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रुद्रपुर में एक साथ जली पिता और पुत्र की चिता
देवरिया
Updated Sat, 14 Jan 2017 11:03 PM IST
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सुरेश
- फोटो : अमर उजाला
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रुद्रपुर। नगर के टेढ़ा स्थान वार्ड में शुक्रवार की शाम सिलेंडर से हुए विस्फोट में मौत का खौफनाक मंजर लोगों के जेहन से नहीं मिट रहा। भयकंर विस्फोट में बाप, बेटे की मौत के बाद कई जिंदगिया तबाह हो गई है। शनिवार को पोस्टमार्टम के बाद पिता और पुत्र का एक साथ शव आते ही कोहराम मच गया। उनकी शव यात्रा में शामिल लोगों की आंखो से आसूंओं की धारा निकल पड़ी।
शमशान घाट पर पिता और पुत्र की एक साथ चिता सजाई गई।
सुरेश का छोटा भाई मन्नु ने जब भाई और भतीजे को चिता को एक साथ आग लगाई तो फफक कर रो पड़ा। सुरेश मद्धेशिया कबाड़ खरीदने और बेचने का काम करते थे। शुक्रवार को वह अपने घर में दो बेटों के साथ चाय बना रहे थे। इस दौरान सिलेंडर में विस्फोट से मोहल्ले में कोहराम मच गया। देखते ही देखते चारो तरफ मौत नाचने लगी। सुरेश का छत विछत शव बिखर गया।
वहीं उसका छोटा बेटा ऋतिक और बड़ा बेटा प्रिंस बुरी तरह घायल हो गिरे थे। ऋतिक अस्पताल पहुंचकर दम तोड़ दिया। प्रिंस का गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। इस घटना से नगर में मातम पसारा है। पति और बेटे का शव पोस्टमार्टम के बाद घर आया तो मंशा और उसकी दो बेटिया प्रिया, अर्पिता की हृदय विदारक चीख सें पूरा मंजर गमगीन हो गया। सुरेश की पत्नी सुध बुध खो चुकी है। उसका मानसिंक संतुलन बिगड़ गया है।
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वह कलेजा पीटकर जान देने की कोशिश कर रही थी। सुरेश के भरापूरा परिवार भयनाक विस्फोट से बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। अब उसके दो बेटियों और पत्नी की पहाड़ जैसी जिंदगी को लेकर भाई पट्टीदार चिंतिंत हैं। रोज कमा कर खाने वाले परिवार के मुखिया और होनहार बेटे के जाने के मंशा देवी के सामने बहुत बड़ा सकंट आ गया है।
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शमशान घाट पर पिता और पुत्र की एक साथ चिता सजाई गई।
सुरेश का छोटा भाई मन्नु ने जब भाई और भतीजे को चिता को एक साथ आग लगाई तो फफक कर रो पड़ा। सुरेश मद्धेशिया कबाड़ खरीदने और बेचने का काम करते थे। शुक्रवार को वह अपने घर में दो बेटों के साथ चाय बना रहे थे। इस दौरान सिलेंडर में विस्फोट से मोहल्ले में कोहराम मच गया। देखते ही देखते चारो तरफ मौत नाचने लगी। सुरेश का छत विछत शव बिखर गया।
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वहीं उसका छोटा बेटा ऋतिक और बड़ा बेटा प्रिंस बुरी तरह घायल हो गिरे थे। ऋतिक अस्पताल पहुंचकर दम तोड़ दिया। प्रिंस का गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। इस घटना से नगर में मातम पसारा है। पति और बेटे का शव पोस्टमार्टम के बाद घर आया तो मंशा और उसकी दो बेटिया प्रिया, अर्पिता की हृदय विदारक चीख सें पूरा मंजर गमगीन हो गया। सुरेश की पत्नी सुध बुध खो चुकी है। उसका मानसिंक संतुलन बिगड़ गया है।
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वह कलेजा पीटकर जान देने की कोशिश कर रही थी। सुरेश के भरापूरा परिवार भयनाक विस्फोट से बर्बादी के कगार पर पहुंच गया है। अब उसके दो बेटियों और पत्नी की पहाड़ जैसी जिंदगी को लेकर भाई पट्टीदार चिंतिंत हैं। रोज कमा कर खाने वाले परिवार के मुखिया और होनहार बेटे के जाने के मंशा देवी के सामने बहुत बड़ा सकंट आ गया है।