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‘बार’-‘गर्ल’ की खुमारी में भुला बैठे जिम्मेदारी
देवरिया
Updated Fri, 26 Aug 2016 10:54 PM IST
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भटनी थाने में आयोजन के दौरान शराब पीते पुलिसवाले।
- फोटो : अमर उजाला
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रवि राय
देवरिया। शराब की बोतल लेकर खुशी में झूम रहे पुलिसकर्मी इस कदर बावले हो गए कि उन्हें वर्दी के सम्मान की चिंता नहीं रही। थाने में आम लोगों को वर्दी की धौंस दिखाकर रौब गांठने वाले सिपाही साड़ी पहनकर स्टेज पर पहुंच गए। इलाके के लोगों के सामने खाकी की मर्यादा मिट्टी में मिल रही थी, जिम्मेदार दरोगा हाथ में जाम लेकर झूम रहे थे। कार्रवाई की जद में तीन पुलिसकर्मी आए जिन्होंने स्टेज पर चढ़कर ‘डर्टी डांस’ किया, जबकि थानेदार पर पूरी जिम्मेदारी डालकर सस्पेंड कर दिया गया।
पुलिस महकमे में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पुलिसकर्मी तैयारी में लगे रहे। थानों में अश्लील डांस और जबरदस्ती चंदा वसूली की शुरूआत काफी पहले से चली आ रही है।
लेकिन तत्कालीन डीजीपी विक्रम सिंह ने थाना परिसार में बालाओं के डांस और जबरदस्ती चंदा वसूली पर रोक लगा दिया। बावजूद इसके प्रदेश में कुछ जगहों पर शिकायत मिलती रही। गुरुवार की रात नशे में धुत भटनी थाने का चालक प्रेमचंद्र रजक साड़ी पहन कर स्टेज पर पहुंचा और महिला डांसर से छेड़खानी करने लगा।
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उसके हाथ में शराब की ग्लास मौजूद थी। अश्लील हरकतों का नजारा और नोटों की बरसात पर पुलिसकर्मी ताली बजा रहे थे। मंच के बगल में शराब सार्वजनिक रुप से परोसी जा रही थी। मानो थाना मॉडल शॉप बना गया हो। सिपाही बृजेश राय और एचसीपी रमेश सिंह अन्य लोगों को शराब परोसते नजर आए।
पीने पिलाने का दौर घंटों चला। मीडिया के लोगों ने कवरेज की कोशिश की, तो पुलिसवाले उलझ गए। सूत्रों की माने तो पूरे कार्यक्रम को आयोजक चालक प्रेमचंद्र रजक था। जिसे कुछ दिन पहले तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने थाने से हटा दिया था। उसकी तैनाती दूसरे थाने पर की गई थी लेकिन उनके जाते ही प्रेमचंद्र फिर से भटनी पहुंच गया और जश्न की तैयारियों में जुट गया।
सूत्रों की मानने तो भटनी थानेदार परमाशंकर यादव की लार डोल में ड्यूटी लगी थी। पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी थाने के करीब दस पुलिसकर्मियों पर थी। जिन्होंने पूरी पार्टी को अपने खर्च पर उठाया था
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देवरिया। शराब की बोतल लेकर खुशी में झूम रहे पुलिसकर्मी इस कदर बावले हो गए कि उन्हें वर्दी के सम्मान की चिंता नहीं रही। थाने में आम लोगों को वर्दी की धौंस दिखाकर रौब गांठने वाले सिपाही साड़ी पहनकर स्टेज पर पहुंच गए। इलाके के लोगों के सामने खाकी की मर्यादा मिट्टी में मिल रही थी, जिम्मेदार दरोगा हाथ में जाम लेकर झूम रहे थे। कार्रवाई की जद में तीन पुलिसकर्मी आए जिन्होंने स्टेज पर चढ़कर ‘डर्टी डांस’ किया, जबकि थानेदार पर पूरी जिम्मेदारी डालकर सस्पेंड कर दिया गया।
पुलिस महकमे में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार धूमधाम से मनाया जाता है। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए पुलिसकर्मी तैयारी में लगे रहे। थानों में अश्लील डांस और जबरदस्ती चंदा वसूली की शुरूआत काफी पहले से चली आ रही है।
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लेकिन तत्कालीन डीजीपी विक्रम सिंह ने थाना परिसार में बालाओं के डांस और जबरदस्ती चंदा वसूली पर रोक लगा दिया। बावजूद इसके प्रदेश में कुछ जगहों पर शिकायत मिलती रही। गुरुवार की रात नशे में धुत भटनी थाने का चालक प्रेमचंद्र रजक साड़ी पहन कर स्टेज पर पहुंचा और महिला डांसर से छेड़खानी करने लगा।
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उसके हाथ में शराब की ग्लास मौजूद थी। अश्लील हरकतों का नजारा और नोटों की बरसात पर पुलिसकर्मी ताली बजा रहे थे। मंच के बगल में शराब सार्वजनिक रुप से परोसी जा रही थी। मानो थाना मॉडल शॉप बना गया हो। सिपाही बृजेश राय और एचसीपी रमेश सिंह अन्य लोगों को शराब परोसते नजर आए।
पीने पिलाने का दौर घंटों चला। मीडिया के लोगों ने कवरेज की कोशिश की, तो पुलिसवाले उलझ गए। सूत्रों की माने तो पूरे कार्यक्रम को आयोजक चालक प्रेमचंद्र रजक था। जिसे कुछ दिन पहले तत्कालीन एसपी प्रभाकर चौधरी ने थाने से हटा दिया था। उसकी तैनाती दूसरे थाने पर की गई थी लेकिन उनके जाते ही प्रेमचंद्र फिर से भटनी पहुंच गया और जश्न की तैयारियों में जुट गया।
सूत्रों की मानने तो भटनी थानेदार परमाशंकर यादव की लार डोल में ड्यूटी लगी थी। पूरे कार्यक्रम की जिम्मेदारी थाने के करीब दस पुलिसकर्मियों पर थी। जिन्होंने पूरी पार्टी को अपने खर्च पर उठाया था