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Deoria News: पिटबुल से ज्यादा खूंखार हुए देसी... रोजाना 70 से ज्यादा शिकार

Fri, 07 Jul 2023 12:25 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Fri, 07 Jul 2023 12:25 AM IST
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Desi became more dreaded than Pitbull... More than 70 victims daily
मेडिकल कॉलेज में  रैबिज इनजेंक्शन लगवाता युवक।संवाद
देर रात जा रहे हैं तो सावधान रहें, उमस-गर्मी और खुली जगह न मिलने की वजह से आक्रामक हो गए हैं कुत्ते
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संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। नगर पालिका विदेशी नस्ल के पिटबुल और राडविलर जैसे खूंखार कुत्तों पर नकेल कसने की तैयारी तो कर रहा है। मगर गली-गली बच्चों और लोगों को अपना शिकार बना रहे देसी कुत्तों पर किसी की नजर नहीं है। विदेशी से ज्यादा इन दिनों देसी कुत्ते खूंखार दिखाई दे रहे हैं। इसका अंदाजा जिला अस्पताल के रिकार्ड से लगा सकते हैं। यहां हर रोज 70 से ज्यादा लोग एंटी रैबीज लगवाने पहुंच रहे हैं।
इनमें 20 से 25 प्रतिशत संख्या बच्चों की है। दरअसल उमस भरी गर्मी और बदलते मौसम में कुत्ते कटखने और खतरनाक हो गए हैं, इसलिए समझदारी इसी में है कि सरकारी इंतजाम के भरोसे रहने के बजाए इन दिनों अपना और अपने बच्चों का ख्याल रखें। शहर की सड़कों पर रात में निकल रहे हैं तो थोड़ा सतर्क रहिए, कुत्ते कभी भी हमला कर सकते हैं। अगर बाइक से हैं तो हादसे का शिकार हो सकते हैं। बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में करीब 120 लोग वैक्सीन लगवाने के लिए पहुंचे थे। इनमें बीस बच्चे थे। दरअसल शहर की गलियों से लेकर प्रमुख सड़कों पर झुंड में कुत्ते डेरा जमा कर मौजूद रह रहे हैं। संख्या इतनी ज्यादा होती है कि अगर सावधान नहीं रहे तो कुत्तों का झुंड पीछे लग जाएगा। यह कभी भी हमला कर सकते हैं। देवरिया-सलेमपुर मार्ग पर आईटीआई के पास विजय कुमार बाइक से जा रहे थे। इसी दौरान मेन गेट के पास कुत्ते दौड़ा लिए और वह गिरकर घायल हो गए। मंडी समिति के पास कुछ दिन पहले आईटीआई निवासी सुबाष साइकिल से जा रहे थे। इसी दौरान कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया, जिससे वह गिरकर घायल हो गए।
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एआरवी न लगवाने वालों को जान का खतरा
डॉ. सिराजुद्दीन ने बताया कि कुत्ता काटने के बाद तत्काल एआरवी नहीं लगवाते हैं तो जान जोखिम में पड़ सकता है। तत्काल तो दिक्कत नहीं होती है। पर जैसे-जैसे समय बीतता है वैसे-वैसे शरीर में संक्रमण बढ़ जाता है। इसलिए कुत्ते, बंदर, सियार, इंसान के काटने पर एआरवी जरूर लगवाना चाहिए।
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ज्यादा गर्मी और खाली पेट से हो रहे हिंसक
गर्मी ज्यादा पड़ रही है। इसकी वजह से कुत्तों के व्यवहार में बदलाव आया है। ऐसे मौसम में कुत्ते ज्यादा आक्रामक हो जाते हैं, क्योंकि कुत्तों के दिमाग में थर्मो रेगलेट्री सिस्टम नहीं होता है, जिसके कारण वह जीभ निकाल कर हांफते हैं और दस से पंद्रह प्रतिशत गर्मी निकल पाती है। गर्मी के चलते उनमें चिड़चिड़ापन आ जाता है। जरा सी आवाज सुनने पर आक्रामक हो जाते हैं और लाेगों को काट लेते हैं। इन्हें रहने की जगह काफी कम हो गई है। मकान बन गए हैं। पहले खाने के लिए जूठ मिल जाता था, इसके अभाव में खाली पेट रहने के कारण गुस्सा बढ़ जा रहा है।

अरविंद कुमार वैश्य
पशु चिकित्साधिकारी


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पांच दिन में एआरवी लगवाने पहुंचे मरीज
1 जुलाई- 105- बच्चे- 19
3 जुलाई- 156- बच्चे-31
4 जुलाई-148- बच्चे-25
5 जुलाई-97- बच्चे- 9
6 जुलाई-120- बच्चे- 21
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