{"_id":"6abc0e12e63504ab2b09c1d8","slug":"filthy-water-pooled-at-the-school-gate-puts-young-children-at-risk-of-infection-deoria-news-c-208-1-deo1021-193014-2026-09-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: स्कूल के गेट पर फैला गंदा पानी संक्रमण के खतरे में नौनिहाल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: स्कूल के गेट पर फैला गंदा पानी संक्रमण के खतरे में नौनिहाल
Wed, 30 Sep 2026 12:44 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 30 Sep 2026 12:44 AM IST
विज्ञापन
सोनूघाट। सदर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सोनूघाट के मुख्य गेट पर बरसाती और नाले का गंदा पानी इकट्टा होने से बच्चों के लिए परेशानी बढ़ गई है। थोड़ी बारिश होते ही परिसर के प्रवेश द्वार पर कचरा और दूषित पानी एकत्र हो जाता है। इससे स्कूल गेट पर जलभराव और गंदगी से संक्रमण का खतरा बढ़ गया है। बच्चों को इसी रास्ते से होकर विद्यालय आना-जाना पड़ता है।
बारिश के बाद गेट के सामने जमा गंदे पानी में कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। इससे उनकी ड्रेस खराब हो जाती है और चोट लगने का भी खतरा बना रहता है। स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों के अनुसार, समस्या लंबे समय से बनी हुई है। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दिए जाने के बावजूद अब तक दवा के छिड़काव की व्यवस्था नहीं की गई है।
सोनूघाट चौराहा निवासी ध्रुव जायसवाल, डॉ. उमेश गौड़, इंद्रजीत यादव, दुर्गेश कुमार यादव और लालबाबू ने बताया कि विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। जलभराव वाले स्थान पर समय से दवा का छिड़काव नहीं होने से संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। प्रधानाध्यापिका नीलम वर्मा ने बताया कि बारिश के मौसम में नाले का गंदा पानी विद्यालय गेट के सामने जमा हो जाता है।
विज्ञापन
पीएचसी मझगांवा के प्रभारी चिकित्साधिकारी एके पांडे ने बताया कि बारिश शुरू होते ही दवा छिड़काव का कार्य कराया जाता है। जलभराव वाले सभी स्थानों को चिह्नित कर वहां दवा का छिड़काव कराया जाएगा।
विज्ञापन
बारिश के बाद गेट के सामने जमा गंदे पानी में कई बार बच्चे फिसलकर गिर जाते हैं। इससे उनकी ड्रेस खराब हो जाती है और चोट लगने का भी खतरा बना रहता है। स्थानीय दुकानदारों और ग्रामीणों के अनुसार, समस्या लंबे समय से बनी हुई है। स्वास्थ्य एवं शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इसकी जानकारी दिए जाने के बावजूद अब तक दवा के छिड़काव की व्यवस्था नहीं की गई है।
विज्ञापन
सोनूघाट चौराहा निवासी ध्रुव जायसवाल, डॉ. उमेश गौड़, इंद्रजीत यादव, दुर्गेश कुमार यादव और लालबाबू ने बताया कि विद्यालय आने-जाने वाले बच्चों को रोजाना परेशानी उठानी पड़ती है। जलभराव वाले स्थान पर समय से दवा का छिड़काव नहीं होने से संक्रमण फैलने की आशंका बनी हुई है। प्रधानाध्यापिका नीलम वर्मा ने बताया कि बारिश के मौसम में नाले का गंदा पानी विद्यालय गेट के सामने जमा हो जाता है।
विज्ञापन
पीएचसी मझगांवा के प्रभारी चिकित्साधिकारी एके पांडे ने बताया कि बारिश शुरू होते ही दवा छिड़काव का कार्य कराया जाता है। जलभराव वाले सभी स्थानों को चिह्नित कर वहां दवा का छिड़काव कराया जाएगा।