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आंधी-पानी से बिजली आपूर्ति ध्वस्त, अंधेरे में रहा शहर
Sun, 07 Apr 2019 11:17 PM IST
राकेश पांडेय
deoria
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Published by: राकेश पांडेय
Updated Sun, 07 Apr 2019 11:17 PM IST
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मईलौटा में आंधी से गिरा पेड़।
- फोटो : amar ujala
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देवरिया। मौसम में अचानक हुए बदलाव के बाद शनिवार की रात तेज आंधी-बारिश से जिले की विद्युत व्यवस्था ध्वस्त हो गई। जगह-जगह तार टूटने, जंपर उड़ने और फाल्ट से दो तिहाई शहर पूरी रात अंधेरे में डूबा रहा। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बिजली के लिए हाहाकार रहा। सुबह लोग पानी के लिए भी भटकते नजर आए। कड़ी मशक्कत के बाद निगम के कर्मचारियों ने शहरी क्षेत्रों की बिजली तो दोपहर तक बहाल कर दी, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में शाम तक मरम्मत का काम चलता रहा।
रात करीब 10 बजे शहर में तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। सुभाष चौक पर हाई वोल्टेज तार टूट गया, जबकि उमानगर में तार पर पेड़ की टहनी गिर गई। वहीं, न्यू कॉलोनी फीडर और जिला पंचायत गेट के पास तार टूट गया। इसकी वजह से रामलीला मैदान, भटवलिया, पुरवा और नाथनगर विद्युत उपकेंद्र के सभी फीडर शनिवार की रात करीब 11 बजे से ठप हो गए। रविवार को सुबह बिजली नहीं मिलने से शहरवासियों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। जेई और उपकेंद्र के सीयूजी नंबर पर फोन कर मोहल्लेवालों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। चार घंटे पेट्रोलिंग के बाद विद्युत कर्मियों ने दिन में करीब 12 बजे आपूर्ति बहाल की। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के बरहज, सलेमपुर, लार, तरकुलवा, भाटपाररानी, देसही देवरिया, बघौचघाट इलाके करीब 200 गांवों की बिजली तार टूटने और फ्यूज उड़ने के कारण ठप रही।
इन मोहल्लों की ठप रही बिजली आपूर्ति
न्यू कॉलोनी, अबूबकर नगर, मालवीय रोड, रेलवे स्टेशन, साकेतनगर, खरजरवा, भटवलिया, देवरिया रामनाथ, राघव नगर, देवरिया खास, उमानगर, अलीनगर, सिविल लाइंस, हनुमान मंदिर, रामलीला मैदान, मालवीय रोड, भीखमपुर रोड, रुद्रपुर रोड, सीसी रोड, सिविल लाइंस की बिजली आपूर्ति ठप रही।
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कोट
आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए। इसकी वजह से शहर और कई गांवों की आपूर्ति ठप रही। शहर की आपूर्ति बहाल हो गई है। गांवों कुछ हिस्सों में विद्युतकर्मी पेट्रोलिंग कर रहे हैं। शाम तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
-जेके शर्मा, अधीक्षण अभियंता, देवरिया।
कृषि विभाग का दावा, फसल को नुकसान नहीं
देवरिया। बारिश के साथ हुई ओला गिरने से आम किसान भले ही चिंतित हों, लेकिन कृषि विभाग के रिकार्ड में सब कुछ ओके है। उनका मानना है कि जिले में कहीं भी ओला नहीं गिरा, जिससे फसलों को नुकसान हो। आंधी से भी आंशिक क्षति हुई है। बता दें कि शनिवार की रात आंधी के साथ शहर समेत जिले के विभिन्न बारिश और ओले भी गिरे। बड़े आकार के ओलों से फसलों की क्षति का दावा किया जा रहा है, जबकि कृषि विभाग के दावे इससे इतर हैं। उधर, बारिश ने उन किसानों को भी काफी क्षति पहुंचाई है, जिनकी फसल काटकर खेत या सिवान में भी छोड़ दिया गया था। काफी मात्रा में उनका गेहूं पानी में बह गया। जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल ने बताया कि बारिश से फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा है। दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा है। राजस्व और कृषि विभाग के ब्लॉकों से अब तक जो रिपोर्ट आई है, उसमें कहीं भी ओलावृष्टि का जिक्र नहीं है।
आंधी-पानी से गेहूं की फसल गिरी
सलेमपुर। आंधी पानी के साथ ओला गिरने से गेहूं की फसलें गिर गई। भागलपुर पिंडी मार्ग पर पेड़ गिरने से पड़ा। इसकी वजह से कई गांवों की बिजली आपूर्ति रात को ठप रही। ओला गिरने से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। किसान खेत में खड़ी फसल को अब काटने की तैयारी में थे। कुछ गांवों में मड़ाई शुरू हो गई थी। बारिश-आंधी के साथ ओले भी पड़े। पेड़ गिरने भागलपुर-पिंडी मार्ग पर पेड़ गिरने के कारण आवागमन ठप रहा।
किसानों की मेहनत पर गिरे ओले
रुद्रपुर। खेतों पर पक कर तैयार फसलों पर गिरे ओले और बारिश से भारी नुकसान हुआ। खेत में काट कर रखी गई गेहूं की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। पिछले दो साल से रबी फसल नष्ट होने का दंश झेल रहे किसानों को इस बार भी मौसम ने धोखा दे दिया। दोआबा और कछार इलाके में गेहूं की फसल लगभग तैयार हो चुकी थी। कुछ किसानों ने कंबाइन से कटाई भी शुरू करा दी थी पर दो दिन से पुरवा हवा बदलने से कंबाइन बंद पड़े थे। अचानक आई बारिश से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। ओले से गेहूं की बालियां खराब होने लगी हैं। अब किसानों को फसल कटाने के लिए मौसम बदलने का इंतजार करना होगा। किसानों ने प्रशासन से क्षति हुई फसलों का निरीक्षण कर मुआवजा देने की मांग की।
गिरे तार-पोल, बरहज की आपूर्ति ठप
बरहज। शनिवार की देर रात नगर क्षेत्र में आए आंधी बारिश से जगह-जगह विद्युत पोल, पेड़-पौधे उखड़ गए। नगर सहित करीब 172 गांवों की आपूर्ति प्रभावित है। तेज हवा और बारिश से कपरवार, भलुअनी, पैना, मगहरा, बरांव, मदनपुर आदि जगहों के किसानों को काफी नुकसान हुआ है। कपरवार, लक्ष्मीपुर, बढ़या हरदो, भुलईपुर, मझवां आदि गांवों में विद्युत पोल और तार टूटकर गिर गए हैं। कुइयां के समीप 33 हजार वोल्ट आपूर्ति का पोल टूटने से बरहज, गौरा-जयनगर, देहात क्षेत्र के 172 गांव प्रभावित हैं। लाइनमैन ओमप्रकाश शाही, अनिल दुबे, अजय चौहान, प्रमोद यादव, शिवबहादुर गुप्ता मरम्मत कार्य में जुटे रहे। एसडीओ गणेश शंकर मिश्र ने बताया कि समय से आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।
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रात करीब 10 बजे शहर में तेज हवा के साथ बारिश होने लगी। सुभाष चौक पर हाई वोल्टेज तार टूट गया, जबकि उमानगर में तार पर पेड़ की टहनी गिर गई। वहीं, न्यू कॉलोनी फीडर और जिला पंचायत गेट के पास तार टूट गया। इसकी वजह से रामलीला मैदान, भटवलिया, पुरवा और नाथनगर विद्युत उपकेंद्र के सभी फीडर शनिवार की रात करीब 11 बजे से ठप हो गए। रविवार को सुबह बिजली नहीं मिलने से शहरवासियों को पानी के लिए परेशान होना पड़ा। जेई और उपकेंद्र के सीयूजी नंबर पर फोन कर मोहल्लेवालों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। चार घंटे पेट्रोलिंग के बाद विद्युत कर्मियों ने दिन में करीब 12 बजे आपूर्ति बहाल की। वहीं, ग्रामीण क्षेत्र के बरहज, सलेमपुर, लार, तरकुलवा, भाटपाररानी, देसही देवरिया, बघौचघाट इलाके करीब 200 गांवों की बिजली तार टूटने और फ्यूज उड़ने के कारण ठप रही।
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इन मोहल्लों की ठप रही बिजली आपूर्ति
न्यू कॉलोनी, अबूबकर नगर, मालवीय रोड, रेलवे स्टेशन, साकेतनगर, खरजरवा, भटवलिया, देवरिया रामनाथ, राघव नगर, देवरिया खास, उमानगर, अलीनगर, सिविल लाइंस, हनुमान मंदिर, रामलीला मैदान, मालवीय रोड, भीखमपुर रोड, रुद्रपुर रोड, सीसी रोड, सिविल लाइंस की बिजली आपूर्ति ठप रही।
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आंधी के कारण कई स्थानों पर बिजली के तार टूट गए। इसकी वजह से शहर और कई गांवों की आपूर्ति ठप रही। शहर की आपूर्ति बहाल हो गई है। गांवों कुछ हिस्सों में विद्युतकर्मी पेट्रोलिंग कर रहे हैं। शाम तक आपूर्ति बहाल हो जाएगी।
-जेके शर्मा, अधीक्षण अभियंता, देवरिया।
कृषि विभाग का दावा, फसल को नुकसान नहीं
देवरिया। बारिश के साथ हुई ओला गिरने से आम किसान भले ही चिंतित हों, लेकिन कृषि विभाग के रिकार्ड में सब कुछ ओके है। उनका मानना है कि जिले में कहीं भी ओला नहीं गिरा, जिससे फसलों को नुकसान हो। आंधी से भी आंशिक क्षति हुई है। बता दें कि शनिवार की रात आंधी के साथ शहर समेत जिले के विभिन्न बारिश और ओले भी गिरे। बड़े आकार के ओलों से फसलों की क्षति का दावा किया जा रहा है, जबकि कृषि विभाग के दावे इससे इतर हैं। उधर, बारिश ने उन किसानों को भी काफी क्षति पहुंचाई है, जिनकी फसल काटकर खेत या सिवान में भी छोड़ दिया गया था। काफी मात्रा में उनका गेहूं पानी में बह गया। जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल ने बताया कि बारिश से फसलों को नुकसान नहीं पहुंचा है। दलहनी फसलों को नुकसान पहुंचा है। राजस्व और कृषि विभाग के ब्लॉकों से अब तक जो रिपोर्ट आई है, उसमें कहीं भी ओलावृष्टि का जिक्र नहीं है।
आंधी-पानी से गेहूं की फसल गिरी
सलेमपुर। आंधी पानी के साथ ओला गिरने से गेहूं की फसलें गिर गई। भागलपुर पिंडी मार्ग पर पेड़ गिरने से पड़ा। इसकी वजह से कई गांवों की बिजली आपूर्ति रात को ठप रही। ओला गिरने से गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचने का अनुमान लगाया जा रहा है। किसान खेत में खड़ी फसल को अब काटने की तैयारी में थे। कुछ गांवों में मड़ाई शुरू हो गई थी। बारिश-आंधी के साथ ओले भी पड़े। पेड़ गिरने भागलपुर-पिंडी मार्ग पर पेड़ गिरने के कारण आवागमन ठप रहा।
किसानों की मेहनत पर गिरे ओले
रुद्रपुर। खेतों पर पक कर तैयार फसलों पर गिरे ओले और बारिश से भारी नुकसान हुआ। खेत में काट कर रखी गई गेहूं की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई। पिछले दो साल से रबी फसल नष्ट होने का दंश झेल रहे किसानों को इस बार भी मौसम ने धोखा दे दिया। दोआबा और कछार इलाके में गेहूं की फसल लगभग तैयार हो चुकी थी। कुछ किसानों ने कंबाइन से कटाई भी शुरू करा दी थी पर दो दिन से पुरवा हवा बदलने से कंबाइन बंद पड़े थे। अचानक आई बारिश से किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया। ओले से गेहूं की बालियां खराब होने लगी हैं। अब किसानों को फसल कटाने के लिए मौसम बदलने का इंतजार करना होगा। किसानों ने प्रशासन से क्षति हुई फसलों का निरीक्षण कर मुआवजा देने की मांग की।
गिरे तार-पोल, बरहज की आपूर्ति ठप
बरहज। शनिवार की देर रात नगर क्षेत्र में आए आंधी बारिश से जगह-जगह विद्युत पोल, पेड़-पौधे उखड़ गए। नगर सहित करीब 172 गांवों की आपूर्ति प्रभावित है। तेज हवा और बारिश से कपरवार, भलुअनी, पैना, मगहरा, बरांव, मदनपुर आदि जगहों के किसानों को काफी नुकसान हुआ है। कपरवार, लक्ष्मीपुर, बढ़या हरदो, भुलईपुर, मझवां आदि गांवों में विद्युत पोल और तार टूटकर गिर गए हैं। कुइयां के समीप 33 हजार वोल्ट आपूर्ति का पोल टूटने से बरहज, गौरा-जयनगर, देहात क्षेत्र के 172 गांव प्रभावित हैं। लाइनमैन ओमप्रकाश शाही, अनिल दुबे, अजय चौहान, प्रमोद यादव, शिवबहादुर गुप्ता मरम्मत कार्य में जुटे रहे। एसडीओ गणेश शंकर मिश्र ने बताया कि समय से आपूर्ति बहाल कराने का प्रयास किया जा रहा है।