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शौचालय की टंकी में डूबकर मासूम की मौत
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शौचालय की टंकी में डूबने से मासूम की मौत
- ओडीएफ गांव में ठेकेदार ने शौचालय की टंकी खुला छोड़ दिया था
- तरकुलवा विकास खंड के कमधेनवा गांव का है मामला
रामपुर कारखाना (देवरिया)। शौचालय की खुली टंकी में एक मासूम गिर गया। परिवारवालों ने उसे निकाला और सदर अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। ओडीएफ गांव में शौचालय की टंकी पर ढक्कन नहीं लगा होने से यह हादसा हुआ।
कमधेनवा गांव के लोगों ने बताया कि प्रधान और सेक्रेटरी की मिलीभगत से ठेकेदार ने गांव में शौचालय निर्माण कराया है। शौचालय निर्माण मानक के विपरीत तो कराया ही गया है, कई शौचालयों की टंकी का ढक्कन ही नहीं लगा है। कई बार जांच होने के बाद जिम्मेदारों ने गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार को गांव निवासी रवींद्र का दो वर्षीय बेटा बजरंगी खेलते-खेलते शौचालय की टंकी के पास पहुंच गया। पैर फिसलने से शौचालय की खुली टंकी में गिर गया। थोड़ी देर बाद उसे घर में न पाकर मां शीला ने ढूंढना शुरू किया। इसी दौरान उनकी नजर शौचालय की खुली टंकी में पड़ गई। इसमें मासूम दिखा। शोर मचाने पर गांव के लोग पहुंचे। किसी ने फोन कर एंबुलेंस को बुलाया। आनन-फानन में परिवारवाले एंबुलेंस से मासूम को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार वाले मासूम के शव को लेकरघर लौट आए और उसका अंतिम संस्कार छोटी गंडक नदी के किनारे कर दिया।
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- ओडीएफ गांव में ठेकेदार ने शौचालय की टंकी खुला छोड़ दिया था
- तरकुलवा विकास खंड के कमधेनवा गांव का है मामला
रामपुर कारखाना (देवरिया)। शौचालय की खुली टंकी में एक मासूम गिर गया। परिवारवालों ने उसे निकाला और सदर अस्पताल लेकर गए, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। ओडीएफ गांव में शौचालय की टंकी पर ढक्कन नहीं लगा होने से यह हादसा हुआ।
कमधेनवा गांव के लोगों ने बताया कि प्रधान और सेक्रेटरी की मिलीभगत से ठेकेदार ने गांव में शौचालय निर्माण कराया है। शौचालय निर्माण मानक के विपरीत तो कराया ही गया है, कई शौचालयों की टंकी का ढक्कन ही नहीं लगा है। कई बार जांच होने के बाद जिम्मेदारों ने गांव को ओडीएफ घोषित कर दिया। बृहस्पतिवार को गांव निवासी रवींद्र का दो वर्षीय बेटा बजरंगी खेलते-खेलते शौचालय की टंकी के पास पहुंच गया। पैर फिसलने से शौचालय की खुली टंकी में गिर गया। थोड़ी देर बाद उसे घर में न पाकर मां शीला ने ढूंढना शुरू किया। इसी दौरान उनकी नजर शौचालय की खुली टंकी में पड़ गई। इसमें मासूम दिखा। शोर मचाने पर गांव के लोग पहुंचे। किसी ने फोन कर एंबुलेंस को बुलाया। आनन-फानन में परिवारवाले एंबुलेंस से मासूम को लेकर सदर अस्पताल पहुंचे। जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिवार वाले मासूम के शव को लेकरघर लौट आए और उसका अंतिम संस्कार छोटी गंडक नदी के किनारे कर दिया।
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