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युवक का शव आने पर ग्रामीणों ने रामजानकी मार्ग को दो घंटे तक किया जाम
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युवक का शव आने पर ग्रामीणों ने रामजानकी मार्ग को दो घंटे तक किया जाम
मईल। छह दिन पहले सड़क हादसे में घायल थाना क्षेत्र के पिपराबांध गांव निवासी सूरज की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद रविवार की शाम को उसका शव गांव लाया गया तो ग्रामीणों ने रामजानकी मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग करने लगे। इसमें गांव की महिलाएं व पुरुष शामिल रहे।
पिपरा बांध गांव निवासी सूरज 27 दिसंबर को किसी काम से बगल के गांव में गया था। वापस लौटते समय शाम को गांव के सामने ही बाइक सवार ने ठोकर मार दिया, जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान शनिवार की रात में उसकी मौत हो गई। रविवार की सुबह शव लेकर परिजन घर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शाम को जब शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों के साथ परिजन सड़क पर बैठ गए। धरने पर बैठे लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वार्ता कर मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानें। इसके कुछ देर बाद आरोपी युवक की गिरफ्तारी कर ली गई। तब युवक के गिरफ्तारी की फोटो दिखाकर जाम समाप्त करने को कहा, लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे। पुलिस ने इसकी सूचना सलेमपुर एसडीएम को दी लेकिन दो घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नही पहुंचा। जाम के चलते पिपराबांध पुल से मईल चौराहा व कुंडौली तक चार किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। इस दौरान पुलिस भी बैकफुट पर रही। जाम से जाड़े की रात में फंसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खबर लिखे जाने तक मुआवजा के लिए धरने पर ग्रामीण बैठे रहे।
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मईल। छह दिन पहले सड़क हादसे में घायल थाना क्षेत्र के पिपराबांध गांव निवासी सूरज की मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद रविवार की शाम को उसका शव गांव लाया गया तो ग्रामीणों ने रामजानकी मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दिया। आरोपियों की गिरफ्तारी व मुआवजे की मांग करने लगे। इसमें गांव की महिलाएं व पुरुष शामिल रहे।
पिपरा बांध गांव निवासी सूरज 27 दिसंबर को किसी काम से बगल के गांव में गया था। वापस लौटते समय शाम को गांव के सामने ही बाइक सवार ने ठोकर मार दिया, जिससे वह गंभीर रुप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे गोरखपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। जहां इलाज के दौरान शनिवार की रात में उसकी मौत हो गई। रविवार की सुबह शव लेकर परिजन घर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। शाम को जब शव गांव पहुंचा तो ग्रामीणों के साथ परिजन सड़क पर बैठ गए। धरने पर बैठे लोगों ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वार्ता कर मनाने की कोशिश की लेकिन वह नहीं मानें। इसके कुछ देर बाद आरोपी युवक की गिरफ्तारी कर ली गई। तब युवक के गिरफ्तारी की फोटो दिखाकर जाम समाप्त करने को कहा, लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे। पुलिस ने इसकी सूचना सलेमपुर एसडीएम को दी लेकिन दो घंटे तक कोई अधिकारी मौके पर नही पहुंचा। जाम के चलते पिपराबांध पुल से मईल चौराहा व कुंडौली तक चार किलोमीटर लंबा जाम लगा रहा। इस दौरान पुलिस भी बैकफुट पर रही। जाम से जाड़े की रात में फंसे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। खबर लिखे जाने तक मुआवजा के लिए धरने पर ग्रामीण बैठे रहे।
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