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गोरखपुर: सोहनपार रेलवे क्रॉसिंग के पास ट्रेन की चपेट में आने से मामा-भांजे की मौत
Mon, 09 Dec 2019 10:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
Published by: गोरखपुर ब्यूरो
Updated Mon, 09 Dec 2019 10:56 AM IST
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हादसे के बाद
- फोटो : अमर उजाला
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भाटपाररानी स्थानीय रेलवे स्टेशन के पूर्वी आउटर सिग्नल सोहनपार रेलवे क्रॉसिंग के पास शनिवार की रात शौच करने निकले मामा-भांजे की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। देर रात तक जब दोनों वापस नहीं लौटे तो परिवार वाले तलाश करते रेलवे लाइन की तरफ पहुंचे। रेलवे लाइन पर दोनों को मृत देखकर कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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भाटपाररानी नगर पंचायत के वार्ड नंबर 10 निवासी राधेश्याम का 22 वर्षीय बेटा राकेश और भटनी थाने के ग्राम मुजुरी निवासी जयनारायण प्रसाद का 24 वर्षीय बेटा आकाश आपस में दोस्त थे। रिश्ते में आकाश राकेश का मामा लगता था। आकाश अपनी बहन गुड़िया के घर सोहनपार वार्ड नंबर 10 में शनिवार को आया था। रात में दोनों शौच के लिए रेलवे ट्रैक की तरफ गए थे।
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दोनों ट्रेन की चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही दोनों की मौत हो गई। दोनों का शव क्षत-विक्षप्त अवस्था में था। देर रात तक जब दोनों वापस नहीं आए तो परिवारवाले उन्हें ढूंढते हुए रेलवे लाइन की तरफ गए। सोहनपार रेलवे क्रॉसिंग के पूर्व आउटर सिग्नल के पास दोनों का शव क्षत-विक्षप्त अवस्था में ट्रैक पर पड़ा था। मौत की खबर सुनकर परिवार में कोहराम मच गया।
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सूचना पर मौके पर पुलिस भी पहुंच गई और शव को कब्जे में ले लिया। रविवार को पुलिस ने दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया। थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि दोनों का शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
साथ-साथ गुजरात में करते थे काम
ट्रेन की चपेट में आने से मामा आकाश और भांजा राकेश की मौत से दोनों परिवारों में मातम छाया हुआ है। दोनों परिवारों के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। मामा-भांजे दोनों गहरे मित्र भी थे और साथ-साथ गुजरात में काम करते थे। कुछ माह पहले दोनों घर आए थे। दोनों अपने परिवार के कमाऊ सदस्य थे। दोनों की अभी शादी भी नहीं हुई थी। दोनों के परिवार के लोग अब शादी करने की तैयारी में लगे थे, लेकिन विधि को कुछ और ही मंजूर था।
सोहनपार वार्ड निवासी भांजा राकेश दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई साकेत घर रहकर पढ़ाई करता है। उसकी चार बहने हैं। दो की शादी हो चुकी है। मामा आकाश भी चार भाइयों में बड़ा था। उसका पूरा परिवार कोलकाता में रहता है। गांव में किसी के यहां शादी थी। उसी में शामिल होने के लिए घर आया था और शनिवार को अपने दोस्त राकेश से मिलने सोहनपार पहुंचा था। उन्हें क्या पता था कि उन दोनों के जीवन का यह अंतिम मिलन होगा।
सोहनपार वार्ड निवासी भांजा राकेश दो भाइयों में बड़ा था। छोटा भाई साकेत घर रहकर पढ़ाई करता है। उसकी चार बहने हैं। दो की शादी हो चुकी है। मामा आकाश भी चार भाइयों में बड़ा था। उसका पूरा परिवार कोलकाता में रहता है। गांव में किसी के यहां शादी थी। उसी में शामिल होने के लिए घर आया था और शनिवार को अपने दोस्त राकेश से मिलने सोहनपार पहुंचा था। उन्हें क्या पता था कि उन दोनों के जीवन का यह अंतिम मिलन होगा।