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Deoria News: सरकारी अस्पताल के चक्कर में न पड़ो, चलो हमारे साथ

Sun, 29 Jan 2023 11:29 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Sun, 29 Jan 2023 11:29 PM IST
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Don't get confused about government hospital, come with us
सरकारी अस्पताल के चक्कर में न पड़ो, चलो हमारे साथ
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध जिला अस्पताल से गर्भवतियों और मरीजों को बेहतर इलाज का झांसा देकर निजी अस्पतालों में भेजने का ‘खेल’ किया जा रहा है। खुलेआम अस्पताल के इर्द-गिर्द मंडराने वाले बिचौलिये, मरीजों को झांसा देते दिखते हैं। वे मरीजों व तीमारदारों से कहते हैं कि यहां के चक्कर में न फंसों, अच्छी तरह उपचार कराना है साथ चलो, पहचान का नर्सिंग होम है, जहां सस्ते में इलाज हो जाएगा।
जिला अस्पताल परिसर में महिला अस्पताल में आने वाली गर्भवती और मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में आने वाले मरीजों पर कुछ निजी नर्सिंग होम से सांठगांठ करने वालों की खास नजर रह रही है। इसकी पड़ताल की गई तो यह बात सामने आई कि कुछ आशाओं की भी भूमिका संदिग्ध है। वे गर्भवतियों के साथ आने वाले तीमारदारों को बेहतर इलाज कराने का झांसा देकर निजी नर्सिंग होम में भेज दे रही हैं।
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अभी कुछ दिन पहले भटनी की एक महिला को आशा ने भटवलिया स्थित एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराया। वहां इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। चार दिन पहले भी इसी तरह की एक घटना सामने आई है। रामनाथ देवरिया के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती गर्भवती की मौत हो गई। सलेमपुर क्षेत्र की दो गर्भवतियों को आशा ने सरकारी अस्पताल से बेहतर इलाज कराने के बहाने निजी अस्पताल में भेजवा दिया, जहां हालत गंभीर होने पर दोनों को रेफर कर दिया गया। रास्ते में दोनों की मौत हो गई। इन सभी मामलों में पुलिस मुकदमा दर्ज कर जांच कर रही है।
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119 आशाओं को मिल चुका है नोटिस, कुछ पर दर्ज हो चुका है केस
स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों ने प्रसव दर घटने पर जब मंथन किया तो पता चला कि सरकारी अस्पतालों से निजी अस्पतालों को कुछ आशा गर्भवतियों को भेज रही हैं। इस पर सीएमओ ने 119 आशाओं को सेवा समाप्ति का नोटिस जारी किया। दूसरी तरफ, सदर व सलेमपुर, रुद्रपुर कोतवाली में करीब पांच आशाओं के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। आरोप है कि इन्होंने गर्भवतियों को बहला-फुसला कर निजी अस्पतालों तक पहुंचाया है।
निजी एंबुलेंस चालकों की भूमिका है संदिग्ध
मेडिकल कॉलेज के पास निजी एंबुलेंस चालकों की कतार लगी रहती है, जिससे जुड़े लोग परिसर में इधर-उधर घूमते रहते हैं। उनकी देवरिया और गोरखपुर के निजी नर्सिंगहोमों से सांठगांठ होती है। वे मोटी रकम के लालच में मरीजों को इमरजेंसी वार्ड से झांसा देकर वहां पहुंचा देते हैं। ये लोग रात में सबसे अधिक सक्रिय रहते हैं।

अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे से निगरानी रखी जा रही है। साथ ही गोपनीय तरीके से जांच कराई जाएगी। ऐसे लोगों को चिह्नित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। जिला अस्पताल में सभी तरह की सुविधाएं मौजूद हैं। नगरीय क्षेत्र की गर्भवती के लिए अस्पताल परिसर में प्रसवोत्तर केंद्र स्थापित किया गया है, जहां 24 घंटे सामान्य प्रसव की व्यवस्था है। मरीज व तीमारदार को किसी के बहकावे में नहीं आना चाहिए। कोई इस तरह की बात करता है तो सूचना दें, ताकि कार्रवाई की जा सके।
- डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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