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Deoria News: डिजिटल एक्स-रे मशीन रही बंद, मोबाइल पर मिली रिपोर्ट
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पोर्टेबल मशीन से मरीजों की जांच कर मोबाइल पर रिपोर्ट दी गई
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गर्मी के कारण बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्स-रे मशीन बंद रही। पोर्टेबल मशीन से मरीजों की जांच कर मोबाइल पर रिपोर्ट दी गई। जबकि कमर, कूल्हा, रीढ़ की हड्डी का एक्स-रे नहीं हो सका, जिससे इन मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर मरीजों की लंबी कतार लगती है। हर रोज करीब ढाई सौ से अधिक मरीजों का एक्स-रे होता है। यहां तीन एसी लगी है, पर काम नहीं कर रही है। भीषण गर्मी के कारण मशीन गर्म होकर कुछ देर बाद बंद हो जा रही थी। बृहस्पतिवार को तो मशीन चालू होने के कुछ ही देर में बंद हो जा रही थी, जिससे पोर्टेबल मशीन से करीब 215 लोगों का एक्स-रे किया गया और रिपोर्ट एनड्राइव मोबाइल से फोटो खींचकर दी गई। छोटा मोबाइल लेकर आए करीब 50 लोगों को लौटना पड़ा। वहीं कमर, कूल्हा, रीढ़ की हड्डी के एक्स-रे के लिए आए तीस लोगों को निराश होना पड़ा। उधर ओपीडी स्थित एक्स-रे कक्ष में पोर्टेबल मशीन से करीब 165 मरीजों का एक्स-रे किया गया।
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नहीं बना प्रिंटर
मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्स-रे सेंटर का प्रिंटर खराब है। उसका पार्ट जल गया है, जिसके कारण फिल्म नहीं निकल पा रही है। चार दिन बाद भी प्रिंटर ठीक नहीं हो सका है। गर्मी अधिक होने और एसी काम न करने के कारण भी प्रिंटर में दिक्कत आई है।
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रेडियोलाॅजिस्ट के न रहने से नहीं हुई अल्ट्रासाउंड की जांच
मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार को रेडियोलाॅजिस्ट के सरकारी कार्य से जाने के कारण अल्ट्रासाउंड जांच ठप रही। पंद्रह दिन से पहले नंबर लगाए लोगों को निराश लौटना पड़ा। तो कुछ को मजबूरी में निजी सेंटरों पर जांच करानी पड़ी। इसके लिए उन्हें कीमत चुकानी पड़ी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। गर्मी के कारण बृहस्पतिवार को मेडिकल कॉलेज में डिजिटल एक्स-रे मशीन बंद रही। पोर्टेबल मशीन से मरीजों की जांच कर मोबाइल पर रिपोर्ट दी गई। जबकि कमर, कूल्हा, रीढ़ की हड्डी का एक्स-रे नहीं हो सका, जिससे इन मरीजों को वापस लौटना पड़ा।
मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्स-रे सेंटर पर मरीजों की लंबी कतार लगती है। हर रोज करीब ढाई सौ से अधिक मरीजों का एक्स-रे होता है। यहां तीन एसी लगी है, पर काम नहीं कर रही है। भीषण गर्मी के कारण मशीन गर्म होकर कुछ देर बाद बंद हो जा रही थी। बृहस्पतिवार को तो मशीन चालू होने के कुछ ही देर में बंद हो जा रही थी, जिससे पोर्टेबल मशीन से करीब 215 लोगों का एक्स-रे किया गया और रिपोर्ट एनड्राइव मोबाइल से फोटो खींचकर दी गई। छोटा मोबाइल लेकर आए करीब 50 लोगों को लौटना पड़ा। वहीं कमर, कूल्हा, रीढ़ की हड्डी के एक्स-रे के लिए आए तीस लोगों को निराश होना पड़ा। उधर ओपीडी स्थित एक्स-रे कक्ष में पोर्टेबल मशीन से करीब 165 मरीजों का एक्स-रे किया गया।
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नहीं बना प्रिंटर
मेडिकल कॉलेज के डिजिटल एक्स-रे सेंटर का प्रिंटर खराब है। उसका पार्ट जल गया है, जिसके कारण फिल्म नहीं निकल पा रही है। चार दिन बाद भी प्रिंटर ठीक नहीं हो सका है। गर्मी अधिक होने और एसी काम न करने के कारण भी प्रिंटर में दिक्कत आई है।
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रेडियोलाॅजिस्ट के न रहने से नहीं हुई अल्ट्रासाउंड की जांच
मेडिकल कॉलेज में बृहस्पतिवार को रेडियोलाॅजिस्ट के सरकारी कार्य से जाने के कारण अल्ट्रासाउंड जांच ठप रही। पंद्रह दिन से पहले नंबर लगाए लोगों को निराश लौटना पड़ा। तो कुछ को मजबूरी में निजी सेंटरों पर जांच करानी पड़ी। इसके लिए उन्हें कीमत चुकानी पड़ी।