फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   pharmacist of mahen sold medicines

महेन के फार्मासिस्ट ने बेची थी सरकारी दवा

Mon, 27 May 2019 12:09 AM IST
deoria Published by: राकेश पांडेय Updated Mon, 27 May 2019 12:09 AM IST
विज्ञापन
pharmacist of mahen sold medicines
महेन में दवाओं का मिलान करते सीएमओ। - फोटो : amar ujala
देवरिया। लोगों की सेहत को लेकर फिक्रमंद सरकार अस्पतालों में बेहतर इलाज की व्यवस्था और दवाएं मुहैया कराने की कोशिश कर रही है, लेकिन स्वास्थ्यकर्मी दलालों से साठगांठ कर चंद रुपयों की लालच में दवा ही बेच दे रहे हैं। जिला अस्पताल कअलावा ग्रामीण अंचल के सरकारी अस्पतालों में भी दलालों का मजबूत नेटवर्क है। न्यू मेट्रो हॉस्पिटल में बरामद सरकारी दवाओं ने इस गोरखधंधे की पोल खोल दी है। अब तक ही छानबीन में बरामद दवाएं महेन पीएचसी से बेचे जाने की पुष्टि हुई है। उम्मीद की जा रही है कि विभाग की नाक बचाने के जिम्मेदार जल्द बड़ी कार्रवाई कर सकते हैं।
विज्ञापन

शहर के नर्सिंग होम संचालकों का सरकारी अस्पताल के डॉक्टर-कर्मचारियों से बेहतर तालमेल है। मानक को दरकिनार कर संचालित कई नर्सिंगहोम में सरकारी अस्पताल के डॉक्टर ऑपरेशन के लिए जाते हैं। कई बार छापेमारी में इसकी पुष्टि हो चुकी है, बावजूद इसके उनकी आदत में कोई सुधार नहीं हुआ। रामनाथ देवरिया के न्यू मेट्रो हॉस्पिटल में सरकारी दवाओं से इलाज करने का पहला मामला जरूर है, लेकिन यह खेल लंबे समय से चल रहा है। दवा बरामद होने के बाद सीएमओ टीम के साथ महेन पीएचसी पर पहुंचे। तीन घंटे प्रयास के बाद स्टॉक के मिलान में दवाएं कम मिलीं। सीएमओ ने सख्ती बरती तो फार्मासिस्ट रामविलास चौधरी ने दवा बेचने की बात स्वीकार की। फार्मासिस्ट ने बताया कि घर पर कोई बीमार था और रुपये की कमी थी। इसकी वजह से सरकारी दवाएं बेच दी थीं। फार्मासिस्ट की करतूत की जानकारी पीएचसी के डॉक्टर और कर्मचारियों को भी नहीं हुई। खुलासा होने के बाद सभी अवाक हो गए।
विज्ञापन


इनसेट
कुछ दिन पूर्व एक वीडियो हुआ था वॉयरल
देवरिया। न्यू मेट्रो हॉस्पिटल तो सिर्फ एक बानगी है। शहर में चलने वाले अन्य नर्सिंग होम संचालक सरकारी दवाओं का उपयोग करते हैं। जिला अस्पताल की इमरजेंसी और दवा वितरण कक्ष में दलालों की सक्रियता रही है। कुछ दिन पूर्व एक बैग में सरकारी दवाएं लेकर एक शख्स जा रहा था। कुछ लोगों ने दौड़ाया था। इसका वीडियो भी वायरल हुआ था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


पूर्व में हॉस्पिटल पर पड़ चुका है छापा
देवरिया। न्यू मेट्रो हॉस्पिटल पर पूर्व में भी कई बार छापेमारी हुई है, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण कार्रवाई नहीं होने से अस्पताल संचालक का मनोबल बढ़ता गया। शहर के एक मोहल्ले का रहने वाला संचालक विभागीय कर्मचारियों का चहेता है। इसके चलते कार्रवाई से स्वास्थ्यकर्मी मुंह मोड़ते हैं। रामनाथ देवरिया में भी एक अस्पताल मानक को दरकिनार कर चलता है। यहां पर दो-दो बार छापेमारी हुई, संचालक पर केस भी दर्ज हुआ। बावजूद अस्पताल बंद नहीं हुआ और विभागीय मिलीभगत से चल रहा है।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed