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पौत्र के निधन के सदमे से दादा की भी मौत
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पौत्र के निधन के सदमे से दादा की भी मौत
बरहज। मदनपुर थाना क्षेत्र के खुदियां बुजुर्ग गांव में पौत्र के निधन के सदमे से दादा की भी मौत हो गई। एक साथ दो अर्थी उठने से गांव में मातम पसर गया। गौरा कटइलवा स्थित सरयू तट पर दादा और उनके पौत्र की चिताएं एक साथ जलाई गईं। जिसे देख सबकी आंखें नम हो गईं।
खुदियां बुजुर्ग गांव निवासी 70 वर्षीय पूर्व प्रधान सुरेश सिंह 1980-90 के दशक में लगातार दो बार गांव के प्रधान चुने गए थे। उनके इकलौते पुत्र संजय सिंह का इकलौता पुत्र शिवम था। बताया जा रहा है कि शिवम गोरखपुर के सरस्वती विद्या मंदिर सूरजकुंड में 11वीं का छात्र था। वह करीब एक सप्ताह से गांव आया हुआ था। परिवार लोगों का कहना है कि सोमवार की शाम वह शौचालय में गया था। पैर फिसल जाने से वह चोटिल हो गया। वहीं गांव में फांसी लगाकर जान देने की भी दबी जुबान से बात कही जा रही है। दरवाजे पर शिवम का शव देख सुरेश सिंह सदमे में आ गए। रात में करीब साढ़े बारह बजे उनकी भी मौत हो गई। मंगलवार को दोनों की एक साथ दादा-पौत्र की अर्थी उठते देख गांव क्षेत्र में शोक की लहर है। बेटे की मौत से सीमा का रो-रो कर बुरा हाल है। दरवाजे पर शुभेच्छुओं की भीड़ जुट गई।
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बरहज। मदनपुर थाना क्षेत्र के खुदियां बुजुर्ग गांव में पौत्र के निधन के सदमे से दादा की भी मौत हो गई। एक साथ दो अर्थी उठने से गांव में मातम पसर गया। गौरा कटइलवा स्थित सरयू तट पर दादा और उनके पौत्र की चिताएं एक साथ जलाई गईं। जिसे देख सबकी आंखें नम हो गईं।
खुदियां बुजुर्ग गांव निवासी 70 वर्षीय पूर्व प्रधान सुरेश सिंह 1980-90 के दशक में लगातार दो बार गांव के प्रधान चुने गए थे। उनके इकलौते पुत्र संजय सिंह का इकलौता पुत्र शिवम था। बताया जा रहा है कि शिवम गोरखपुर के सरस्वती विद्या मंदिर सूरजकुंड में 11वीं का छात्र था। वह करीब एक सप्ताह से गांव आया हुआ था। परिवार लोगों का कहना है कि सोमवार की शाम वह शौचालय में गया था। पैर फिसल जाने से वह चोटिल हो गया। वहीं गांव में फांसी लगाकर जान देने की भी दबी जुबान से बात कही जा रही है। दरवाजे पर शिवम का शव देख सुरेश सिंह सदमे में आ गए। रात में करीब साढ़े बारह बजे उनकी भी मौत हो गई। मंगलवार को दोनों की एक साथ दादा-पौत्र की अर्थी उठते देख गांव क्षेत्र में शोक की लहर है। बेटे की मौत से सीमा का रो-रो कर बुरा हाल है। दरवाजे पर शुभेच्छुओं की भीड़ जुट गई।
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