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पूर्व प्रधान को 1.18 लाख रुपये जमा करने के आदेश
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पूर्व प्रधान को 1.18 लाख रुपये जमा करने के आदेश
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह ने देसही देवरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पकड़ी वीरभद्र की तत्कालीन ग्राम प्रधान आशा शाही द्वारा दुरुपयोग की गई धनराशि 2,37,085 रुपये की आधी धनराशि 1,18,542 रुपये को 15 दिन के अंदर ग्राम निधि खाते में जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही जमा नहीं करने की दशा में दुरुपयोग की गई समस्त शासकीय धनराशि की वसूली भू-राजस्व बकाए की भांति की जाएगी।
पकड़ी वीरभद्र गांव निवासी नरसिंह प्रताप सिंह ने नोटरी बयान हल्फ़ी के साथ शासकीय धन के दुरुपयोग की शिकायत की थी। उसकी जांच के लिए परियोजना निदेशक, अधिशासी अभियंता आरईडी एवं सहायक अभियंता जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को नामित करते हुए समिति गठित की गई थी। समिति ने जांच के बाद आख्या प्रस्तुत की। ग्राम पंचायत पकड़ी वीरभद्र में 2,37,085 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग पाया गया। इसके लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान आशा शाही को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया। इससे स्पष्ट है कि नोटिस में उल्लिखित सभी आरोप उन्हें स्वीकार हैं। जिलाधिकारी ने दुरुपयोग की गई धनराशि की आधी धनराशि जमा करने के निर्देश दिए हैं।
भरौटा के पूर्व प्रधान को गबन की धनराशि जमा करने का नोटिस
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने विकासखंड तरकुलवा की ग्राम पंचायत भरौटा के तत्कालीन प्रधान शंकर यादव को शासकीय धन के दुरुपयोग के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने दुरुपयोग की गई 6,88,181 रुपये की आधी धनराशि 3,44,090 रुपये को जमा करने का निर्देश दिया है।
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ग्राम भरौटा निवासी उपेंद्र राव ने लोकायुक्त के समक्ष प्रस्तुत परिवाद पर जिलाधिकारी ने डीपीआरओ, क्षेत्राधिकारी सदर एवं सहायक अभियोजन अधिकारी की त्रिस्तरीय समिति गठित कर इसकी जांच कराई। समिति ने विभिन्न बिंदुओं पर कुल 6,88,181 रुपये की लागत से कराए गए कार्यों को मौके पर नहीं पाया। यह धनराशि बिना कार्य कराए ही आहरित कर ली गई। इस अनियमितता के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान शंकर यादव एवं ग्राम पंचायत सचिव आस मोहम्मद संयुक्त रूप में दोषी पाए गए। दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली किए जाने के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।
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देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रसाद सिंह ने देसही देवरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम पकड़ी वीरभद्र की तत्कालीन ग्राम प्रधान आशा शाही द्वारा दुरुपयोग की गई धनराशि 2,37,085 रुपये की आधी धनराशि 1,18,542 रुपये को 15 दिन के अंदर ग्राम निधि खाते में जमा करने का निर्देश दिया है। साथ ही जमा नहीं करने की दशा में दुरुपयोग की गई समस्त शासकीय धनराशि की वसूली भू-राजस्व बकाए की भांति की जाएगी।
पकड़ी वीरभद्र गांव निवासी नरसिंह प्रताप सिंह ने नोटरी बयान हल्फ़ी के साथ शासकीय धन के दुरुपयोग की शिकायत की थी। उसकी जांच के लिए परियोजना निदेशक, अधिशासी अभियंता आरईडी एवं सहायक अभियंता जिला ग्राम्य विकास अभिकरण को नामित करते हुए समिति गठित की गई थी। समिति ने जांच के बाद आख्या प्रस्तुत की। ग्राम पंचायत पकड़ी वीरभद्र में 2,37,085 रुपये की धनराशि का दुरुपयोग पाया गया। इसके लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान आशा शाही को कारण बताओ नोटिस जारी कर 15 दिन में स्पष्टीकरण देने के लिए कहा गया था, लेकिन उन्होंने स्पष्टीकरण प्रस्तुत नहीं किया। इससे स्पष्ट है कि नोटिस में उल्लिखित सभी आरोप उन्हें स्वीकार हैं। जिलाधिकारी ने दुरुपयोग की गई धनराशि की आधी धनराशि जमा करने के निर्देश दिए हैं।
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भरौटा के पूर्व प्रधान को गबन की धनराशि जमा करने का नोटिस
देवरिया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने विकासखंड तरकुलवा की ग्राम पंचायत भरौटा के तत्कालीन प्रधान शंकर यादव को शासकीय धन के दुरुपयोग के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने दुरुपयोग की गई 6,88,181 रुपये की आधी धनराशि 3,44,090 रुपये को जमा करने का निर्देश दिया है।
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ग्राम भरौटा निवासी उपेंद्र राव ने लोकायुक्त के समक्ष प्रस्तुत परिवाद पर जिलाधिकारी ने डीपीआरओ, क्षेत्राधिकारी सदर एवं सहायक अभियोजन अधिकारी की त्रिस्तरीय समिति गठित कर इसकी जांच कराई। समिति ने विभिन्न बिंदुओं पर कुल 6,88,181 रुपये की लागत से कराए गए कार्यों को मौके पर नहीं पाया। यह धनराशि बिना कार्य कराए ही आहरित कर ली गई। इस अनियमितता के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान शंकर यादव एवं ग्राम पंचायत सचिव आस मोहम्मद संयुक्त रूप में दोषी पाए गए। दुरुपयोग की गई धनराशि की वसूली किए जाने के लिए तत्कालीन ग्राम प्रधान को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।