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रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से कटकर दंपति की मौत
देवरिया
Updated Thu, 27 Oct 2016 10:54 PM IST
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रेलवे
- फोटो : demo
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देवरिया। मऊ से इलाज कर घर जा रहे दंपति की सदर रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी से कटकर मौत हो गई। प्लेटफॉर्म नंबर- एक पर खड़ी मालगाड़ी के नीचे शव दो घंटे तक पड़ा रहा।
रेलवे महकमा संवेदनहीन बना रहा है। बाद में जीआरपी ने दोनों शवों को कब्जे में लिया। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के महुआडीह सवरेजी बेलवां गांव के 65 वर्षीय रमाशंकर गोंड अपनी पत्नी प्रभावती के साथ मऊ गठिया का इलाज कराने गए थे। गुरुवार की शाम 6.30 बजे के करीब दोनों पैसेंजर ट्रेन से स्टेशन पहुंचे।
लोगों का कहना है कि दोनों रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहे थे, इसी बीच प्लेटफॉर्म नंबर-एक पर शंटिंग कर रही मालगाड़ी के चपेट में दंपति आ गए। इससे अफरा-तफरी मच गई। बचाओ-बचाओ की आवाज लगाने लगे लेकिन देर हो चुकी थी। दोनों ने मौके पर दम तोड़ दिया। सूचना जीआरपी और आरपीएफ को दी गई।
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जीआरपी पहुंची और शव निकालने का प्रयास किया लेकिन प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच स्थान कम होने के कारण जीआरपी की कोशिश कामयाब नहीं हुई। मशक्कत के बाद जीआरपी ने रमाशंकर का मोबाइल फोन हासिल किया और उससे घरवालों से संपर्क साधा।
रामपुर के गौरा निवासी चिंकू पुत्र रामविलास पुलिस की सूचना पर रेलवे स्टेशन पहुंचा, उसने दंपति की शिनाख्त बुआ और फूफा के रूप में की। रात 8:30 बजे तक शव रेलवे लाइन पर पड़ा रहा। सूचना के बाद भी सदर स्टेशन प्रबंधक ने पुलिस की मदद नहीं की। लापरवाही पर लोगों में काफी हंगामा मचाया। हंगामे को देखते हुए काफी पुलिस फोर्स जुट गई। अधिकारियों के समझाने पर लोग किसी तरह शांत हुए।
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रेलवे महकमा संवेदनहीन बना रहा है। बाद में जीआरपी ने दोनों शवों को कब्जे में लिया। रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र के महुआडीह सवरेजी बेलवां गांव के 65 वर्षीय रमाशंकर गोंड अपनी पत्नी प्रभावती के साथ मऊ गठिया का इलाज कराने गए थे। गुरुवार की शाम 6.30 बजे के करीब दोनों पैसेंजर ट्रेन से स्टेशन पहुंचे।
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लोगों का कहना है कि दोनों रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहे थे, इसी बीच प्लेटफॉर्म नंबर-एक पर शंटिंग कर रही मालगाड़ी के चपेट में दंपति आ गए। इससे अफरा-तफरी मच गई। बचाओ-बचाओ की आवाज लगाने लगे लेकिन देर हो चुकी थी। दोनों ने मौके पर दम तोड़ दिया। सूचना जीआरपी और आरपीएफ को दी गई।
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जीआरपी पहुंची और शव निकालने का प्रयास किया लेकिन प्लेटफॉर्म और ट्रेन के बीच स्थान कम होने के कारण जीआरपी की कोशिश कामयाब नहीं हुई। मशक्कत के बाद जीआरपी ने रमाशंकर का मोबाइल फोन हासिल किया और उससे घरवालों से संपर्क साधा।
रामपुर के गौरा निवासी चिंकू पुत्र रामविलास पुलिस की सूचना पर रेलवे स्टेशन पहुंचा, उसने दंपति की शिनाख्त बुआ और फूफा के रूप में की। रात 8:30 बजे तक शव रेलवे लाइन पर पड़ा रहा। सूचना के बाद भी सदर स्टेशन प्रबंधक ने पुलिस की मदद नहीं की। लापरवाही पर लोगों में काफी हंगामा मचाया। हंगामे को देखते हुए काफी पुलिस फोर्स जुट गई। अधिकारियों के समझाने पर लोग किसी तरह शांत हुए।