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ट्रैक्टर-ट्राली से दबकर युवक की मौत, परिवार में कोहराम
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ट्रैक्टर-ट्राली से दबकर युवक की मौत, परिवार में कोहराम
बरियारपुर/देवरिया। गांव के चौराहे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। युवक की 25 अप्रैल को शादी हुई थी।
थाना क्षेत्र के बरईठा निवासी जितेंद्र प्रसाद (21) घर के पास में मंगलवार को ट्रैक्टर-ट्राली से मिट्टी गिराई जा रही थी। जितेंद्र बाइक से गांव के चौराहे पर जा रहे थे। सड़क पर पहुंचते ही ट्राली की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों के सहयोग से जितेंद्र को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर घर पहुंची तो मां लीलावती देवी व भाई मुकेश, पत्नी प्रतिमा दहाड़े मार कर रोने लगीं। थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेहंदी छूटने से पहले ही उजड़ गई दुनिया
अभी पत्नी की प्रतिमा की हाथ की मेंहदी छूटी भी नहीं थी कि उसकी दुनिया ही उजड़ गई। जितेंद्र प्रसाद की सरौरा-धूमनगर में 25 अप्रैल को धूमधाम से शादी हुई थी। ढेरों सपने संजो कर प्रतिमा 26 अप्रैल को ससुराल आई। घर का माहौल हंसी-खुशी का था। लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था और शादी के 23 दिनों बाद ही प्रतिमा की खुशियां गम में बदल गईं। जब उसे पता चला कि उसका सुहाग उजड़ गया तो वह रो-रो कर अचेत हो जा रही थी।
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जितेंद्र के कंधे पर थी दो बहनों की शादी का भार
जितेंद्र के पिता की पांच वर्ष पूर्व मौत हो गई। घर की जिम्मेदारी जितेंद्र के कंधे पर थी। वह राजकोट में पेंट-पालिश का काम करता था। लॉकडाउन और शादी के कारण मार्च में घर आ गया था। छोटा भाई मुकेश और दो बहनें अस्मिता और वंदना अभी पढ़ाई कर रही हैं। इनकी शादी की जिम्मेदारी उसी पर थी।
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बरियारपुर/देवरिया। गांव के चौराहे पर ट्रैक्टर-ट्रॉली की चपेट में आने से युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां इलाज के कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत की खबर घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया। युवक की 25 अप्रैल को शादी हुई थी।
थाना क्षेत्र के बरईठा निवासी जितेंद्र प्रसाद (21) घर के पास में मंगलवार को ट्रैक्टर-ट्राली से मिट्टी गिराई जा रही थी। जितेंद्र बाइक से गांव के चौराहे पर जा रहे थे। सड़क पर पहुंचते ही ट्राली की चपेट में आ गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों के सहयोग से जितेंद्र को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। वहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया। मौत की खबर घर पहुंची तो मां लीलावती देवी व भाई मुकेश, पत्नी प्रतिमा दहाड़े मार कर रोने लगीं। थानाध्यक्ष दीपक कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिली है। तहरीर मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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मेहंदी छूटने से पहले ही उजड़ गई दुनिया
अभी पत्नी की प्रतिमा की हाथ की मेंहदी छूटी भी नहीं थी कि उसकी दुनिया ही उजड़ गई। जितेंद्र प्रसाद की सरौरा-धूमनगर में 25 अप्रैल को धूमधाम से शादी हुई थी। ढेरों सपने संजो कर प्रतिमा 26 अप्रैल को ससुराल आई। घर का माहौल हंसी-खुशी का था। लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था और शादी के 23 दिनों बाद ही प्रतिमा की खुशियां गम में बदल गईं। जब उसे पता चला कि उसका सुहाग उजड़ गया तो वह रो-रो कर अचेत हो जा रही थी।
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जितेंद्र के कंधे पर थी दो बहनों की शादी का भार
जितेंद्र के पिता की पांच वर्ष पूर्व मौत हो गई। घर की जिम्मेदारी जितेंद्र के कंधे पर थी। वह राजकोट में पेंट-पालिश का काम करता था। लॉकडाउन और शादी के कारण मार्च में घर आ गया था। छोटा भाई मुकेश और दो बहनें अस्मिता और वंदना अभी पढ़ाई कर रही हैं। इनकी शादी की जिम्मेदारी उसी पर थी।