{"_id":"6ad26ebef993e145f20e4cfe","slug":"electric-wire-snaps-on-school-premises-major-accident-averted-deoria-news-c-208-1-deo1025-194519-2026-10-17","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: विद्यालय परिसर में टूटा बिजली का तार, टला बड़ा हादसा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: विद्यालय परिसर में टूटा बिजली का तार, टला बड़ा हादसा
Sat, 17 Oct 2026 12:06 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 17 Oct 2026 12:06 AM IST
विज्ञापन
स्कूल परिसर में गिरा तार।
लार रोड। लार ब्लॉक के उच्च प्राथमिक विद्यालय भूडूसरी परिसर में शुक्रवार की सुबह करीब 8:30 बजे ट्रांसफाॅर्मर से बिजली का तार टूटकर गिर गया। संयोगवश उस समय बच्चे विद्यालय नहीं पहुंचे थे जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
तार जोड़ने गए कर्मचारियों का ग्रामीणों और शिक्षकों ने विरोध किया। उनका कहना था कि विद्यालय में कुछ महीने पहले भी ट्रांसफाॅर्मर में स्पार्किंग हुई थी। शुक्रवार को तार टूटने से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
अभिभावकों का कहना था कि विद्यालय परिसर में ट्रांसफाॅर्मर और हाईटेंशन तार होने से करीब 100 बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। डीएम मधुसूदन हुल्गी भी परिषदीय विद्यालयों से तार और ट्रांसफाॅर्मर हटाने में देरी पर नाराजगी जता चुके हैं।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग ने करीब एक साल पहले ही परिषदीय विद्यालयों से हाईटेंशन तारों और परिसर में लगे ट्रांसफाॅर्मरों को हटाने के लिए बजट जारी किया था। यह धनराशि बिजली निगम को हस्तांतरित की जा चुकी है। इसके बावजूद लार ब्लॉक के करीब आठ विद्यालयों में शिफ्टिंग का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है।
ग्रामीणों और शिक्षकों का कहना है कि जर्जर तार को जोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल करना स्थायी समाधान नहीं है। जब तक विद्यालय परिसर से ट्रांसफार्मर और तार नहीं हटाए जाते, तब तक बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना रहेगा।
उन्होंने शिफ्टिंग का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की। समाजसेवी साहू विशाल गुप्ता और पुलपुल कुशवाहा ने बच्चों की पढ़ाई किसी सुरक्षित स्थान पर कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।
विज्ञापन
तार जोड़ने गए कर्मचारियों का ग्रामीणों और शिक्षकों ने विरोध किया। उनका कहना था कि विद्यालय में कुछ महीने पहले भी ट्रांसफाॅर्मर में स्पार्किंग हुई थी। शुक्रवार को तार टूटने से बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़े हो गए हैं।
विज्ञापन
अभिभावकों का कहना था कि विद्यालय परिसर में ट्रांसफाॅर्मर और हाईटेंशन तार होने से करीब 100 बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं। डीएम मधुसूदन हुल्गी भी परिषदीय विद्यालयों से तार और ट्रांसफाॅर्मर हटाने में देरी पर नाराजगी जता चुके हैं।
विज्ञापन
बेसिक शिक्षा विभाग ने करीब एक साल पहले ही परिषदीय विद्यालयों से हाईटेंशन तारों और परिसर में लगे ट्रांसफाॅर्मरों को हटाने के लिए बजट जारी किया था। यह धनराशि बिजली निगम को हस्तांतरित की जा चुकी है। इसके बावजूद लार ब्लॉक के करीब आठ विद्यालयों में शिफ्टिंग का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है।
ग्रामीणों और शिक्षकों का कहना है कि जर्जर तार को जोड़कर बिजली आपूर्ति बहाल करना स्थायी समाधान नहीं है। जब तक विद्यालय परिसर से ट्रांसफार्मर और तार नहीं हटाए जाते, तब तक बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना रहेगा।
उन्होंने शिफ्टिंग का काम प्राथमिकता के आधार पर पूरा कराने की मांग की। समाजसेवी साहू विशाल गुप्ता और पुलपुल कुशवाहा ने बच्चों की पढ़ाई किसी सुरक्षित स्थान पर कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं होना चाहिए।