्र ने बरहज विधानसभा के ग्राम पिपरा चन्द्रभान में लंबित नए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निर्माण के लिए आवश्यक कार्रवाई की मांग की। वहां से स्वास्थ्य मंत्री राघवनगर स्थित कृषि मंत्री सूर्यप्रताप शाही के आवास पर गए। जहां उनसे वार्ता के बाद कुशीनगर के लिए निकल गए। इस दौरान विधायक जन्मेजय सिंह, पूर्व विधायक रविन्द्र प्रताप मल्ल, जिला उपाध्यक्ष अरुण सिंह, संतोष त्रिगुणायक, गंगा कुशवाहा, प्रमोद शाही, अम्बिकेश पांडेय, सतेंद्र मणि, वीरेंद्र सिंह, नित्यानंद पाण्डेय, मनीष सहाय, सुधांशु मिश्रा आदि मौजूद रहे।