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Deoria News: कर्ज में डूबी नगर पालिका को मिलेंगे तीन करोड़
Tue, 09 May 2023 12:11 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Tue, 09 May 2023 12:11 AM IST
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राज्य वित्त के बजट में डेढ़ गुना इजाफा
- अब हर माह विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च कर पाएगी पालिका
- पहले अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में खप जाती थी राज्य वित्त की धनराशि
- पहले मिलती थी 1.90 करोड़ की धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कर्ज में डूबी शहर की नगर पालिका को शासन ने बड़ी राहत दी है। राज्य वित्त का बजट बढ़ाकर डेढ़ गुना कर दिया है। इससे अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन और पेंशन की देनदारी समाप्त हो जाएगी। वहीं शेष धनराशि नगर के विकास में काम आएगी।
नगर पालिका गृहकर-जलकर व अन्य मदों से सालाना लगभग पांच करोड़ आमदनी करती है। शहर में विकास कार्यों के लिए पालिका को शासकीय बजट पर निर्भर रहना पड़ता है। पहले, हर माह राज्य वित्त मद से 1.90 करोड़ की धनराशि प्राप्त होती थी। यह राशि अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन और पेंशन भुगतान में ही खप जाती थी। रिटायर्ड कर्मचारियों के फंड चिकित्सा प्रतिपूर्ति, एरियर आदि का भुगतान लंबित रह जाता था। शासन ने अब राज्य वित्त की धनराशि बढ़ाकर तीन करोड़ कर दी है। इससे करीब एक करोड़ की धनराशि हर माह अतिरिक्त बचेगी। इससे नगर पालिका को सड़क, नाली, स्लैब, पेयजल पाइप मरम्मत आदि कार्य कराने में सहूलियत मिलेगी। वहीं वर्षों से पड़ी करीब आठ करोड़ की देनदारी भी धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी।
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इनसेट
गड्ढा मुक्ति के नाम पर फूलने लगती थी सांस
बरसात के बाद प्रदेश सरकार की ओर से सभी कार्यदायी विभागों को सड़क गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया जाता है। यह निर्देश प्राप्त होते ही नगर पालिका के जिम्मेदारों के सांस फूलने लगते थे। बजट की कमी के चलते कहीं मिट्टी भराई तो कहीं गिट्टी भरकर कोरम पूर्ति की जाती थी। मोहल्लों में नाली टूटने पर मरम्मत के लिए बजट नहीं मिल पाता था। लोग आपस में चंदा जुटाकर जरूरी काम कराते थे।
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इनसेट
कर्मचारियों का चार करोड़ बकाया
रिटायर्ड कर्मचारियों का नगर पालिका पर करीब चार करोड़ रुपये बकाया है। वर्ष 2016 से ही इन्हें रिटायरमेंट फंड, एरियर, चिकित्सा प्रतिपूर्ति आदि का भुगतान नहीं हुआ है। बजट कम पड़ने के चलते देनदारी बढ़ती जा रही थी।
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ठेकेदारों का करीब एक करोड़ बकाया
चुनाव आते ही नगर पालिका ने तमाम कार्यों के टेंडर कराकर निर्माण पूरा भी करा दिए, लेकिन ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में ठेकेदारों का पालिका पर करीब एक करोड़ रुपये बकाया हो गया है।
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जलकल पर 20 लाख बकाया
जलकल अनुभाग ठेकेदारों के माध्यम से समय-समय पर पेयजल पाइप की मरम्मत कराता रहता है। करीब 20 से 25 लाख रुपये नगर पालिका पर ठेकेदारों का बकाया हो गया है। फिलहाल बजट के अभाव में भुगतान की प्रक्रिया लंबित पड़ी है।
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स्ट्रीट लाइट का पांच साल से बकाया
नगर पालिका ने वर्ष 2017-18 में पथ प्रकाश की व्यवस्था में सुधार के लिए स्ट्रीट लाइट खरीद की थी। इसमें करीब 10 लाख रुपये अबतक भुगतान नहीं हो पाया है।
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कोट
हर माह नगर पालिका को राज्य वित्त मद से 1.90 करोड़ की धनराशि प्राप्त होती थी। यह राशि अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन और पेंशन भुगतान में ही खप जाती थी। अब शासन ने राज्य वित्त की धनराशि बढ़ाकर तीन करोड़ कर दिया है। वेतन-पेंशन भुगतान के अलावा शेष करीब एक करोड़ की धनराशि हर माह विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। - रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया
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- अब हर माह विकास कार्यों पर एक करोड़ रुपये अतिरिक्त खर्च कर पाएगी पालिका
- पहले अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन और पेंशन में खप जाती थी राज्य वित्त की धनराशि
- पहले मिलती थी 1.90 करोड़ की धनराशि
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। कर्ज में डूबी शहर की नगर पालिका को शासन ने बड़ी राहत दी है। राज्य वित्त का बजट बढ़ाकर डेढ़ गुना कर दिया है। इससे अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन और पेंशन की देनदारी समाप्त हो जाएगी। वहीं शेष धनराशि नगर के विकास में काम आएगी।
नगर पालिका गृहकर-जलकर व अन्य मदों से सालाना लगभग पांच करोड़ आमदनी करती है। शहर में विकास कार्यों के लिए पालिका को शासकीय बजट पर निर्भर रहना पड़ता है। पहले, हर माह राज्य वित्त मद से 1.90 करोड़ की धनराशि प्राप्त होती थी। यह राशि अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन और पेंशन भुगतान में ही खप जाती थी। रिटायर्ड कर्मचारियों के फंड चिकित्सा प्रतिपूर्ति, एरियर आदि का भुगतान लंबित रह जाता था। शासन ने अब राज्य वित्त की धनराशि बढ़ाकर तीन करोड़ कर दी है। इससे करीब एक करोड़ की धनराशि हर माह अतिरिक्त बचेगी। इससे नगर पालिका को सड़क, नाली, स्लैब, पेयजल पाइप मरम्मत आदि कार्य कराने में सहूलियत मिलेगी। वहीं वर्षों से पड़ी करीब आठ करोड़ की देनदारी भी धीरे-धीरे समाप्त हो जाएगी।
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गड्ढा मुक्ति के नाम पर फूलने लगती थी सांस
बरसात के बाद प्रदेश सरकार की ओर से सभी कार्यदायी विभागों को सड़क गड्ढा मुक्त करने का निर्देश दिया जाता है। यह निर्देश प्राप्त होते ही नगर पालिका के जिम्मेदारों के सांस फूलने लगते थे। बजट की कमी के चलते कहीं मिट्टी भराई तो कहीं गिट्टी भरकर कोरम पूर्ति की जाती थी। मोहल्लों में नाली टूटने पर मरम्मत के लिए बजट नहीं मिल पाता था। लोग आपस में चंदा जुटाकर जरूरी काम कराते थे।
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कर्मचारियों का चार करोड़ बकाया
रिटायर्ड कर्मचारियों का नगर पालिका पर करीब चार करोड़ रुपये बकाया है। वर्ष 2016 से ही इन्हें रिटायरमेंट फंड, एरियर, चिकित्सा प्रतिपूर्ति आदि का भुगतान नहीं हुआ है। बजट कम पड़ने के चलते देनदारी बढ़ती जा रही थी।
ठेकेदारों का करीब एक करोड़ बकाया
चुनाव आते ही नगर पालिका ने तमाम कार्यों के टेंडर कराकर निर्माण पूरा भी करा दिए, लेकिन ठेकेदारों का भुगतान नहीं हो पाया है। ऐसे में ठेकेदारों का पालिका पर करीब एक करोड़ रुपये बकाया हो गया है।
जलकल पर 20 लाख बकाया
जलकल अनुभाग ठेकेदारों के माध्यम से समय-समय पर पेयजल पाइप की मरम्मत कराता रहता है। करीब 20 से 25 लाख रुपये नगर पालिका पर ठेकेदारों का बकाया हो गया है। फिलहाल बजट के अभाव में भुगतान की प्रक्रिया लंबित पड़ी है।
स्ट्रीट लाइट का पांच साल से बकाया
नगर पालिका ने वर्ष 2017-18 में पथ प्रकाश की व्यवस्था में सुधार के लिए स्ट्रीट लाइट खरीद की थी। इसमें करीब 10 लाख रुपये अबतक भुगतान नहीं हो पाया है।
कोट
हर माह नगर पालिका को राज्य वित्त मद से 1.90 करोड़ की धनराशि प्राप्त होती थी। यह राशि अधिकारी-कर्मचारियों के वेतन और पेंशन भुगतान में ही खप जाती थी। अब शासन ने राज्य वित्त की धनराशि बढ़ाकर तीन करोड़ कर दिया है। वेतन-पेंशन भुगतान के अलावा शेष करीब एक करोड़ की धनराशि हर माह विकास कार्यों पर खर्च की जाएगी। - रोहित सिंह, ईओ नगर पालिका परिषद देवरिया