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दहेज हत्या के मामले में पति को उम्रकैद
देवरिया
Updated Wed, 21 Sep 2016 11:41 PM IST
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देवरिया (ब्यूरो)। दहेेज हत्या में कोर्ट ने पति को आजीवन कारावास, सास और ससुर को सात साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक को दस-दस हजार रुपये अर्थदंड लगाया है। सदर कोतवाली के बांस देवरिया निवासी निर्गुन पाल की बहन देवंती की शादी 29 नवंबर-2008 को खुखुंदू के करकटही गांव में हुई थी।
शादी में पति और ससुर ने सोने की चेन की मांग की। मान मनौव्वल के बाद माने और 30 नवंबर-2008 को देवंती ससुराल गई। ससुराल में सोने की चेन की मांग की जाने लगी। पति कन्हैैया, ससुर राम सकल, सास गीता ने तंग करना शुरू कर दिया। देवंती देवी फोन कर भाई को बताया कि ससुराल वाले खाना नहीं देते हैं, प्रताड़ित करते हैं। यदि विदाई नहीं हुई तो हत्या कर देंगे।
19 अप्रैल 2010 को देवंती की मौत की सूचना मिली। निर्गुन भाई छविलाल के साथ करकटही गया, जहां उसकी बहन की लाश बाहर पड़ी थी। शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस को तहरीर दी लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। पुलिस ने शव का पीएम कराया। निर्गुन ने कोर्ट की शरण ली। अपर जिला सत्र न्यायाधीश कालीचरन की अदालत ने उभय पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दहेज हत्या का दोषी करार दिया।
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शादी में पति और ससुर ने सोने की चेन की मांग की। मान मनौव्वल के बाद माने और 30 नवंबर-2008 को देवंती ससुराल गई। ससुराल में सोने की चेन की मांग की जाने लगी। पति कन्हैैया, ससुर राम सकल, सास गीता ने तंग करना शुरू कर दिया। देवंती देवी फोन कर भाई को बताया कि ससुराल वाले खाना नहीं देते हैं, प्रताड़ित करते हैं। यदि विदाई नहीं हुई तो हत्या कर देंगे।
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19 अप्रैल 2010 को देवंती की मौत की सूचना मिली। निर्गुन भाई छविलाल के साथ करकटही गया, जहां उसकी बहन की लाश बाहर पड़ी थी। शरीर पर चोट के निशान थे। पुलिस को तहरीर दी लेकिन केस दर्ज नहीं हुआ। पुलिस ने शव का पीएम कराया। निर्गुन ने कोर्ट की शरण ली। अपर जिला सत्र न्यायाधीश कालीचरन की अदालत ने उभय पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दहेज हत्या का दोषी करार दिया।
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