{"_id":"61dc6ddb15b1380331306bb6","slug":"fourlane-incomplete-deoria-news-gkp423211483","type":"story","status":"publish","title_hn":"दो वर्ष में होना था निर्माण, पांच वर्ष में नहीं हुआ पूरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दो वर्ष में होना था निर्माण, पांच वर्ष में नहीं हुआ पूरा
विज्ञापन
भटवलिया चौराहा तथा रूद्रपुर मोड के बीच में अधूरा पडा फोरलेन। संवाद
- फोटो : DEORIA
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
दो वर्ष में होना था निर्माण, पांच वर्ष में नहीं हुआ पूरा
फोरलेन निर्माण की लागत करोड़ों रुपये बढ़ गई, हादसे रोकने को नहीं लगाए स्टीकर, संकेतक बोर्ड
मई 2018 तक फोरलेन निर्माण पूरा कराने का था अनुबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिस फोरलेन का निर्माण दो साल में पूरा होना था, वह पांच साल गुजरने के बाद भी न केवल अधूरा है बल्कि इस पर यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। गाड़ियों के स्पीड में होने पर हादसे का खतरा बना रहता है। समय से कार्य पूरा नहीं होने की वजह से करोड़ों रुपये की लागत चौराहों के चौड़ीकरण आदि पर बढ़ गई है।
सोनौली-गोरखपुर-देवरिया-बलिया राज्य मार्ग संख्या एक के 125 से 144 तक व 145 से 174.100 किमी तक फोरलेन निर्माण के लिए शासन ने मार्च 2016 में वित्तीय मंजूरी दी। खरोह बॉर्डर से मुसैला तिराहा 29 किमी सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड व मुसैला से सलेमपुर तक 19 किमी सड़क बनवाने की जिम्मेदारी निर्माण खंड को मिली है। दो भागों में हो रहे फोरलेन निर्माण के लिए 407.98 करोड़ धनराशि शासन से स्वीकृत है। अनुबंध के मुताबिक फोरलेन का निर्माण मई 2018 तक पूरा होना था। तीन साल अधिक गुजर जाने के बाद भी जगह-जगह अधूरा है। शहर में सड़क की चौड़ाई दोनों लेन पर समान नहीं है। भटवलिया चौराहे से आगे सड़क पर बिजली के पोल होने से हादसे आएदिन हो रहे हैं। एसपी कार्यालय के सामने पूरब पटरी के तरफ सड़क एक लेन ही बनी है। यहां सड़क किनारे लगे बिजली के पोल शिफ्ट नहीं हुए हैं। ट्रक गुजरने पर बाइक सवारों को सड़क से नीचे उतरना पड़ता है।
जुलाई में मिल चुका दस करोड़, फिर भी नहीं शुरू हुआ निर्माण
समय से सड़क का निर्माण नहीं होने के पीछे चाहे जो भी कारण हो, लेकिन इससे लोगों को जाम की दिक्क्त आएदिन झेेलनी पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग ने एक वर्ष पहले किमी 125-144 का रिवाइज एस्टीमेट 182 करोड़ 63 लाख रुपये का भेजा। जुलाई 2021 में दस करोड़ रुपये भी मिल गए, लेकिन निर्माण कार्यों में कोई तेजी नहीं आई। गौर करें तो करोड़ों रुपये लागत बढ़ने के बावजूद निर्माण में तेजी नहीं आ पा रही है। इसके पीछे ठेकेदार की लापरवाही लोक निर्माण विभाग के अधिकारी बता तो रहे हैं लेकिन कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
इनसेट
नहीं लगे संकेतक और रेडियम युक्त लाइट
निर्माणाधीन फोरलेन की वजह से रुद्रपुर चौराहे का सुंदरीकरण कार्य खटाई में पड़ गया। कारण नगरपालिका ने प्रयास शुरू किया तो लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण का हवाला देकर कार्य रोकवा दिया। हादसे रोकने के लिए स्टीकर, रेडियम युक्त लाइटें, संकेतक बोर्ड आदि नहीं लग सके। यही कारण है कि गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर हादसे अधिक हो रहे हैं। रुद्रपुर मोड़ से सुभाष चौक तक टूटे डिवाइडर विभागीय लापरवाही की कहानी बयां कर रहे हैं। सड़क पर जगह-जगह कट होने की वजह से आएदिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों ने कई जगह अपनी सुविधा से डिवाइडर तोड़कर कट बना लिया है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग जीएस वर्मा ने बताया कि फोरलेन निर्माण का कार्य मेसर्स सीएस इंफ्रा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड करा रही है। अनुबंध के मुताबिक निर्माण कार्य पूरा कराने में हुए विलंब के संबंध में ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। शीघ्र निर्माण पूरा नहीं कराने पर फर्म के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सड़क निर्माण समय से पूरा नहीं होने से दिक्कतें
सड़क का निर्माण समय से पूरा हो जाता तो चौराहों के सुंदरीकरण कार्य में सुविधा होती
नेपाल से गोरखपुर-देवरिया होते बलिया जाने वाले पर्यटकों की राह सुगम होती
आएदिन लगने वाले जाम से लोगों को नहीं जूझना पड़ता
संकेतक आदि लगने से दुर्घटनाओं में कमी आती
विज्ञापन
फोरलेन निर्माण की लागत करोड़ों रुपये बढ़ गई, हादसे रोकने को नहीं लगाए स्टीकर, संकेतक बोर्ड
मई 2018 तक फोरलेन निर्माण पूरा कराने का था अनुबंध
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिस फोरलेन का निर्माण दो साल में पूरा होना था, वह पांच साल गुजरने के बाद भी न केवल अधूरा है बल्कि इस पर यात्रा करना खतरे से खाली नहीं है। सड़क पर जगह-जगह गड्ढे बन गए हैं। गाड़ियों के स्पीड में होने पर हादसे का खतरा बना रहता है। समय से कार्य पूरा नहीं होने की वजह से करोड़ों रुपये की लागत चौराहों के चौड़ीकरण आदि पर बढ़ गई है।
सोनौली-गोरखपुर-देवरिया-बलिया राज्य मार्ग संख्या एक के 125 से 144 तक व 145 से 174.100 किमी तक फोरलेन निर्माण के लिए शासन ने मार्च 2016 में वित्तीय मंजूरी दी। खरोह बॉर्डर से मुसैला तिराहा 29 किमी सड़क का निर्माण पीडब्ल्यूडी प्रांतीय खंड व मुसैला से सलेमपुर तक 19 किमी सड़क बनवाने की जिम्मेदारी निर्माण खंड को मिली है। दो भागों में हो रहे फोरलेन निर्माण के लिए 407.98 करोड़ धनराशि शासन से स्वीकृत है। अनुबंध के मुताबिक फोरलेन का निर्माण मई 2018 तक पूरा होना था। तीन साल अधिक गुजर जाने के बाद भी जगह-जगह अधूरा है। शहर में सड़क की चौड़ाई दोनों लेन पर समान नहीं है। भटवलिया चौराहे से आगे सड़क पर बिजली के पोल होने से हादसे आएदिन हो रहे हैं। एसपी कार्यालय के सामने पूरब पटरी के तरफ सड़क एक लेन ही बनी है। यहां सड़क किनारे लगे बिजली के पोल शिफ्ट नहीं हुए हैं। ट्रक गुजरने पर बाइक सवारों को सड़क से नीचे उतरना पड़ता है।
विज्ञापन
जुलाई में मिल चुका दस करोड़, फिर भी नहीं शुरू हुआ निर्माण
समय से सड़क का निर्माण नहीं होने के पीछे चाहे जो भी कारण हो, लेकिन इससे लोगों को जाम की दिक्क्त आएदिन झेेलनी पड़ रही है। लोक निर्माण विभाग ने एक वर्ष पहले किमी 125-144 का रिवाइज एस्टीमेट 182 करोड़ 63 लाख रुपये का भेजा। जुलाई 2021 में दस करोड़ रुपये भी मिल गए, लेकिन निर्माण कार्यों में कोई तेजी नहीं आई। गौर करें तो करोड़ों रुपये लागत बढ़ने के बावजूद निर्माण में तेजी नहीं आ पा रही है। इसके पीछे ठेकेदार की लापरवाही लोक निर्माण विभाग के अधिकारी बता तो रहे हैं लेकिन कार्रवाई नहीं कर रहे हैं।
विज्ञापन
इनसेट
नहीं लगे संकेतक और रेडियम युक्त लाइट
निर्माणाधीन फोरलेन की वजह से रुद्रपुर चौराहे का सुंदरीकरण कार्य खटाई में पड़ गया। कारण नगरपालिका ने प्रयास शुरू किया तो लोक निर्माण विभाग ने सड़क निर्माण का हवाला देकर कार्य रोकवा दिया। हादसे रोकने के लिए स्टीकर, रेडियम युक्त लाइटें, संकेतक बोर्ड आदि नहीं लग सके। यही कारण है कि गोरखपुर-देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर हादसे अधिक हो रहे हैं। रुद्रपुर मोड़ से सुभाष चौक तक टूटे डिवाइडर विभागीय लापरवाही की कहानी बयां कर रहे हैं। सड़क पर जगह-जगह कट होने की वजह से आएदिन दुर्घटनाएं हो रही हैं। लोगों ने कई जगह अपनी सुविधा से डिवाइडर तोड़कर कट बना लिया है। इस संबंध में अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण विभाग जीएस वर्मा ने बताया कि फोरलेन निर्माण का कार्य मेसर्स सीएस इंफ्रा कंस्ट्रक्शन लिमिटेड करा रही है। अनुबंध के मुताबिक निर्माण कार्य पूरा कराने में हुए विलंब के संबंध में ठेकेदार को नोटिस दिया गया है। शीघ्र निर्माण पूरा नहीं कराने पर फर्म के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
सड़क निर्माण समय से पूरा नहीं होने से दिक्कतें
सड़क का निर्माण समय से पूरा हो जाता तो चौराहों के सुंदरीकरण कार्य में सुविधा होती
नेपाल से गोरखपुर-देवरिया होते बलिया जाने वाले पर्यटकों की राह सुगम होती
आएदिन लगने वाले जाम से लोगों को नहीं जूझना पड़ता
संकेतक आदि लगने से दुर्घटनाओं में कमी आती