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आई फ्लू का प्रकोप : शहर के एक विद्यालय में सौ से अधिक छात्र चपेट में
Sat, 29 Jul 2023 11:59 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 29 Jul 2023 11:59 PM IST
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मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग में मरीजो का परिक्षण करते चिकित्सक।संवाद
देवरिया। कंजेक्टिवाइटिस (आई फ्लू) का प्रकोप जनपद में तेजी से बढ़ रहा है। शहर के विद्यालयों में विद्यार्थी चपेट में आ रहे हैं। एक विद्यालय में करीब सौ छात्र संक्रमण की चपेट में आ गए हैं। पीड़ित छात्रों को शिक्षक स्कूल आने से मना कर रहे हैं। जबकि कुछ छात्र स्कूल पहुंचने के बाद दिक्कत होने पर लौट जा रहे हैं। वहीं, शहर से लेकर गांवों तक में बीमारी तेजी से फैल रही है। मरीजों की संख्या बढ़ने से शहर जिले के सरकारी अस्पतालों में आई ड्राॅप की कमी हो जा रही है। लोगों को बाहर से महंगी दवाएं खरीदनी पड़ रहीं हैं।
बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस की ग्रोथ बढ़ने से कंजेक्टिवाइटिस बीमारी अधिक होती है। इन दिनों आई फ्लू तेजी से फैल रहा है। शहर एक स्कूल में करीब सौ छात्र पीड़ित हो गए हैं। एक ही कक्षा के करीब तीस बच्चे बीमारी की चपेट में आ गए हैं। यही हाल अन्य विद्यालयाें का भी है। एक व्यक्ति के संक्रमित होने पर परिवार के सदस्यों के सावधानी न बरतने पर अन्य लोगों को भी दिक्कत हो जा रही है। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी है। तीन दिन पहले भटनी क्षेत्र में एक स्कूल को दो दिन के लिए बंद कर दिया। गांवों में भी परिवार के परिवार बीमारी की चपेट में आ गए हैं। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। शुक्रवार को 485 में करीब 315 मरीज आई फ्लू से पीड़ित थे। शनिवार को दोपहर तक ओपीडी थी। इस बीच 175 लोग पहुंचे, जिसमें सौ से अधिक आई फ्लू के रहे। इसमें आधी संख्या बच्चों की रही। उधर रुद्रपुर, बरहज, सलेमपुर, भाटपाररानी, पथरदेवा क्षेत्र में भी यह बीमारी तेजी से फैली है। सीएचसी, पीएचसी पर भी अधिक संख्या में आंख की बीमारी से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पतालों में ड्राॅप की कमी हो जा रही है। बाहर से लेने पर ड्राॅप 95 रुपये और मरहम के लिए 140 रुपये रुपये देने पड़ रहे हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कॉलेज तथा सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को लोगों को जागरूक करने के लिए कहा गया है। निजी डॉक्टरों के यहां भी काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
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लापरवाही से बढ़ सकती है परेशानी
- मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग के डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. एसके सिंह, डॉ. कन्हैया प्रसाद ने बताया कि आई फ्लू आंखों में बैक्टीरिया व वायरस के संक्रमण या एलर्जिक रिएक्शन के कारण होता है। इसमें आंखों में एक पारदर्शी पतली झिल्ली, कंजक्टिवा होती जो पलकों के अंदरूनी और आंखों की पुतली के सफेद भाग को कवर करती है। फ्लू में इसमें सूजन के साथ ही संक्रमण हो जाता है। आंख में दिक्कत होने गंभीरता से लें और डॉक्टर को दिखाएं। लापरवाही से आंख में अल्सर बनने का भी डर रहता है, जिससे आंख की रोशनी पर भी असर पड़ सकता है। डॉ. अदिती, डॉ. आकांक्षा, डॉ. तरुण ने बताया कि वायरल होने पर आंख से पानी आने और लालिमा शुरू हो जाती है। कीचड़ आने लगता है, सुबह सोकर उठने पर आंख चिपक जाती है। दर्द भी होने लगता है। इस तरह की परेशानी होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए।
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काला चश्मा की बिक्री बढ़ी
देवरिया। आई फ्लू की चपेट में आने वाले लोगों को डॉक्टर काला चश्मा लगाने की सलाह भी दे रहे हैं। अस्पताल में जहां मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, चश्मा की दुकानों पर लोग पहुंच रहे हैं। व्यापारी मंटू जायसवाल ने बताया कि इन दिनों चश्मा की बिक्री बढ़ी है। फ्लू से पीड़ित काला चश्मा के लिए पहुंच रहे हैं।
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लक्षण
- एक या दोनों आंख लाल या गुलाबी होना, जलन व खुजली होना
- अधिक पानी निकलना
- आंखों में चुभन महसूस होना, सूजन होना
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ये बरतें सावधानी
- हर आधे घंटे पर आंखों को नल के ठंडे पानी से धोएं
- हर रोज इस्तेमाल किए जाने वाले रूमाल, तौलिया को बदलें
- टीवी व मोबाइल का इस्तेमाल कम से कम करें
- साबुन से हाथ धोएं व सेनेटाइजर का प्रयोग करें
- आंखों को हाथों से बार-बार न छुएं
- थोड़ी-थोड़ी देर पर हाथ धोते रहें
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं
- भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें
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बारिश के मौसम में कंजेक्टिवाइटिस फैलता है। इन दिनों मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसको लेकर सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। साफ-सफाई पर ध्यान देने तथा पीड़ित से दूरी बनाकर रहने की जरूरत है। दिक्कत होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। सीएचसी, पीएचसी पर दवाएं उपलब्ध हैं।
- डॉ. राजेश झा, सीएमओ
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बारिश के मौसम में बैक्टीरिया और वायरस की ग्रोथ बढ़ने से कंजेक्टिवाइटिस बीमारी अधिक होती है। इन दिनों आई फ्लू तेजी से फैल रहा है। शहर एक स्कूल में करीब सौ छात्र पीड़ित हो गए हैं। एक ही कक्षा के करीब तीस बच्चे बीमारी की चपेट में आ गए हैं। यही हाल अन्य विद्यालयाें का भी है। एक व्यक्ति के संक्रमित होने पर परिवार के सदस्यों के सावधानी न बरतने पर अन्य लोगों को भी दिक्कत हो जा रही है। यही हाल ग्रामीण क्षेत्रों का भी है। तीन दिन पहले भटनी क्षेत्र में एक स्कूल को दो दिन के लिए बंद कर दिया। गांवों में भी परिवार के परिवार बीमारी की चपेट में आ गए हैं। महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज के नेत्र रोग में मरीजों की संख्या बढ़ गई है। शुक्रवार को 485 में करीब 315 मरीज आई फ्लू से पीड़ित थे। शनिवार को दोपहर तक ओपीडी थी। इस बीच 175 लोग पहुंचे, जिसमें सौ से अधिक आई फ्लू के रहे। इसमें आधी संख्या बच्चों की रही। उधर रुद्रपुर, बरहज, सलेमपुर, भाटपाररानी, पथरदेवा क्षेत्र में भी यह बीमारी तेजी से फैली है। सीएचसी, पीएचसी पर भी अधिक संख्या में आंख की बीमारी से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। अस्पतालों में ड्राॅप की कमी हो जा रही है। बाहर से लेने पर ड्राॅप 95 रुपये और मरहम के लिए 140 रुपये रुपये देने पड़ रहे हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग की ओर से मेडिकल कॉलेज तथा सीएचसी, पीएचसी, हेल्थ वेलनेस सेंटरों पर तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्य कर्मियों को लोगों को जागरूक करने के लिए कहा गया है। निजी डॉक्टरों के यहां भी काफी संख्या में मरीज पहुंच रहे हैं।
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लापरवाही से बढ़ सकती है परेशानी
- मेडिकल कॉलेज के नेत्र विभाग के डॉ. प्रकाश कुमार, डॉ. एसके सिंह, डॉ. कन्हैया प्रसाद ने बताया कि आई फ्लू आंखों में बैक्टीरिया व वायरस के संक्रमण या एलर्जिक रिएक्शन के कारण होता है। इसमें आंखों में एक पारदर्शी पतली झिल्ली, कंजक्टिवा होती जो पलकों के अंदरूनी और आंखों की पुतली के सफेद भाग को कवर करती है। फ्लू में इसमें सूजन के साथ ही संक्रमण हो जाता है। आंख में दिक्कत होने गंभीरता से लें और डॉक्टर को दिखाएं। लापरवाही से आंख में अल्सर बनने का भी डर रहता है, जिससे आंख की रोशनी पर भी असर पड़ सकता है। डॉ. अदिती, डॉ. आकांक्षा, डॉ. तरुण ने बताया कि वायरल होने पर आंख से पानी आने और लालिमा शुरू हो जाती है। कीचड़ आने लगता है, सुबह सोकर उठने पर आंख चिपक जाती है। दर्द भी होने लगता है। इस तरह की परेशानी होने पर लापरवाही नहीं बरतनी चाहिए। डॉक्टर से संपर्क कर इलाज कराना चाहिए।
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काला चश्मा की बिक्री बढ़ी
देवरिया। आई फ्लू की चपेट में आने वाले लोगों को डॉक्टर काला चश्मा लगाने की सलाह भी दे रहे हैं। अस्पताल में जहां मरीजों की संख्या बढ़ रही है। वहीं, चश्मा की दुकानों पर लोग पहुंच रहे हैं। व्यापारी मंटू जायसवाल ने बताया कि इन दिनों चश्मा की बिक्री बढ़ी है। फ्लू से पीड़ित काला चश्मा के लिए पहुंच रहे हैं।
लक्षण
- एक या दोनों आंख लाल या गुलाबी होना, जलन व खुजली होना
- अधिक पानी निकलना
- आंखों में चुभन महसूस होना, सूजन होना
ये बरतें सावधानी
- हर आधे घंटे पर आंखों को नल के ठंडे पानी से धोएं
- हर रोज इस्तेमाल किए जाने वाले रूमाल, तौलिया को बदलें
- टीवी व मोबाइल का इस्तेमाल कम से कम करें
- साबुन से हाथ धोएं व सेनेटाइजर का प्रयोग करें
- आंखों को हाथों से बार-बार न छुएं
- थोड़ी-थोड़ी देर पर हाथ धोते रहें
- संक्रमित व्यक्ति से दूरी बनाएं
- भीड़-भाड़ वाली जगह पर जाने से बचें
बारिश के मौसम में कंजेक्टिवाइटिस फैलता है। इन दिनों मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। इसको लेकर सभी को सावधानी बरतने की जरूरत है। साफ-सफाई पर ध्यान देने तथा पीड़ित से दूरी बनाकर रहने की जरूरत है। दिक्कत होने पर तत्काल डॉक्टर को दिखाएं। सीएचसी, पीएचसी पर दवाएं उपलब्ध हैं।
- डॉ. राजेश झा, सीएमओ