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Deoria News: बेचने की नीयत से मां-पिता के साथ सो रहे पांच साल के मासूम का अपहरण, बस अड्डे से बरामद
Sat, 21 Sep 2024 04:46 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 21 Sep 2024 04:46 AM IST
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अपहृत बच्चा बरामद होने के बाद अपनी मॉ के गोद में ।
देवरिया। सुरौली थाना क्षेत्र के फुलवरिया कुटी में बृहस्पतिवार रात घर के बाहर माता-पिता के साथ सो रहे पांच साल के एक मासूम का अपहरण कर लिया गया। बताया जा रहा है कि पड़ोस के गांव के एक युवक ने बेचने की नीयत से बच्चे का अपहरण किया था। भोर में जब घरवालों की नींद खुली तो बच्चे को न देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन ट्रेस कर दो महिलाओं और दो किशोरों समेत छह को हिरासत में ले लिया और बच्चे को सकुशल बरामद कर परिजनों को सौंप दिया। बाद में महिला को पुलिस ने छोड़ दिया।
फुलवरिया कुटी के रहने वाले राजेंद्र राजभर मजदूरी करते हैं। करीब दो वर्ष से वह परिवार के साथ कतरारी-सुरौली मार्ग पर स्थित हरैया गांव में एक दुकान किराए पर लेकर उसी में रहते हैं। बृहस्पतिवार रात सभी घरवाले दुकान के आगे बरामदे में सो रहे थे। रात में करीब दो बजे डेढ़ वर्षीय पुत्र सत्यम रोने लगा तो राजेंद्र की नींद खुली तो देखा कि तीन पुत्रों में दूसरे नंबर का बेटा अजीत (5) गायब था। बच्चे को न देख उन्होंने पत्नी रेखा को जगाया। इसके बाद दोनों अजीत की खोज करने लगे। अजीत का कही पता नहीं चला तो राजेंद्र ने इसकी सूचना डायल 112 को दी। सूचना पर चार बजे भोर में पुलिस पहुंची। इसके बाद घटना की जानकारी लेकर बच्चे की खोज में जुट गई।
पुलिस ने राजेंद्र के घर से महज कुछ दूरी पर एक मकान में लगे सीसीटीवी फुटेज को देखा तो बहोरवा के गुड्डू पासवान सड़क से होकर गुजरता दिखा। इस पर पुलिस ने गुड्डू व एक महिला को उठा लिया। पूछताछ करने पर गुड्डू ने बच्चे को उठाने की बात बताते हुए गांव के ही रोशन विश्वकर्मा को देने की बात कही। इसके बाद पुलिस रोशन के मोबाइल की लोकेशन लेते हुए उसकी तलाश में लग गई।
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वाहन से लेकर पहुंचा सिवान, पुलिस पहुंची तो ट्रेन से भाग आया देवरिया
बताया जा रहा है कि रोशन अजीत को गुड्डू से लेकर एक खेत में ले गया। इसके बाद बगल गांव के ही एक बोलेरो मालिक को फोन किया और बिहार के सिवान जाने के लिए बुक किया। इसके बाद रोशन बच्चे को लेकर बोलेरो से सिवान के लिए रवाना हो गया। चालक जब सलेमपुर पहुंचा उसे मामला संदिग्ध लगा तो बच्चे के साथ रोशन को नीचे उतार दिया और बोलेरो लेकर वापस चला आया। वहां से रोशन दूसरे वाहन से सिवान निकल पड़ा। सिवान में वह नवलपुर में अपने रिश्तेदार के घर गया। इसी दरम्यान उसे सुरौली पुलिस के पहुंचने की सूचना मिली। वहां से वह बच्चे को लेकर ट्रेन से देवरिया के लिए निकल पड़ा। उधर, सुरौली पुलिस नवलपुर पहुंची तो रोशन को वहां नहीं पाया।
वहां से पुलिस ने उसकी एक महिला रिश्तेदार और दो किशोरों को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ की तो पता चला कि रोशन वापस देवरिया के लिए निकल गया है। इस पर पुलिस के साथ गए अजीत के एक रिश्तेदार ने गांव वालों को सूचना दी तब वे देवरिया स्टेशन पर रोशन का इंतजार करने लगे। ट्रेन के पहुंचने पर उसकी तलाश करने लगे। इसकी भनक रोशन को लग गई तो वह किसी तरह स्टेशन से निकल कर सिविल लाइंस रोड होते हुए बस स्टेशन पहुंच गया, लेकिन वहां पकड़ा गया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।
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गुड्डू ने पहले पुलिस को घुमाया, फिर बच्चे का अपहरण कर रोशन को सौंपने की बात स्वीकारी
सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पुलिस के हत्थे चढ़े गुड्डू पासवान ने पहले इस घटना से अनभिज्ञता जताई। जब पुलिस ने कड़ाई दिखाई तो उसने बच्चे का अपहरण कर गांव के रोशन विश्वकर्मा को सौंपने की बात स्वीकारी। इसके बाद पुलिस रोशन के नंबर को ट्रेस करने लगी। एसओजी व सर्विलांस की मदद से पुलिस ने रोशन की तलाश शुरू की।
पुलिस काफी एहतियात बरत रही थी कि रोशन को भनक न लगे और बच्चे को कोई खतरा न हो। सुरौली पुलिस तत्परता दिखाते हुए सिवान जिला मुख्यालय पहुंची। वहां की नगर थाने की पुलिस से सहयोग लिया। सिवान नगर इंस्पेक्टर सुदर्शन राम के साथ नवलपुर मोहल्ले में छापेमारी की, पुलिस के पहुंचने से पहले रोशन को ट्रेन से देवरिया के लिए भाग निकला था। पुलिस वहां मौजूद दो किशोर व एक महिला को हिरासत में लेकर सुरौली थाने चली आई।
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दो दिन पूर्व गुड्डू व रोशन मासूम के पिता को दे रहे थे 50 हजार रुपये
पांच वर्षीय मासूम का अपहरण होने के बाद उसके पिता राजेंद्र राजभर ने बताया कि दो दिन पहले गुड्डू पासवान व रोशन विश्वकर्मा उसके पास पहुंचे थे। दोनों ने कहा कि एक रिश्तेदार हैं, उनका कोई है नहीं। तुम अपने एक बच्चे को दे दो, बदले में 50 हजार रुपये रख लो। तुम्हारे बेटे को वे लोग राजा की तरह पालन-पोषण करेंगे। मैंने नाराजगी जाहिर की तो दोनों ने कहा कि नहीं देना है मत दो, गुस्सा क्यों हो रहे है। मुझे क्या पता था कि दोनों मेरे बच्चे का अपहरण कर लेंगे।
कोट
बच्चे का अपहरण कर बेचने की सूचना पर पुलिस एकदम से अलर्ट हो गई। पुलिस एसओजी व सर्विलांस की मदद लेते हुए आरोपी युवक के पीछे लग गई। जैसे-जैसे लोकेशन मिलती गयी पुलिस टीम आगे बढ़ती गई। पुलिस ने आरोपी को देवरिया बस स्टेशन के समीप से गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। पूछताछ में दोनों ने बच्चे को बेचने की नीयत से उठाने की बात स्वीकारी है।
-आदित्य कुमार, सीओ, बरहज
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फुलवरिया कुटी के रहने वाले राजेंद्र राजभर मजदूरी करते हैं। करीब दो वर्ष से वह परिवार के साथ कतरारी-सुरौली मार्ग पर स्थित हरैया गांव में एक दुकान किराए पर लेकर उसी में रहते हैं। बृहस्पतिवार रात सभी घरवाले दुकान के आगे बरामदे में सो रहे थे। रात में करीब दो बजे डेढ़ वर्षीय पुत्र सत्यम रोने लगा तो राजेंद्र की नींद खुली तो देखा कि तीन पुत्रों में दूसरे नंबर का बेटा अजीत (5) गायब था। बच्चे को न देख उन्होंने पत्नी रेखा को जगाया। इसके बाद दोनों अजीत की खोज करने लगे। अजीत का कही पता नहीं चला तो राजेंद्र ने इसकी सूचना डायल 112 को दी। सूचना पर चार बजे भोर में पुलिस पहुंची। इसके बाद घटना की जानकारी लेकर बच्चे की खोज में जुट गई।
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पुलिस ने राजेंद्र के घर से महज कुछ दूरी पर एक मकान में लगे सीसीटीवी फुटेज को देखा तो बहोरवा के गुड्डू पासवान सड़क से होकर गुजरता दिखा। इस पर पुलिस ने गुड्डू व एक महिला को उठा लिया। पूछताछ करने पर गुड्डू ने बच्चे को उठाने की बात बताते हुए गांव के ही रोशन विश्वकर्मा को देने की बात कही। इसके बाद पुलिस रोशन के मोबाइल की लोकेशन लेते हुए उसकी तलाश में लग गई।
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वाहन से लेकर पहुंचा सिवान, पुलिस पहुंची तो ट्रेन से भाग आया देवरिया
बताया जा रहा है कि रोशन अजीत को गुड्डू से लेकर एक खेत में ले गया। इसके बाद बगल गांव के ही एक बोलेरो मालिक को फोन किया और बिहार के सिवान जाने के लिए बुक किया। इसके बाद रोशन बच्चे को लेकर बोलेरो से सिवान के लिए रवाना हो गया। चालक जब सलेमपुर पहुंचा उसे मामला संदिग्ध लगा तो बच्चे के साथ रोशन को नीचे उतार दिया और बोलेरो लेकर वापस चला आया। वहां से रोशन दूसरे वाहन से सिवान निकल पड़ा। सिवान में वह नवलपुर में अपने रिश्तेदार के घर गया। इसी दरम्यान उसे सुरौली पुलिस के पहुंचने की सूचना मिली। वहां से वह बच्चे को लेकर ट्रेन से देवरिया के लिए निकल पड़ा। उधर, सुरौली पुलिस नवलपुर पहुंची तो रोशन को वहां नहीं पाया।
वहां से पुलिस ने उसकी एक महिला रिश्तेदार और दो किशोरों को हिरासत में ले लिया और उनसे पूछताछ की तो पता चला कि रोशन वापस देवरिया के लिए निकल गया है। इस पर पुलिस के साथ गए अजीत के एक रिश्तेदार ने गांव वालों को सूचना दी तब वे देवरिया स्टेशन पर रोशन का इंतजार करने लगे। ट्रेन के पहुंचने पर उसकी तलाश करने लगे। इसकी भनक रोशन को लग गई तो वह किसी तरह स्टेशन से निकल कर सिविल लाइंस रोड होते हुए बस स्टेशन पहुंच गया, लेकिन वहां पकड़ा गया और बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया।
गुड्डू ने पहले पुलिस को घुमाया, फिर बच्चे का अपहरण कर रोशन को सौंपने की बात स्वीकारी
सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से पुलिस के हत्थे चढ़े गुड्डू पासवान ने पहले इस घटना से अनभिज्ञता जताई। जब पुलिस ने कड़ाई दिखाई तो उसने बच्चे का अपहरण कर गांव के रोशन विश्वकर्मा को सौंपने की बात स्वीकारी। इसके बाद पुलिस रोशन के नंबर को ट्रेस करने लगी। एसओजी व सर्विलांस की मदद से पुलिस ने रोशन की तलाश शुरू की।
पुलिस काफी एहतियात बरत रही थी कि रोशन को भनक न लगे और बच्चे को कोई खतरा न हो। सुरौली पुलिस तत्परता दिखाते हुए सिवान जिला मुख्यालय पहुंची। वहां की नगर थाने की पुलिस से सहयोग लिया। सिवान नगर इंस्पेक्टर सुदर्शन राम के साथ नवलपुर मोहल्ले में छापेमारी की, पुलिस के पहुंचने से पहले रोशन को ट्रेन से देवरिया के लिए भाग निकला था। पुलिस वहां मौजूद दो किशोर व एक महिला को हिरासत में लेकर सुरौली थाने चली आई।
दो दिन पूर्व गुड्डू व रोशन मासूम के पिता को दे रहे थे 50 हजार रुपये
पांच वर्षीय मासूम का अपहरण होने के बाद उसके पिता राजेंद्र राजभर ने बताया कि दो दिन पहले गुड्डू पासवान व रोशन विश्वकर्मा उसके पास पहुंचे थे। दोनों ने कहा कि एक रिश्तेदार हैं, उनका कोई है नहीं। तुम अपने एक बच्चे को दे दो, बदले में 50 हजार रुपये रख लो। तुम्हारे बेटे को वे लोग राजा की तरह पालन-पोषण करेंगे। मैंने नाराजगी जाहिर की तो दोनों ने कहा कि नहीं देना है मत दो, गुस्सा क्यों हो रहे है। मुझे क्या पता था कि दोनों मेरे बच्चे का अपहरण कर लेंगे।
कोट
बच्चे का अपहरण कर बेचने की सूचना पर पुलिस एकदम से अलर्ट हो गई। पुलिस एसओजी व सर्विलांस की मदद लेते हुए आरोपी युवक के पीछे लग गई। जैसे-जैसे लोकेशन मिलती गयी पुलिस टीम आगे बढ़ती गई। पुलिस ने आरोपी को देवरिया बस स्टेशन के समीप से गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। पूछताछ में दोनों ने बच्चे को बेचने की नीयत से उठाने की बात स्वीकारी है।
-आदित्य कुमार, सीओ, बरहज