फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   Embezzlement of more than six lakhs by forgery

Deoria News: पट्टाधारक ने जालसाजी कर छह लाख से अधिक का किया गबन

Mon, 15 May 2023 11:56 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया Updated Mon, 15 May 2023 11:56 PM IST
विज्ञापन
Embezzlement of more than six lakhs by forgery
तीन पोखरियों का 16 लाख से अधिक सरकारी धनराशि जमा करने के नाम पर फर्जीवाड़ा
विज्ञापन

जांच में फंस सकते हैं राजस्वकर्मी, देसही देवरिया के भटनी बुजुर्ग गांव का मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
देसही देवरिया। क्षेत्र के एक गांव में एक पट्टाधारक ने तीन पोखरियों का सरकारी निर्धारित धन जमा करने के नाम पर फर्जी कागजात लगाकर छह लाख से अधिक धन का गबन कर लिया है। शक होने पर प्रधान ने मामले की छानबीन कराई तो यह फर्जीवाड़ा सामने आया तो सबके होश उड़ गए। प्रधान ने डीएम, एसडीएम से पट्टेदार को पोखरियों पर मछली पकड़ने से रोकने और उन पर कार्रवाई की मांग की। जिले स्तर से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं होने पर अब उन्होंने मुख्यमंत्री से इसकी जांच कराने की गुहार लगाई है।
देसही देवरिया के भटनी बुजुर्ग गांव के तीन पोखरियों का 27 मई, 2017 को तहसील मुख्यालय में संबंधित अधिकारियों और तत्कालीन ग्राम प्रधान की मौजूदगी में नियमबद्ध तरीके से बोली लगाई गई। उसमें ज्यादा बोली लगाने वाली एक महिला को पात्र मानकर जरूरी औपचारिकताओं को पूरा कर तीन पोखरियों का 10 वर्ष के लिए उसके नाम से पट्टा कर दिया गया। कुल राजस्व 16.56 लाख निर्धारित किया गया, जो ग्रामसभा के खाते में या तहसील में रजिस्ट्रार के वहां जमा करना था। आवंटन के समय कुल निर्धारित धनराशि में से 4.14 लाख रुपये शर्त के अनुसार पट्टेदार की तरफ से तहसील में जमा करा लिया गया। उस समय वहां की ग्राम प्रधान शैला देवी थीं। इस समय प्रधान उनके पति रामनारायण सिंह हैं। रामनारायण सिंह ने पट्टेदार से पट्टे की शेष धनराशि जमा करने के मामले में जानकारी ली तो उसने बताया कि वह समय-समय पर किस्त जमा करती आ रही हैं। प्रधान ने ग्रामसभा के बैंक खाते का डिटेल निकलवाया तो उसमें कोई धनराशि जमा नहीं की गई थी। फिर उनके पूछने पर पट्टेदार ने बताया कि उसने तहसील में जमा कर दिया है। प्रधान ने तहसील में भी मामले की गहनता से छानबीन की तो पता चला कि 10 मई, 2020 को 4.14 लाख और 17 जून 2022 में 1.65 लाख रुपये जमा करने की फर्जी रसीद तहसील में संबंधित टेबल पर बकायदा कागजात के साथ डिस्पैच हुई है।
विज्ञापन

----------
प्रधान बोले- फर्जी दस्तखत बनाकर की गई है जालसाजी
रामनारायण सिंह ने बताया कि पहली रसीद पर तत्कालीन प्रधान उनकी पत्नी शैला देवी का और दूसरी रसीद पर उनका भी हुआ दस्तखत फर्जी है। उन्हें कोई जानकारी ही नहीं है। इस बात की शिकायत उन्होंने डीएम, एसडीएम सहित मुख्य राजस्व निरीक्षक से भी की, लेकिन अभी तक हीलाहवाली ही होती आ रही है। पट्टेदार अभी भी मछली का कारोबार करा रही है। इसकी शिकायत मुख्यमंत्री और एसपी से की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

---------
निष्पक्ष जांच हुई तो फंसेंगे कई राजस्वकर्मी
पट्टेदार ने दो- दो प्रधानों का जिस तरह सफाई के साथ फर्जी हस्ताक्षर कर रसीद तैयार कर डिस्पैच कराई है। उससे इस खेल में कई संबंधित राजस्वकर्मियों की मिलीभगत से इन्कार नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed