{"_id":"66ee15a46a9be79b7409a994","slug":"deoria-news-45-cm-drop-in-water-level-of-saryu-river-divided-into-two-due-to-accumulation-of-silt-deoria-news-c-208-1-sgkp1013-135758-2024-09-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: सरयू के जलस्तर में 45 सेमी की कमी, सिल्ट जमने से दो पाट में बंटी नदी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: सरयू के जलस्तर में 45 सेमी की कमी, सिल्ट जमने से दो पाट में बंटी नदी
Sat, 21 Sep 2024 06:09 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Sat, 21 Sep 2024 06:09 AM IST
विज्ञापन
बरहज। एक सप्ताह में सरयू नदी खतरे के निशान 66.50 से 1.45 मीटर ऊपर 67.95 मीटर पर बहने लगी थी। पिछले 24 घंटे में सरयू के जलस्तर में 45 सेमी कमी दर्ज की गई है जो इस समय 67.45 मीटर पर बह रही है। जलस्तर में आई कमी और सरयू के बीच मझधार में सिल्ट जमा होने से नदी दो पाट में बहने लगी है। जलस्तर में हो रही निरंतर कमी से तटवर्ती गांवों के लोग राहत महसूस कर रहे हैं। हालांकि भदिला प्रथम और परसियां-विशुनपुर देवार के लोगों की दुश्वारियां अभी भी बरकरार हैं।
पिछले एक सप्ताह से सरयू नदी के जलस्तर में निरंतर हो रही वृद्धि थमने का नाम नहीं ले रही थी। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों के अलावा आला-अधिकारियों की नींद उचट सी गई थी। हालांकि बाढ़ खंड विभाग कटइलवा-कपरवार संगम तट, महेन-मोहरा-केवटलिया और पीडब्ल्यूडी परसियां-विशुनपुर देवार के बांध पर नजर बनाए हुए था। नदी का रौद्र रूप देख लोगों को 1998 की तबाही का मंजर याद आने लगा था। दो दिनाें से नदी के जलस्तर में कमी आने से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस किया है।
जलस्तर में कमी आने के बावजूद परसियां के बिचला टोला, नकियहवां, राजभर टोला, दसरसरिया, माहो टोला, जबकि विशुनपुर देवार के कत्लहिया, चौहान बस्ती, नई-पुरानी बस्ती सहित टापू बने भदिला प्रथम गांव और गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव के लोगों की दुश्वारियां अभी भी बरकरार हैं।
विज्ञापन
कोट-
जलस्तर में रोजाना कमी दर्ज किया जा रहा है। यही स्थिति रही तो हालात जल्द ही सामान्य हो जायेंगे।
अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग
विज्ञापन
पिछले एक सप्ताह से सरयू नदी के जलस्तर में निरंतर हो रही वृद्धि थमने का नाम नहीं ले रही थी। इससे तटवर्ती गांवों के लोगों के अलावा आला-अधिकारियों की नींद उचट सी गई थी। हालांकि बाढ़ खंड विभाग कटइलवा-कपरवार संगम तट, महेन-मोहरा-केवटलिया और पीडब्ल्यूडी परसियां-विशुनपुर देवार के बांध पर नजर बनाए हुए था। नदी का रौद्र रूप देख लोगों को 1998 की तबाही का मंजर याद आने लगा था। दो दिनाें से नदी के जलस्तर में कमी आने से बाढ़ प्रभावित गांवों के लोगों ने कुछ हद तक राहत महसूस किया है।
विज्ञापन
जलस्तर में कमी आने के बावजूद परसियां के बिचला टोला, नकियहवां, राजभर टोला, दसरसरिया, माहो टोला, जबकि विशुनपुर देवार के कत्लहिया, चौहान बस्ती, नई-पुरानी बस्ती सहित टापू बने भदिला प्रथम गांव और गोरखपुर जनपद के विस्थापित कोलखास गांव के लोगों की दुश्वारियां अभी भी बरकरार हैं।
विज्ञापन
कोट-
जलस्तर में रोजाना कमी दर्ज किया जा रहा है। यही स्थिति रही तो हालात जल्द ही सामान्य हो जायेंगे।
अशोक द्विवेदी सहायक अभियंता, बाढ़ खंड विभाग