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Deoria News: लाल निशान के करीब पहुंची गोर्रा नदी, 200 एकड़ फसल डूबी
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बरहज में खतरे के निशान 66.50 से 70 सेमी ऊपर 67.20 मीटर पर बह रही नदी संवाद
एकौना। गोर्रा नदी का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। रविवार की शाम गोर्रा नदी लाल निशान से महज पांच सेमी नीचे थी। वहीं राप्ती के जलस्तर में भी बढ़ोतरी है। राप्ती नदी 70.35 मीटर पर बह रही है। गोर्रा का जलस्तर 70.45 मीटर पर पहुंच गया है। वह खतरे के निशान 70.50 से महज पांच सेमी नीचे है।
नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव शुरू हो गया है। बारिश के पानी से दोआबा की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। पचलड़ी रिटायर बांध के बीच करीब 200 एकड़ फसल डूब गई है। मक्का अरहर और तिलहन की फसलों के डूब जाने से सैकड़ों किसानों का नुकसान हुआ है। पचलड़ी के किसान रमाशंकर सिंह ने कहा कि पानी से नदी लबालब हो गई। वही बारिश के पानी ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। अरहर, मक्का, तिलहन और परवल की फसल पूरी तरह डूब गई है। बाढ़ आने के पहले ही फसल बर्बाद कर चुके किसानों को बांध कटने पर गांव डूबने की चिंता सता रही है।
बलराम पासवान ने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी और रिटायर बांध के बीच करीब 200 एकड़ फसल चौपट हो गई। वहीं बरसात के पानी से दोआबा में सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है। प्रशासन किसानों की क्षति का जायजा नही ले रहा है। छोटे किसान पूरी फसल गवां कर बर्बाद हो गए हैं। गांव के राकेश्वर शर्मा का दो एकड़, रमाशंकर सिंह का तीन एकड़, जय राम शर्मा एक एकड़, पूनम शर्मा कर एक एकड़, रमापति शर्मा, जगदीश शर्मा, बलराम पासवान, रामपाल सिंह, बलवंत सिंह, सुनील सिंह, संदीप सिंह, मनोज सिंह, बालेश्वर पाल, अटल पाल, रामधनी पासवान, चंद्र भान पाल, शिवनाथ पाल, भृगुनाथ पाल, विजयी पासवान आदि किसानों की फसल डूब गई है।
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फसल की क्षतिपूर्ति की मांग
रुद्रपुर। सपा नेता हरेंद्र सिंह त्यागी और किसान नेता शब्बीर अहमद ने दोआबा और कछार में बारिश के पानी से बर्बाद फसलों की क्षतिपूर्ति की मांग की है। उन्होंने कहा की आपदा में बर्बाद फसलों का मुआवजा देने में प्रशासन कोई रूचि नही दिखा रहा है। किसानों को बारिश और नदी के जलस्तर बढ़ने से चौपट हुई फसल का मुआवजा नही मिला तो आंदोलन होगा।
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रविवार से नदियों का जलस्तर स्थिर है। ऊपर से जलस्तर कम होने से गाेर्रा और राप्ती का जलस्तर घटने की संभावना है। सभी तटबंध सुरक्षित है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
-रविशंकर यादव, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग
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नदियों का जलस्तर बढ़ने से तटबंधों पर दबाव शुरू हो गया है। बारिश के पानी से दोआबा की फसलों को भारी नुकसान हो रहा है। पचलड़ी रिटायर बांध के बीच करीब 200 एकड़ फसल डूब गई है। मक्का अरहर और तिलहन की फसलों के डूब जाने से सैकड़ों किसानों का नुकसान हुआ है। पचलड़ी के किसान रमाशंकर सिंह ने कहा कि पानी से नदी लबालब हो गई। वही बारिश के पानी ने किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया है। अरहर, मक्का, तिलहन और परवल की फसल पूरी तरह डूब गई है। बाढ़ आने के पहले ही फसल बर्बाद कर चुके किसानों को बांध कटने पर गांव डूबने की चिंता सता रही है।
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बलराम पासवान ने कहा कि नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी और रिटायर बांध के बीच करीब 200 एकड़ फसल चौपट हो गई। वहीं बरसात के पानी से दोआबा में सैकड़ों एकड़ फसल डूब गई है। प्रशासन किसानों की क्षति का जायजा नही ले रहा है। छोटे किसान पूरी फसल गवां कर बर्बाद हो गए हैं। गांव के राकेश्वर शर्मा का दो एकड़, रमाशंकर सिंह का तीन एकड़, जय राम शर्मा एक एकड़, पूनम शर्मा कर एक एकड़, रमापति शर्मा, जगदीश शर्मा, बलराम पासवान, रामपाल सिंह, बलवंत सिंह, सुनील सिंह, संदीप सिंह, मनोज सिंह, बालेश्वर पाल, अटल पाल, रामधनी पासवान, चंद्र भान पाल, शिवनाथ पाल, भृगुनाथ पाल, विजयी पासवान आदि किसानों की फसल डूब गई है।
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फसल की क्षतिपूर्ति की मांग
रुद्रपुर। सपा नेता हरेंद्र सिंह त्यागी और किसान नेता शब्बीर अहमद ने दोआबा और कछार में बारिश के पानी से बर्बाद फसलों की क्षतिपूर्ति की मांग की है। उन्होंने कहा की आपदा में बर्बाद फसलों का मुआवजा देने में प्रशासन कोई रूचि नही दिखा रहा है। किसानों को बारिश और नदी के जलस्तर बढ़ने से चौपट हुई फसल का मुआवजा नही मिला तो आंदोलन होगा।
रविवार से नदियों का जलस्तर स्थिर है। ऊपर से जलस्तर कम होने से गाेर्रा और राप्ती का जलस्तर घटने की संभावना है। सभी तटबंध सुरक्षित है। स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।
-रविशंकर यादव, सहायक अभियंता, सिंचाई विभाग