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जहरखुरानी का शिकार शख्स 4 दिन से लापता
ब्यूरो अमर उजाला/ देवरिया
Updated Thu, 23 Jun 2016 11:10 PM IST
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जहर खुरानी का शिकार लापता प्रेमचन्द्र।
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जहरखुरानी के शिकार रेलयात्री के मामले में जीआरपी की लापरवाही सामने आई है। बेहोशी की हालत में जीआरपी को मिले रेलयात्री का नाम पता नोट कर उसे छोड़ दिया गया। चार दिन बाद भी वह घर नहीं पहुंचा है। परेशान रिश्तेदार जब जीआरपी में गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे तो जीआरपी को गलती का एहसास हुआ।
भलुअनी थाना के बेलासपुर निवासी प्रेमचंद्र राजभर (45) आसाम में चाय बागान में नौकरी करता है। रविवार को दिन में तीन बजे प्रेमचंद्र आसाम के फुरकाटिंग रेलवे स्टेशन से देवरिया के लिए चला। लेकिन वह गुरुवार तक घर नहीं पहुंचा तो उनके रिश्तेदार मईल के नरसिंहडाड निवासी तारकेश्वर राजभर जीआरपी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे। वहां पता चला कि प्रेमचंद्र राजभर जहरखुरानी का शिकार हो गया था।
वह सोमवार की रात जीआरपी को बेहोशी की हालत में रेलवे स्टेशन पर मिला था। होश आने पर उसने जीआरपी को अपना नाम पता बताया। उसका नाम पता नोट करने के बाद उसे जाने दिया गया। रिश्तेदार तारकेश्वर का आरोप है कि जीआरपी की लापरवाही के कारण उसका साला घर नहीं पहुंचा है। यदि जीआरपी ने सूचना दे दी होती तो परिवार के लोग आ गए होते। उसने एसपी जीआरपी गोरखपुर को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
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भलुअनी थाना के बेलासपुर निवासी प्रेमचंद्र राजभर (45) आसाम में चाय बागान में नौकरी करता है। रविवार को दिन में तीन बजे प्रेमचंद्र आसाम के फुरकाटिंग रेलवे स्टेशन से देवरिया के लिए चला। लेकिन वह गुरुवार तक घर नहीं पहुंचा तो उनके रिश्तेदार मईल के नरसिंहडाड निवासी तारकेश्वर राजभर जीआरपी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने पहुंचे। वहां पता चला कि प्रेमचंद्र राजभर जहरखुरानी का शिकार हो गया था।
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वह सोमवार की रात जीआरपी को बेहोशी की हालत में रेलवे स्टेशन पर मिला था। होश आने पर उसने जीआरपी को अपना नाम पता बताया। उसका नाम पता नोट करने के बाद उसे जाने दिया गया। रिश्तेदार तारकेश्वर का आरोप है कि जीआरपी की लापरवाही के कारण उसका साला घर नहीं पहुंचा है। यदि जीआरपी ने सूचना दे दी होती तो परिवार के लोग आ गए होते। उसने एसपी जीआरपी गोरखपुर को पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है।
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