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Mafia Vinod Upadhyay: माफिया विनोद उपाध्याय के गुर्गे बोले- जान प्यारी है तो जमीन को भूल जाओ...

Tue, 09 Jan 2024 12:34 PM IST
vivek shukla संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर।
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर। Published by: vivek shukla Updated Tue, 09 Jan 2024 12:34 PM IST
सार

माफिया विनोद उपाध्याय की ससुराल बरपार इजरही गांव में है। शादी के बाद उसका इकलौता साला भी माफिया के साथ जुड़ गया। सूत्रों की माने तो वह लखनऊ और गोरखपुर में रहता था। पुलिस ने जब माफिया पर इनाम घोषित किया तो ससुर, सास, साला और माफिया की पत्नी घर छोड़कर फरार हो गए।

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Deoria doctor had filed a case against mafia Vinod Upadhyay
माफिया विनोद उपाध्याय। (फाइल) - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

देवरिया शहर के एक डॉक्टर समेत पांच लोगों की गोरखपुर के चाणक्यपुरी कॉलोनी में स्थित करोड़ों की जमीन पर बोर्ड लगाकर मुठभेड़ में मारे गए माफिया विनोद उपाध्याय ने कब्जा कर लिया था। कब्जे की जानकारी होने पर डॉक्टर दो बार मौके पर गए तो उसके गुर्गे पहुंच गए।

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कहा कि जान प्यारी है तो तुम लोग जमीन को भूल जाओ, दोबारा यहां दिखे तो ठीक नहीं होगा। डॉक्टर का कहना है कि माफिया से मिली धमकी के बाद उस जमीन पर नहीं गया। काफी मशक्कत के बाद खोराबार थाने में विनोद उपाध्याय पर केस दर्ज कराया। जिसकी पैरवी गोरखपुर के एक अधिवक्ता करते हैं।
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बिहार के रहने वाले एक डॉक्टर की राघव नगर में पैथालॉजी है। उन्होंने गोरखपुर के चाणक्यपुरी कॉलोनी में 2450 स्क्वायर फीट जमीन ली थी। न्यू कॉलोनी के एक डॉक्टर ने भी उसी प्लाट में 2450 स्क्वायर फीट जमीन ले ली। इसके अलावा गोरखपुर के तीन व्यवसायियों ने भी उसी प्लांट में इतनी ही जमीन का 2005 में बैनामा कराया था। बैनामे के बाद पांचों लोगों ने बाउंड्री करा गेट लगा दिया।
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कुछ दिन बाद न्यू कॉलोनी और राघव नगर के रहने वाले डॉक्टर जमीन पर पहुंचे तो वहां विनोद उपाध्याय के नाम का बोर्ड लगा था। बाउंड्री को और ऊंचा करा दिया गया था और अंदर कटरेन बन गया था। कटरेन के अंदर एक व्यक्ति मिला। उससे पूछने पर कुछ बोला नहीं और फोन करने लगा। कुछ देर बाद तीन लग्जरी वाहन में असलहा से लैस करीब 10 लोग पहुंचे और बोले कि यह जमीन विनोद उपाध्याय की है। यह सुनकर हम लोग अवाक रह गए। दस दिन बाद पांचों लोग पहुंचे तो फिर असलहाधारी लग्जरी गाड़ी से पहुंचे और धमकाते हुए जमीन को भूलने की बात कही।

इसके बाद हम लोग वहां चले गए और एक अधिवक्ता की मदद से खोराबार थाने में विनोद उपाध्याय के खिलाफ केस दर्ज कराया। इसका मुकदमा गोरखपुर कोर्ट में चल रहा है। डॉक्टर ने बताया कि बदमाश की दखलअंदाजी के चलते उसके बाद कभी जमीन पर कभी गया नहीं। राघव नगर के डॉक्टर और गोरखपुर शहर के दो व्यवसायियों की मृत्यु हो चुकी है, इनके बेटे हैं जो बाहर रहते हैं। न्यू कॉलोनी के रहने वाले डॉक्टर बताया कि मैंने कभी माफिया विनोद उपाध्याय को अपनी आंखों से नहीं देखा। उसका नाम और उसके गुर्गों की धमकी के बाद ही जमीन को छोड़ दिया। आगे जैसा अधिवक्ता कहेंगे, वैसा किया जाएगा। बाकी चार लोग भी जमीन को भूल ही गए हैं।

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विनोद पर इनाम घोषित होने के बाद घर पर नहीं रहते थे ससुराल वाले
माफिया विनोद उपाध्याय की ससुराल बरपार इजरही गांव में है। शादी के बाद उसका इकलौता साला भी माफिया के साथ जुड़ गया। सूत्रों की माने तो वह लखनऊ और गोरखपुर में रहता था। पुलिस ने जब माफिया पर इनाम घोषित किया तो ससुर, सास, साला और माफिया की पत्नी घर छोड़कर फरार हो गए। कई बार एसटीएफ विनोद की तलाश में उसकी ससुराल आती थी और पड़ोसियों से जानकारी लेकर चली जाती थी। लोगों के अनुसार, माफिया का ससुराल में कभी-कभार ही आना होता था। वह रुकता नहीं था। रात में ही चला जाता था।

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करीबियों के नाम से कराता था जमीन का अनुबंध
माफिया विनोद उपाध्याय की देवरिया में अपनी टीम थी। करीब पांच साल पहले वह देवरिया के बजाजी रोड में एक मकान पर कब्जा दिलाने के आया था। उसमे पथराव भी हुआ था, पुलिस तक मामला पहुंचने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। विनोद उपाध्याय शहर के अधिकांश लोगों के संपर्क में रहता था। उसके माध्यम से लोग जमीन के कारोबार में 50 करोड़ से अधिक रुपये लगाए हैं।

खास बात यह है कि वह जमीन का अनुबंध अपने करीबियों के नाम से कराता था। विवादित जमीन खरीदकर कब्जा करना उसका पेशा था। हनुमान मंदिर के पास का एक जमीन करोबारी माफिया का करीबी बताया जा रहा है। माफिया के एनकाउंटर के बाद संपर्क में रहने वालों का मोबाइल स्विच ऑफ हो गया है। उन्हें पुलिस की ओर से की जा रही गोपनीय जांच का भय सता रहा है।

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सूत्रों के अनुसार, माफिया के नाम पर ही उसके नेटवर्क से जुड़े युवकों की भीड़ जुट जाती थी और वह दबंगई करता था। जिले के कई विभागों में अपने लोगों को ठेका पट्टा भी दिलवाता था। दूसरा कोई टेंडर डालता था तो फाेन कर उसे धमकाता था।

 देवरिया सीओ सिटी जय कुमार रेड्डी ने कहा कि माफिया पर दर्ज मुकदमे में जिले के कुछ लोग जमानतदार बने हैं। माफिया से संपर्क में रहने वाले जिले के लोगों की गतिविधियों पर पुलिस की नजर है। उसका देवरिया आना-जाना था। उससे जुड़े कई अपराधियों का रिकार्ड खंगाला जा रहा है।
 
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