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Deoria News: पीआईसीयू में लगी एसी, मरीजों को हुई सहूलियत
Tue, 03 Sep 2024 01:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 03 Sep 2024 01:35 AM IST
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देवरिया। मेडिकल कॉलेज के पीआईसीयू में दो नई एसी लगे और पुराने की मरम्मत के बाद मरीजों और तीमारदारों को सहूलियत हुई है। अब उन्हें गर्मी और उमस से राहत मिल रही है। करीब डेढ़ माह से एसी खराब होने से गर्मी की वजह से बीमार बच्चों और तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। पांच बेड के वार्ड में घर से पंखा लाना पड़ रहा था। गर्मी के कारण संक्रमण फैलने का खतरा भी बना रहता था। अब मरीजों को आसानी हुई है।
मेडिकल कॉलेज में मासूमों के इलाज की सुविधा है। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 15 बेड का पीआईसीयू है। मौसम बदलने की वजह से इन दिनों संक्रामक बीमारियां फैलती हैं। संक्रमण की चपेट में आने से बच्चे बुखार, उल्टी-दस्त, पेट दर्द, सांस सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में गंभीर बच्चों के इलाज के लिए 15 बेड का पीआईसीयू है, लेकिन यहां की एसी व कुछ पंखा खराब होने से मरीज के साथ तीमारदार और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। दस बेड के वार्ड में तीन एसी और पांच पंखा काम कर रहें। यहां एक एसी और दो नया वाल फैन लगा हैं, जबकि पांच बेड के वार्ड की हालत काफी दयनीय थी।
यहां लगा एसी खबरा हो गया था और मात्र एक वाल फैन ठीक से हवा नहीं दे रहा था, जिससे भर्ती बच्चों की परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसे लेकर डॉक्टर और स्टाफ से तीमारदार उलझ जाते थे। वहीं चिकित्सक कक्ष की एसी खराब होने से ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को भी दिक्कत हो रही थी। बाल रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. इकबाल और पीआईसीयू के नोडल अधिकारी डॉ. आरके श्रीवास्तव ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। प्राचार्य डॉ. राजेश बरनवाल, सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने निरीक्षण किया। इसके बाद दोनों वार्ड में एक-एक नई एसी लगाई गई और चिकित्सक कक्ष की बदली गई। जबकि अन्य एसी का मरम्मत कराया गया। इससे मरीजों और तीमारदारों को गर्मी के मौसम में सहूलियत हुई है, वहीं डॉक्टरों को राहत मिली है।
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कोट
पीआईसीयू में दो नई एसी और वालफैन लगाए गए हैं। अन्य एसी की मरम्मत कराई गई है। डॉक्टर कक्ष की एसी भी बदल दी गई है। एसी खराब होने की शिकायत पर प्राचार्य ने निरीक्षण किया। उनके निर्देश पर समस्या का समाधान करा दिया गया है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस
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मेडिकल कॉलेज में मासूमों के इलाज की सुविधा है। गंभीर मरीजों के इलाज के लिए 15 बेड का पीआईसीयू है। मौसम बदलने की वजह से इन दिनों संक्रामक बीमारियां फैलती हैं। संक्रमण की चपेट में आने से बच्चे बुखार, उल्टी-दस्त, पेट दर्द, सांस सहित अन्य बीमारियों से पीड़ित हो रहे हैं। मेडिकल कॉलेज में गंभीर बच्चों के इलाज के लिए 15 बेड का पीआईसीयू है, लेकिन यहां की एसी व कुछ पंखा खराब होने से मरीज के साथ तीमारदार और कर्मचारियों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। दस बेड के वार्ड में तीन एसी और पांच पंखा काम कर रहें। यहां एक एसी और दो नया वाल फैन लगा हैं, जबकि पांच बेड के वार्ड की हालत काफी दयनीय थी।
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यहां लगा एसी खबरा हो गया था और मात्र एक वाल फैन ठीक से हवा नहीं दे रहा था, जिससे भर्ती बच्चों की परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। इसे लेकर डॉक्टर और स्टाफ से तीमारदार उलझ जाते थे। वहीं चिकित्सक कक्ष की एसी खराब होने से ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर को भी दिक्कत हो रही थी। बाल रोग के विभागाध्यक्ष डॉ. इकबाल और पीआईसीयू के नोडल अधिकारी डॉ. आरके श्रीवास्तव ने उच्चाधिकारियों को अवगत कराया। प्राचार्य डॉ. राजेश बरनवाल, सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा ने निरीक्षण किया। इसके बाद दोनों वार्ड में एक-एक नई एसी लगाई गई और चिकित्सक कक्ष की बदली गई। जबकि अन्य एसी का मरम्मत कराया गया। इससे मरीजों और तीमारदारों को गर्मी के मौसम में सहूलियत हुई है, वहीं डॉक्टरों को राहत मिली है।
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पीआईसीयू में दो नई एसी और वालफैन लगाए गए हैं। अन्य एसी की मरम्मत कराई गई है। डॉक्टर कक्ष की एसी भी बदल दी गई है। एसी खराब होने की शिकायत पर प्राचार्य ने निरीक्षण किया। उनके निर्देश पर समस्या का समाधान करा दिया गया है।
-डॉ. एचके मिश्रा, सीएमएस