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लार रोड बाजार में आरपीएफ टीम को दुकानदारों ने घेरा
देवरिया
Updated Sun, 05 Feb 2017 10:52 PM IST
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लाररोड बाजार में आरपीएफ टीम को घेरे दुकानदार।
- फोटो : अमर उजाला
मईल। लार रोड बाजार में पहुंचे आरपीएफ के टीम को नाराज दुकानदारों ने घेरकर नारेबाजी किया। दुकानदारों ने अतिक्रमण के नाम पर उत्पीड़न और धन उगाही का आरोप लगाया। आरपीएफ के दरोगा के समझाने के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ। लार रोड रेलवे स्टेशन कैंपस में रेलवे की जमीन पर दुकानदारों को अतिक्रमण है।
एक सप्ताह पूर्व आरपीएफ की मौजूदगी में रेल प्रशासन ने अतिक्रमण खाली कराया था। बावजूद इसके दुकानदारों ने पुन: अतिक्रमण कर लिया। रविवार को करीब 10 बजे भटनी आरपीएफ के दरोगा के नेतृत्व में टीम लार रोड बाजार में पहुंची। दरोगा व सिपाही अतिक्रमणकारियों का नाम डायरी में नोट करने लगे। यह देख दुकानदार भड़क गए और अपनी दुकानें बंद कर आरपीएफ टीम को घेर लिया। नाराज दुकानदारों ने आरपीएफ सिपाहियों व दरोगा पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर धन उगाही करने और उत्पीड़न का आरोप लगाया।
दुकानदारों ने कहा कि अधिकांश लोगों की दुकान रेलवे द्वारा एलाट किया गया है। लेकिन आरपीएफ के लोग बेवजह परेशान कर रहे है। इस दौरान दुकानदारों और आरपीएफ जवानों के बीच झड़प भी हुई। मामला बढ़ता देख आरपीएफ की टीम बैकफुट पर आ गई। दरोगा ने व्यापारियों को काफी समझाया, तब जाकर मामला शांत हुआ। आरपीएफ इंस्पेक्टर पीएन पासवान ने बताया कि अतिक्रमण करने वालों की सूची बनाने गए थे। इस पर दुकानदार नाराज हो गए। धन उगाही और उत्पीड़न का आरोप निराधार है।
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एक सप्ताह पूर्व आरपीएफ की मौजूदगी में रेल प्रशासन ने अतिक्रमण खाली कराया था। बावजूद इसके दुकानदारों ने पुन: अतिक्रमण कर लिया। रविवार को करीब 10 बजे भटनी आरपीएफ के दरोगा के नेतृत्व में टीम लार रोड बाजार में पहुंची। दरोगा व सिपाही अतिक्रमणकारियों का नाम डायरी में नोट करने लगे। यह देख दुकानदार भड़क गए और अपनी दुकानें बंद कर आरपीएफ टीम को घेर लिया। नाराज दुकानदारों ने आरपीएफ सिपाहियों व दरोगा पर अतिक्रमण हटाने के नाम पर धन उगाही करने और उत्पीड़न का आरोप लगाया।
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दुकानदारों ने कहा कि अधिकांश लोगों की दुकान रेलवे द्वारा एलाट किया गया है। लेकिन आरपीएफ के लोग बेवजह परेशान कर रहे है। इस दौरान दुकानदारों और आरपीएफ जवानों के बीच झड़प भी हुई। मामला बढ़ता देख आरपीएफ की टीम बैकफुट पर आ गई। दरोगा ने व्यापारियों को काफी समझाया, तब जाकर मामला शांत हुआ। आरपीएफ इंस्पेक्टर पीएन पासवान ने बताया कि अतिक्रमण करने वालों की सूची बनाने गए थे। इस पर दुकानदार नाराज हो गए। धन उगाही और उत्पीड़न का आरोप निराधार है।
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